छत्तीसगढ़ मौसम पूर्वानुमान 26 जून 2026: मानसून की दस्तक से बदलेगा मौसम का मिजाज, जानिए रायपुर सहित अन्य जिलों का पूरा हाल
मौसम विभाग ने जारी किया गरज-चमक के साथ बारिश का अलर्ट, जानिए खेती किसानी और बाजार में अनाज व सब्जियों के दामों पर क्या पड़ेगा असर।

रायपुर, 26 जून 2026: छत्तीसगढ़ राज्य में मानसून की सक्रियता बढ़ने के साथ ही मौसम के मिजाज में बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) की नवीनतम रिपोर्ट के अनुसार, दक्षिण-पश्चिम मानसून अब तेजी से पूरे प्रदेश में अपनी पकड़ मजबूत कर रहा है। मौसमी प्रणालियों के सक्रिय होने से राज्य के विभिन्न हिस्सों में आंधी-तूफान के साथ झमाझम बारिश की गतिविधियां शुरू हो चुकी हैं। यह बदलाव प्रदेशवासियों को भीषण गर्मी से राहत दिलाने वाला तो है ही, साथ ही कृषि क्षेत्र के लिए भी इसके बेहद महत्वपूर्ण निहितार्थ माने जा रहे हैं।
मानसून का खेती-किसानी पर असर
वर्तमान मौसमी परिस्थितियों का प्रदेश की कृषि व्यवस्था पर सीधा और गहरा असर देखने को मिल रहा है। खरीफ सीजन की मुख्य फसल धान के लिए यह मानसूनी बारिश किसी अमृत से कम नहीं मानी जा रही है। प्रदेश भर के किसान इस समय अपने खेतों को तैयार करने, बुवाई करने और धान का थरहा यानी नर्सरी लगाने के कार्यों में पूरी गति से जुट गए हैं। समय पर हो रही इस मानसूनी बारिश से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई मजबूती मिलने की पूरी संभावना जताई जा रही है।
अनाज और सब्जियों के दामों में उतार-चढ़ाव
खेती के लिए अनुकूल होने के बावजूद इस शुरुआती मानसूनी बारिश का स्थानीय मंडियों पर तात्कालिक असर भी पड़ा है। लगातार हो रही बौछारों और ग्रामीण इलाकों में जलभराव के कारण खेतों से हरी सब्जियों को तोड़कर मुख्य मंडियों तक पहुंचाने की रफ्तार थोड़ी धीमी हुई है। इसके चलते रायपुर के स्थानीय बाजारों में टमाटर, धनिया पत्ती, हरी मिर्च, अदरक और लौकी जैसी जरूरी सब्जियों की आवक कम हो गई है। आवक घटने की वजह से इन हरी सब्जियों के दामों में पिछले सप्ताह की तुलना में पंद्रह से बीस प्रतिशत तक की मामूली तेजी दर्ज की गई है।
अनाज मंडियों की बात करें तो वर्तमान में धान, गेहूं और दलहनी फसलों के दामों में स्थिरता बनी हुई है। व्यापारियों का मानना है कि यदि आगामी दिनों में मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार निरंतर और संतुलित बारिश होती है, तो फसलों की बंपर पैदावार होगी जिससे आने वाले समय में अनाज और आवश्यक खाद्य वस्तुओं की कीमतें पूरी तरह से नियंत्रित और स्थिर रहेंगी।
रायपुर का कल का मौसम और तापमान चार्ट
राजधानी रायपुर के स्थानीय मौसम की बात करें तो कल 26 जून 2026 को बादलों की आवाजाही के साथ गरज-चमक की प्रबल संभावना बनी हुई है। कल के दिन का पूरा तापमान और मौसमी संकेतक नीचे दी गई तालिका में विस्तार से प्रस्तुत है।
| मौसम मानक (Weather Parameters) | रायपुर स्थानीय विवरण (Raipur Details) |
|---|---|
| सूर्योदय का समय (Sunrise) | सुबह 05 बजकर 27 मिनट |
| सूर्यास्त का समय (Sunset) | शाम को 07 बजकर 13 मिनट |
| अधिकतम तापमान (Max Temp) | 36 डिग्री सेल्सियस |
| न्यूनतम तापमान (Min Temp) | 27 डिग्री सेल्सियस |
| दिन का मौसम संकेत (Day Forecast) | बिखरी गरज-चमक के साथ बौछारें (Scattered Thunderstorms) |
| रात का मौसम संकेत (Night Forecast) | आंशिक रूप से बादल छाए रहेंगे (Partly Cloudy) |
| दिन में बारिश की संभावना (Day Rain %) | 50 प्रतिशत |
| रात में बारिश की संभावना (Night Rain %) | 20 प्रतिशत |
| हवा की गति और दिशा (Wind Speed/Dir) | 7 मील प्रति घंटा, दक्षिणी दिशा से |
| पराबैंगनी सूचकांक (UV Index) | 10 (बेहद उच्च) |
