अड़े थे जिद पे सुरज बनाके छोड़ेंगे, पसीने छूट गये एक दिया बनाने में..
शंकर पांडे (वरिष्ठ पत्रकार) एम.ए., बी.एससी., एलएल.बी., बी.जे. (पत्रकारिता) हैं। 46 सालों से पत्रकारिता कर रहे हैँ,छत्तीसगढ़ पर 6 पुस्तकेंभी लिख चुके हैं, प्रिंट मिडिया सहित इलेक्ट्रानिक मिडिया में भी कार्य किया है।

‘आइना-ए-छत्तीसगढ़ ‘
अड़े थे जिद पे सुरज बनाके छोड़ेंगे, पसीने छूट गये एक दिया बनाने में..

रायपुर, 03/10/2026, शंकर पांडे ।
भारतीय चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली की ताज़ा रिपोर्ट बाहर आई है, रिपोर्ट से ईमानदार हर भारतीय दुखी हैं।क्या यह रिपोर्ट केवल भारत तक ही सीमित है, भारत से बाहर नहीं निकली होगी? हमे अपने देश की सरकार का मालूम है लेकिन देश से बाहर के लोगों तक ऐसी गंभीर चोरियां छुपी हुई थी जो बाहर निकल कर बता रही है भारत में राष्ट्र वादी सरकार कैसे राष्ट्रवाद का नारा लगा कर खुद को बने रहने के लिए क्या कर रही है….

इस बद नामी से भारत का नाम बदनाम हो रहा है, सर कार का नहीं.. चोरी तो हो रही थी, राममंदिर में और चुनाव आयोग में भी, दोनों संस्थान जनता से सीधे जुड़ाव में आते है।राम, आस्था के प्रतीक हैँ, चुनावआयोग देश का विश्वास है,आस्था भी टूटी, विश्वास भी मरा.. श्री राम मंदिर देश की जरूरत नहीं थी,राजनीतिक एजेंडा बनाकर जरूरत बनाया गया, खैर..उसी एजेंडे के तहत् मंदिर निर्माण भी हुआ, निर्माण करने वाले कौन थे..? श्री राम मंदिर निर्माण का फैसला अदालत ने दिया,सरकार ने फैसला देने वाले जजों को पारितोष दे सम्मानित भी किया,सरकार ने मंदिर ट्रस्ट बनाया ओर ट्रस्ट ने 105 बार…? जनता द्वारा मंदिर में दिया दान, मंदिर की व्यवस्था देखने वाले लोगों ने ही… मंदिर का सर कारी प्रचार वोटों के लिए, मंदिर दान चोरी पार्टी के भव्य दफ्तर निर्माण के लिए.. आप आस्था तिलक लेप में मस्त और चुनाव आयोग के माध्यम से आपके वोटों के अधिकार को ध्वस्त कर दिया गया… क्योंकि सरकार 85 करोड़ लोगों को मुफ्त का राशन अपने फोटो छपे झोले में दे रही है, सवालों के अधिकार के लिएनहीं…. कुल 13 करोड़ वोट काट दिये गए.. दावा था कि यह बांग्लादेशी हैं, बांग्लादेश की अभी आबादी 11 करोड़ के आस-पास है तो बाकी 2 करोड़ लोग कौन हैं..! क्या यह पाकि स्तान से घुसपैठ कर भारत में आये हुए लोग हैं.. सरकार के मुताबिक यह सही है तो इन लोगो को कब देश से बाहर निकालाजायेगा!अमेरिका ने तो हवाई जहाज भर-भर कर हथकड़ियों में बांधते हुए हम भारतीयों को वापस भारत भेज दिया, ऐसा भारत सरकार कब करने जा रही है? जंतर-मंतर यह उस स्थान का नाम है जिसे सुनते सरकार के माथे पर पसीना आने लगता है, सर कारी सांसें फूलने लगती है और अब फिर वही जंतर- मंतर अपने हाथों में जंतर और मंतर लेकर आ खड़ा हुआ.. कांग्रेस की सरकार, ‘रामलीला’ मैदान में खेली गई राम लीला से गई.. मोदी सरकार जंतर-मंतर से जाएगी क्या… !सम्भा वना बन रही है क्या!देश मध्यावधि चुनाव की तरफ बढ़ रहा है….! भारतीय चुनाव आयोग में समान अधि कारों से लैस कुल 3 आयुक्त हैँ, 2 चुनाव आयुक्त के विरोध के बाद भी मुख्य चुनाव आयुक्त ने सारे फैसले लिये..! सरकार द्वारा मान्य भी रहे, अगर बाकी 2 का महत्व ही नहीं है तो क्यों सरकार 2 आयु क्त को चुनाव आयोग से बाहर निकाल ले जैसे सरकार नेचुनाव आयुक्त की नियुक्ति के लिए सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश को बाहर किया था..!
मुरिया दरबार में शामिल होंगी राष्ट्रपति…..

