महासमुंद के कोडार जलाशय में पानी की बंपर आवक: वेस्ट वेयर से छलका पानी, निचले इलाकों में अलर्ट जारी; किसानों के चेहरे खिले
महासमुंद के शहीद वीर नारायण सिंह कोडार जलाशय में पानी की भारी आवक के बाद वेस्ट वेयर से पानी छलकना शुरू। निचले इलाकों में अलर्ट जारी, सिंचाई संकट खत्म होने से किसानों में खुशी।

जलाशय के वेस्ट वेयर से पानी बहने का यह मनमोहक और अद्भुत नजारा देखने के लिए स्थानीय ग्रामीणों के साथ-साथ पर्यटकों की भीड़ भी जुटने लगी है। हालांकि, पानी के भारी तेज बहाव को देखते हुए जल संसाधन विभाग और जिला प्रशासन पूरी तरह से सतर्क हो गया है। किसी भी संभावित खतरे को टालने के लिए बांध के निचले तटीय इलाकों और आसपास के गांवों में अलर्ट जारी कर दिया गया है।
जल संसाधन विभाग से मिली ताजा जानकारी के मुताबिक, पिछले कुछ दिनों से कैचमेंट एरिया में हो रही निरंतर बारिश की वजह से कोडार डैम में जलस्तर तेजी से बढ़ा है। पानी का इनफ्लो इतना अधिक था कि जलाशय अपनी पूर्ण जलभराव क्षमता (फुल रिज़र्वॉयर लेवल) तक पहुंच गया, जिसके बाद अधिशेष पानी वेस्ट वेयर के रास्ते नदी में स्वतः डिस्चार्ज होने लगा। इंजीनियरों की टीम मौके पर तैनात है और बांध में पानी के इनफ्लो तथा आउटफ्लो पर 24 घंटे लगातार नजर रखी जा रही है।
प्रशासनिक अधिकारियों ने सुरक्षा के दृष्टिकोण से कोडार नदी के तटवर्ती गांवों के निवासियों को सतर्क रहने की सख्त सलाह दी है। निचले इलाकों में बसे ग्रामीणों, किसानों और पशुपालकों से अपील की गई है कि वे नदी के करीब या निचले टापुओं पर न जाएं। इसके अलावा, वेस्ट वेयर से बहते तेज पानी में सेल्फी लेने, नहाने या स्टंट करने वाले युवाओं को रोकने के लिए मौके पर पुलिस बल और सुरक्षाकर्मियों की तैनाती की गई है।
दूसरी तरफ, कोडार जलाशय के शत-प्रतिशत भरने और वेस्ट वेयर के जलमग्न होने से महासमुंद जिले के किसान समुदाय में खुशी की लहर दौड़ गई है। जिले में जारी खरीफ फसल के सीजन में इस बार सिंचाई को लेकर अनिश्चितता बनी हुई थी, लेकिन बांध के लबालब होने से अब किसानों की चिंता पूरी तरह दूर हो गई है। किसानों का कहना है कि जलाशय में पर्याप्त जल भंडारण होने से न सिर्फ इस साल खरीफ धान की फसल को भरपूर पानी मिलेगा, बल्कि रबी सीजन में भी गेहूं, चना और सब्जियों की फसलों के लिए सिंचाई संकट पैदा नहीं होगा।
स्थानीय प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि कोडार बांध का नजारा इस समय बेहद खूबसूरत दिखाई दे रहा है। चारों ओर फैली हरियाली के बीच सफेद चादर की तरह वेस्ट वेयर से गिरता पानी हर किसी को अपनी ओर आकर्षित कर रहा है। वीकेंड और छुट्टी का दिन होने के कारण महासमुंद, रायपुर और आसपास के शहरों से काफी संख्या में सैलानी मौसम का आनंद लेने कोडार पहुंच रहे हैं। पर्यटन स्थल के रूप में उभरे इस क्षेत्र में किसी अप्रिय घटना को रोकने के लिए कोटवारों और मैदानी कर्मचारियों को भी लगातार मुनादी कराने का निर्देश दिया गया है।
सिंचाई विभाग के अधिकारियों ने बताया कि यदि कैचमेंट एरिया में बारिश का सिलसिला इसी तरह जारी रहता है, तो वेस्ट वेयर से पानी का बहाव और अधिक बढ़ सकता है। ऐसी स्थिति में जल निकासी का स्तर नियंत्रित करने के लिए हर संभव एहतियाती कदम उठाए जा रहे हैं। फिलहाल बांध पूरी तरह सुरक्षित है और सभी हाइड्रोलिक संरचनाओं की नियमित निगरानी की जा रही है।
कोडार जलाशय का लबालब होना सिर्फ महासमुंद जिले के लिए ही नहीं, बल्कि आसपास के भूमिगत जलस्तर (ग्राउंड वॉटर लेवल) को रीचार्ज करने के लिहाज से भी एक बेहद राहत भरी और अच्छी खबर माना जा रहा है। भूजल स्तर में सुधार आने से आगामी भीषण गर्मी के दिनों में भी क्षेत्र में पेयजल की किल्लत नहीं होगी।
प्रशासन ने एक बार फिर आम जनता और पर्यटकों से सहयोग की अपील करते हुए सुरक्षा नियमों का पालन करने की हिदायत दी है। पानी के तेज बहाव वाले स्थानों से उचित दूरी बनाए रखने और अधिकारियों द्वारा समय-समय पर जारी की जाने वाली गाइडलाइंस का पालन करने का आग्रह किया गया है, ताकि प्राकृतिक सुंदरता का आनंद बिना किसी जोखिम के लिया जा सके।