छत्तीसगढ़ राज्य स्तरीय मौसम विवरण
पूरे छत्तीसगढ़ राज्य के स्तर पर मौसम की बात करें तो अरब सागर और बंगाल की खाड़ी से आने वाली ठंडी और नम हवाओं के आपस में टकराने के कारण राज्य के वायुमंडल में एक मजबूत कम दबाव का क्षेत्र विकसित हो रहा है। पूरे राज्य के लिए कल का मौसम विवरण इस तालिका के माध्यम से समझा जा सकता है।
| मौसम मानक (Weather Parameters) | छत्तीसगढ़ राज्य औसत (State Average) |
|---|---|
| औसत अधिकतम तापमान (Max Temp) | 36 डिग्री सेल्सियस |
| औसत न्यूनतम तापमान (Min Temp) | 27 डिग्री सेल्सियस |
| दिन में बारिश की संभावना (Day Rain %) | 50 प्रतिशत |
| रात में बारिश की संभावना (Night Rain %) | 35 प्रतिशत |
| हवा की गति (Wind Speed) | 6 मील प्रति घंटा |
| हवा की मुख्य दिशा (Wind Direction) | दक्षिणी (Southern) |
अलर्ट और चेतावनी की स्थिति
मौसम विज्ञान केंद्र ने राज्य के अलग-अलग अंचलों के लिए आधिकारिक चेतावनी और अलर्ट भी जारी किया है। राहत की बात यह है कि छत्तीसगढ़ के किसी भी जिले के लिए मौसम विभाग द्वारा अत्यधिक विनाशकारी या बाढ़ जैसी स्थिति पैदा करने वाली भारी बारिश का रेड अलर्ट या ऑरेंज अलर्ट जारी नहीं किया गया है। मौसम विभाग ने स्थिति को पूरी तरह नियंत्रण में बताया है। हालांकि, सुरक्षा के लिहाज से जारी येलो अलर्ट का विवरण नीचे तालिका में दिया गया है।
| अलर्ट का प्रकार (Alert Type) | प्रभावित क्षेत्र और जिले (Affected Areas) | मौसम विभाग की चेतावनी (IMD Warning) |
|---|---|---|
| रेड अलर्ट (Red Alert) | कोई भी जिला नहीं | स्थिति पूरी तरह सामान्य और सुरक्षित है। |
| ऑरेंज अलर्ट (Orange Alert) | कोई भी जिला नहीं | अत्यधिक भारी बारिश की कोई आशंका नहीं है। |
| येलो अलर्ट (Yellow Alert) | रायपुर, दुर्ग, बिलासपुर, सरगुजा, बस्तर, राजनांदगांव, रायगढ़, जांजगीर-चांपा, धमतरी, महासमुंद, कांकेर | तेज हवाओं के साथ आकाशीय बिजली चमकने और मध्यम दर्जे की मानसूनी बौछारें पड़ने की पीली चेतावनी। |
नागरिकों और किसानों के लिए जरूरी सुरक्षा निर्देश
मौसम के इस बदलते मिजाज और येलो अलर्ट को देखते हुए मौसम वैज्ञानिकों ने आम नागरिकों और विशेष रूप से ग्रामीण इलाकों में काम करने वाले किसान भाइयों के लिए एक बेहद जरूरी और सामान्य सुरक्षा निर्देश जारी किया है।
- खुले स्थान से बचें: विभाग ने कहा है कि गरज-चमक और बिजली कड़कने के दौरान किसी भी परिस्थिति में खुले आसमान के नीचे न रहें। खेतों में काम कर रहे किसान भाई बिजली कड़कने की आवाज सुनते ही तुरंत सुरक्षित स्थानों या पक्के मकानों की शरण लें।
- पेड़ों और खंभों से दूरी: नागरिकों को सख्त हिदायत दी गई है कि वे आकाशीय बिजली के दौरान बड़े और अकेले खड़े पेड़ों के नीचे, लोहे के खंभों के पास या जल स्रोतों के आसपास बिल्कुल भी न जाएं, क्योंकि इन जगहों पर आकाशीय बिजली गिरने का खतरा सबसे अधिक होता है।
- वाहन चलाते समय सावधानी: तेज आंधी के समय दोपहिया वाहन चालकों को भी सावधानी बरतने और सुरक्षित स्थानों पर वाहन रोकने का सुझाव दिया गया है।
डिस्क्लेमर: यह मौसम पूर्वानुमान भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) द्वारा जारी आधिकारिक आंकड़ों, सैटेलाइट तस्वीरों और विश्वसनीय मौसम संबंधी जानकारियों पर आधारित है। मौसम एक परिवर्तनशील विधा है, जिसमें स्थानीय परिस्थितियों के कारण तात्कालिक बदलाव संभव हैं। www.the4thpillar.live इस लेख में दी गई मौसम संबंधी जानकारियों के आधार पर किसी भी प्रकार के व्यक्तिगत या व्यावसायिक निर्णयों से होने वाले लाभ या नुकसान के लिए जिम्मेदार नहीं होगा। पाठक नवीनतम और सटीक जानकारी के लिए समय-समय पर सरकारी मौसम बुलेटिन का भी अवलोकन करते रहें।



