लालबागचा राजा के दरबार में दूसरे दिन 88.90 लाख का चढ़ावा, दो दिन में दान 1.37 करोड़ पार
मुंबई के लालबागचा राजा को गणेश उत्सव के दूसरे दिन 88.90 लाख रुपये नकद, 226.120 ग्राम सोना और 5516 ग्राम चांदी चढ़ाई गई।

रायपुर, 17 सितंबर 2026: मुंबई के प्रसिद्ध लालबागचा राजा के दरबार में गणेश उत्सव के दूसरे दिन श्रद्धालुओं ने 88 लाख 90 हजार रुपये का नकद चढ़ावा चढ़ाया। इसके साथ ही 226.120 ग्राम सोना और 5516.000 ग्राम चांदी भी अर्पित की गई। दो दिनों का कुल नकद दान 1 करोड़ 37 लाख 40 हजार रुपये तक पहुंच गया है। गणेश उत्सव के शुरुआती दिनों में ही लालबागचा राजा के प्रति श्रद्धालुओं की आस्था और दान की परंपरा का बड़ा रूप सामने आया है।

दूसरे दिन मिले 88 लाख 90 हजार रुपये में 59 लाख 60 हजार रुपये स्टेज बॉक्स के जरिए जमा हुए, जबकि 29 लाख 30 हजार रुपये कलर बॉक्स में चढ़ाए गए। मंदिर परिसर में दर्शन के लिए पहुंचने वाले श्रद्धालु अपनी श्रद्धा के अनुसार नकद राशि, सोने-चांदी के आभूषण और पूजन सामग्री अर्पित कर रहे हैं। दान की राशि अलग-अलग बॉक्स में जमा की जाती है, जिससे नकद चढ़ावे का हिसाब रखा जा सके।
गणेश उत्सव के पहले दिन भी लालबागचा राजा के दरबार में 48 लाख 50 हजार रुपये का दान मिला था। इसमें स्टेज बॉक्स में 27 लाख 50 हजार रुपये और कलर बॉक्स में 21 लाख रुपये जमा हुए थे। इस तरह पहले और दूसरे दिन का कुल नकद चढ़ावा 1 करोड़ 37 लाख 40 हजार रुपये हो गया। पिछले वर्ष उत्सव के पहले दिन 46 लाख रुपये का दान प्राप्त हुआ था।
सोने-चांदी के चढ़ावे में भी दूसरे दिन बढ़ोतरी दर्ज की गई। श्रद्धालुओं ने 226.120 ग्राम सोना और 5516.000 ग्राम चांदी अर्पित की। पहले दिन 66.770 ग्राम सोना और 2806.000 ग्राम चांदी चढ़ाई गई थी। दोनों दिनों के आंकड़ों को मिलाकर अब तक 292.890 ग्राम सोना और 8322.000 ग्राम चांदी दान में प्राप्त हो चुकी है। ये आंकड़े नकद दान के साथ मंदिर में अर्पित की जा रही कीमती धातुओं की मात्रा को भी सामने रखते हैं।
मुंबई में गणेश चतुर्थी के साथ ही सार्वजनिक गणेश मंडलों में दर्शन और पूजा का सिलसिला शुरू हो जाता है। लालबागचा राजा का दरबार इनमें सबसे अधिक श्रद्धालुओं को आकर्षित करने वाले प्रमुख केंद्रों में शामिल है। देश के अलग-अलग हिस्सों से लोग यहां पहुंचते हैं। कई श्रद्धालु अपनी मनोकामना पूरी होने के बाद दान करने की परंपरा निभाते हैं, जबकि कुछ लोग परिवार की खुशहाली, स्वास्थ्य, संतान सुख और कारोबार में सफलता की कामना के साथ पूजा-अर्चना करते हैं।
लालबागचा राजा के दरबार में नकद दान के साथ सोने और चांदी के आभूषण चढ़ाने की परंपरा भी पुरानी है। श्रद्धालु अपनी क्षमता के अनुसार दान करते हैं। किसी के लिए छोटी नकद राशि श्रद्धा का प्रतीक होती है तो कोई आभूषण या अन्य पूजन सामग्री अर्पित करता है। गणेश उत्सव के दौरान इस तरह के चढ़ावे को धार्मिक आस्था और व्यक्तिगत संकल्प से जोड़कर देखा जाता है।
गणेश उत्सव की शुरुआत 14 सितंबर 2026 को हुई है। यह पर्व सामान्यतः 10 दिनों तक चलता है और अनंत चतुर्दशी के दिन गणपति विसर्जन के साथ इसका समापन होता है। इन दिनों मुंबई में विभिन्न गणेश मंडलों में पूजा, आरती और दर्शन का कार्यक्रम चलता है। लालबागचा राजा के यहां भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंच रहे हैं और दान का सिलसिला लगातार जारी है।
पहले दो दिनों के आंकड़ों से स्पष्ट है कि लालबागचा राजा के दरबार में नकद चढ़ावे के साथ सोने-चांदी का दान भी पर्याप्त मात्रा में हुआ है। उत्सव के आगे बढ़ने के साथ दान की राशि और अर्पित की जाने वाली सामग्री के आंकड़े बदल सकते हैं। फिलहाल दूसरे दिन का 88 लाख 90 हजार रुपये का नकद चढ़ावा और दो दिनों का 1 करोड़ 37 लाख 40 हजार रुपये का कुल दान गणेश उत्सव के शुरुआती चरण की प्रमुख जानकारी बनकर सामने आया है।



