17 वर्षों की अटूट आस्था: रायपुर के श्री सर्व धर्म संकट मोचन हनुमान मंदिर में भव्य महाभंडारा, 6 हजार श्रद्धालुओं ने ग्रहण किया महाप्रसाद
दोपहर से देर रात तक चला भंडारा, संस्थापक कुबेर राठी ने खुद संभाली कमान।

रायपुर। आस्था, समर्पण और लोक-कल्याण की अनुपम मिसाल प्रस्तुत करते हुए राजधानी रायपुर में इस शनिवार को ‘श्री सर्व धर्म संकट मोचन हनुमान मंदिर सेवा समिति’ द्वारा भव्य महाभंडारे का सफल आयोजन किया गया। समिति के संस्थापक व समाजसेवी कुबेर राठी के नेतृत्व में पिछले 17 वर्षों से बिना किसी विघ्न के निरंतर आयोजित हो रहे इस महाभंडारे में इस बार भी भक्ति का अद्भूत सैलाब उमड़ा, जहाँ 6,000 से अधिक श्रद्धालुओं ने कतारबद्ध होकर महाप्रसाद ग्रहण किया।

शनिवार को आयोजित इस महाभंडारे का शुभारंभ दोपहर में कार्यालय परिसर से हुआ। तत्पश्चात, संध्या ढलते ही वितरण स्थल को श्री सर्व धर्म संकट मोचन हनुमान मंदिर प्रांगण में स्थानांतरित कर दिया गया, जहाँ देर रात तक श्रद्धालुओं की सेवा का यह सिलसिला निर्बाध रूप से चलता रहा ।

महाभंडारे की विशाल व्यवस्थाओं को सुचारू और अनुशासित बनाए रखने के लिए संस्थापक कुबेर राठी स्वयं धरातल पर डटे रहे। उन्होंने पंक्तियों में बैठे श्रद्धालुओं की व्यवस्था का निरीक्षण किया ।

इस पावन अवसर पर अपनी भक्तिभावना व्यक्त करते हुए समाजसेवी कुबेर राठी ने भावुक होकर कहा कि 17 वर्षों से अनवरत चल रहा यह महाभंडारा किसी मानव प्रयास का परिणाम नहीं, बल्कि साक्षात श्री संकट मोचन हनुमान जी महाराज की असीम अनुकंपा का फल है। मैं तो केवल एक निमित्त मात्र हूँ, एक तुच्छ माध्यम हूँ। भगवान बजरंगबली ने मुझे इस सेवा कार्य के लिए चुना, यह मेरा सौभाग्य है।

उन्होंने मंदिर की महिमा का बखान करते हुए आगे जोड़ा कि यह पावन धाम अत्यंत सिद्ध और जाग्रत स्थल है। यहाँ जो भी भक्त सच्चे हृदय और निष्ठा से अपनी मनोकामना लेकर आता है, संकटमोचन श्री हनुमान जी उसकी हर पुकार सुनते हैं और सभी दुखों का निवारण करते हैं।

17 वर्षों की इस अनवरत यात्रा ने मंदिर को केवल धार्मिक आस्था का ही केंद्र नहीं बनाया, बल्कि यह सामाजिक समरसता और मानव सेवा की एक प्रेरक मिसाल बन चुका है। देर रात तक चले इस आयोजन में रायपुर शहर एवं आसपास के क्षेत्रों से आए हजारों भक्तों ने बजरंगबली के जयकारों के बीच महाप्रसाद ग्रहण कर पुण्य लाभ अर्जित किया।



