शराब घोटाले के काले धन से बने कांग्रेस कार्यालय, सभी भवनों को राजसात करे सरकार: संतोष पांडे
भूपेश सरकार थी पूरी पार्टी का ‘एटीएम’; 3,200 करोड़ के शराब घोटाले में 20 व्यक्तियों व 22 फर्मों पर पेश हुआ चालान: सांसद संतोष पाण्डेय

रायपुर। छत्तीसगढ़ में बहुचर्चित 3,200 करोड़ रुपये से अधिक के शराब घोटाले को लेकर भारतीय जनता पार्टी ने पूर्ववर्ती भूपेश बघेल सरकार और कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व पर सीधा और तीखा हमला बोला है। भाजपा के मुख्य प्रदेश प्रवक्ता एवं राजनांदगांव सांसद संतोष पाण्डेय ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि कांग्रेस के पाँच वर्षों के कुशासन में प्रदेश को कोयला, शराब और सट्टे के सिंडिकेट के जरिए बेरहमी से लूटा गया। उन्होंने दावा किया कि इस संगठित लूट और अवैध वसूली के पैसों से ही कांग्रेस के भव्य कार्यालय खड़े किए गए हैं, इसलिए प्रदेश के सभी कांग्रेस कार्यालयों को तत्काल प्रभाव से राजसात किया जाना चाहिए।
रायपुर स्थित एकात्म परिसर में आयोजित एक विशेष पत्रकार वार्ता को सम्बोधित करते हुए सांसद संतोष पाण्डेय ने शराब घोटाले में पेश चालान के कई सनसनीखेज तथ्यों का खुलासा किया। इस दौरान लौह शिल्पकार बोर्ड के अध्यक्ष प्रफुल्ल विश्वकर्मा भी उनके साथ उपस्थित रहे।
सांसद संतोष पाण्डेय ने बताया कि जाँच एजेंसियों ने 3,200 करोड़ रुपये से अधिक के शराब घोटाले के सिलसिले में 20 व्यक्तियों तथा 22 फर्मों/कंपनियों के विरुद्ध विस्तृत चालान पेश कर दिया है। इस सिंडिकेट में कांग्रेस के पूर्व कोषाध्यक्ष रामगोपाल अग्रवाल, यश टुटेजा, अनवर ढेबर, बी.आर. लोहिया, कुमार भाई ठक्कर उर्फ रंजन ठक्कर (फरार), प्रवीण केडिया, राजेंद्र जायसवाल, चुन्नू जायसवाल, भूपेंद्र पाल सिंह भाटिया, गोल्डी भाटिया और प्रिंस भाटिया समेत कई रसूखदारों व सिंडिकेट संचालकों के नाम शामिल हैं।
घोटाले की कार्यप्रणाली (Modus Operandi) की विस्तृत जानकारी देते हुए पाण्डेय ने बताया कि यह घोटाला सुनियोजित तरीके से कई स्तरों पर अंजाम दिया गया:
- कमीशन वसूली व पार्ट-बी शराब: डिस्टिलरी संचालकों से वैध शराब की आपूर्ति पर प्रति पेटी तय कमीशन वसूला गया। इसके अलावा, बिना किसी सरकारी रिकॉर्ड या आबकारी शुल्क के अवैध देशी शराब (‘पार्ट-बी शराब’) तैयार कराकर सरकारी शराब दुकानों के माध्यम से बेची गई।
- फर्जी परमिट व अतिरिक्त बोतलें: अवैध शराब को ठिकाने लगाने के लिए अतिरिक्त खाली बोतलों की व्यवस्था की गई और फर्जी परिवहन परमिटों के जरिए उसे दुकानों तक पहुँचाया गया। इसकी नकद बिक्री का पूरा पैसा सिंडिकेट के समानांतर खाते में जाता था।
- विदेशी शराब पर कमीशन: एफएल-10ए (FL-10A) लाइसेंसी फर्मों के जरिए विदेशी ब्रांड्स की आपूर्ति पर भारी कमीशन बटोरा गया।
- हवाला और अनसिक्योर्ड लोन: इस अवैध काली कमाई को हवाला और आंगड़िया नेटवर्क के जरिए देश के बड़े महानगरों से लेकर विदेश (दुबई) तक भेजा गया। बाद में इसी नकद राशि को बैंक एंट्रीज के जरिए ‘अनसिक्योर्ड लोन’ दिखाकर जमीन और अन्य अचल संपत्तियों में निवेश किया गया।
- लॉकडाउन में भी लूट: चालान में इस बात के पुख्ता प्रमाण मौजूद हैं कि कोरोना महामारी के भीषण लॉकडाउन के दौरान सिलतरा (रायपुर) स्थित एन.वी. डिस्टिलरी में नया उत्पादन कर और गोदामों में रखी शराब को होटल-बारों के माध्यम से अवैध रूप से खपाया गया।
भाजपा मुख्य प्रवक्ता ने मांग उठाई कि राजधानी रायपुर स्थित कांग्रेस के प्रदेश मुख्यालय ‘राजीव भवन’ के निर्माण से जुड़े सभी वित्तीय दस्तावेज और बही-खाते सार्वजनिक किए जाएं, ताकि जनता जान सके कि किन पैसों से यह ढांचा तैयार हुआ है। उन्होंने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल पूरी कांग्रेस पार्टी के लिए “एटीएम” की भूमिका निभा रहे थे। ऐसे संगठित और संस्थागत भ्रष्टाचार को देखते हुए चुनाव आयोग को कांग्रेस की राजनीतिक मान्यता रद्द करने पर विचार करना चाहिए।
संतोष पाण्डेय ने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और केंद्रीय नेतृत्व पर निशाना साधते हुए कहा कि वे छत्तीसगढ़ की जनता से सार्वजनिक माफी मांगें और घोटाले में संलिप्त दागी नेताओं को तत्काल प्रभाव से पार्टी के दायित्वों से बर्खास्त करें। यदि केंद्रीय नेतृत्व ऐसा नहीं करता है, तो यह स्पष्ट हो जाएगा कि इस लूट में उनकी भी सीधी मौन सहमति थी।
उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि जिन्होंने छत्तीसगढ़ के प्राकृतिक संसाधनों, राजस्व और जनता के भरोसे की चोरी की, वे आज वोट चोरी का रोना रो रहे हैं। कांग्रेस ने प्रदेश को देश भर में कलंकित किया है।
भाजपा सांसद ने चेतावनी दी कि पार्टी इस घोटाले से जुड़े सभी साक्ष्य जुटाकर महामहिम राज्यपाल, भारत निर्वाचन आयोग तथा अन्य केंद्रीय संवैधानिक संस्थाओं को औपचारिक ज्ञापन सौंपेगी और दोषियों के खिलाफ कठोरतम कार्रवाई सुनिश्चित कराएगी।



