रायपुर में व्हाट्सएप APK फाइल डाउनलोड होते ही कारोबारी के खातों से 4.15 लाख रुपये पार
रायपुर के लाभांडी निवासी कारोबारी तनुज अग्रवाल के मोबाइल पर ऑटो डाउनलोड हुई अज्ञात APK फाइल से ठगों ने तीन घंटे में 4.15 लाख रुपये उड़ा दिए, जांच शुरू।

वारदात वाले दिन सुबह 9:45 बजे से दोपहर 12 बजे के बीच महज़ सवा दो घंटे की अवधि में इस डिजिटल धोखाधड़ी को अंजाम दिया गया। साइबर अपराधियों ने पहले पीड़ित के बैंक ऑफ इंडिया क्रेडिट कार्ड को निशाना बनाते हुए उससे 69,998 रुपये 97 पैसे ट्रांसफर किए। इसके तुरंत बाद यूनियन बैंक के चालू खाते में एक्सेस बनाकर यूपीआई के माध्यम से 3,45,530 रुपये 95 पैसे की अतिरिक्त निकासी कर ली। लगातार पैसे कटने के मैसेज मिलने पर 35 वर्षीय कारोबारी को ठगी का पता चला।
कारोबारी ने तत्काल केंद्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल पर दो अलग-अलग शिकायतें दर्ज कराईं और उसके बाद 17 सितंबर को खम्हारडीह थाने पहुंचकर लिखित आवेदन सौंपा। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने अज्ञात आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता और आईटी एक्ट की धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज की है। पुलिस की टेक्निकल टीम उस संदिग्ध फाइल की फॉरेंसिक जांच कर रही है और जिन खातों में राशि ट्रांसफर हुई है, उनकी जानकारी जुटाने के लिए संबंधित बैंकों को नोटिस भेजा गया है।
पुलिस साइबर सेल ने नागरिकों को सतर्क रहने की चेतावनी देते हुए व्हाट्सएप पर मीडिया और फाइल ऑटो-डाउनलोड विकल्प को तुरंत बंद करने का निर्देश दिया है। अनजान नंबरों से आए किसी भी एपीके, पीडीएफ या जीप फॉर्मेट के लिंक को खोलने से बचना जरूरी है, क्योंकि ऐसे पे-लोड डिवाइस में स्थापित होते ही बैंक विवरण और एसएमएस एक्सेस चुरा लेते हैं। साइबर पुलिस ट्रांजैक्शन ट्रेल और संदिग्ध आईपी एड्रेस का मिलान कर आरोपियों की पहचान में जुटी है।