बस्तर की जन जातीय संस्कृति और गौरवशाली परंपराओं का प्रतीक बस्तर दशहरा इस वर्ष एक विशेष अवसर का साक्षी बनेगा। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने सीएम विष्णु देव के निमंत्रण को स्वीकार कर लिया है। राष्ट्रपति 23 अक्टूबर 2026 को जगदल पुर पहुंचकर बस्तर दशहरा के महत्वपूर्ण आयोजन मुरिया दरबार में शामिल होंगी। बस्तर दशहरा मां दंतेश्वरी को समर्पित है और इसकी परंपराएं बस्तर के जन जातीय जीवन, लोक आस्था, कला, सामु दायिक व्यवस्था से गहराई से जुड़ी हुई हैं। परंपरा का महत्वपूर्ण हिस्सा मुरिया दरबार है। मुरिया दरबार बस्तर की सामाजिक, सामुदायिक व्यवस्था कीजीवंत,अभि व्यक्ति माना जाता है। यहां पारंपरिक सामा जिक व्यवस्था, जनप्रति निधियों और स्थानीय समुदाय के बीच संवाद की परंपरा आगे बढ़ती है। बस्तर की पारंपरिक व्यवस्था में मांझी और चालकी जैसे पदों की महत्वपूर्ण भूमिका रही है राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु की मुरिया दरबार में उपस्थिति बस्तर की जनजातीय संस्कृति, पारंपरिक विरासत के लिए विशेष अवसर होगी।बस्तर दशहरा की विशिष्ट सांस्कृतिक परंपराओं को राष्ट्रीय स्तर पर व्यापक पहचान मिलने का अवसर भी बनेगा। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु फरवरी 2026 में जगदलपुर में आयोजित बस्तर पंडुम में शामिल हुई थी। तब बस्तर की प्राचीन परंपराओं और संस्कृति को संरक्षित रखते हुए विकास के मार्ग पर आगे बढ़ने की आवश्यकता परजोर दिया था।
दुर्योधन का पुतला क्यों नहीं जलता..

छग मानव अधिकार आयोग के सामने हाल ही में एक विचित्र शिका यत आई, जिसमें विजया दशमी पर रावण का पुतला दहन करने को मानवाधिकारों का हनन बताया गया। शिकायत कर्ता का तर्क था जब दुर्योधन ने रावण से भी बड़े पाप किये थे, तब उसका पुतला क्यों नहीं जलाया जाता। आयोग के कार्य वाहक अध्यक्ष गिरधारी नायक ने इस मामले का खुलासाकिया शिकायतकर्ता को स्पष्ट कर दिया गया कि रावण मानव की श्रेणी में नहीं आता,इसलिये प्रकरण मानवाधिकार आयोग के क्षेत्राधिकार से बाहर है। उन्होंने बताया आयोग में अब तक इस तरह के तीन से चार हजार बे- बुनियाद मामले आ चुके हैं।
बीएसपी चोरी नेटवर्क की सीबीआई करेगी जांच…

भिलाई इस्पात संयंत्र में सामने करीब 250 टन लौह स्क्रैप चोरी मामले की जांच ‘सीबीआई’ करेगा। मामले को सीबी आई को सौंपेने संबंधी आदेश राजपत्र में जारी होने के बाद बहुचर्चित प्रकरण में केंद्रीय जांच एजेंसी की औपचारिक एंट्री हो गई है।अब तक दुर्ग-भिलाई पुलिस मामले की जांच कर रही थी। पुलिस की कार्रवाई में बीएसपी के अधिका रियों कर्मचारियों, ट्रांस पोर्टर, कारोबारी और निजी कंपनी संचालकों सहित कुल 21आरोपित गिरफ्तार किए जा चुके हैं। मामले की शुरुआत 26 मई, पुरानी भिलाई थाना क्षेत्र के अकलोर डीह खदानपारा स्थित एके ट्रेडर्स के गोदाम और हथखोज क्षेत्र में पुलिस की कार्रवाई से हुई थी यहां बीएसपी से चोरी किए जाने का संदेह वाले करीब 250 टन लौह स्क्रैप सहित वाहन, जेसीबी, हाइड्रा, अन्य मशीनरी जब्त की गई थी।जब्त सामग्री, वाहनों की कुल कीमत करीब ₹3.22 करोड़ आंकी गई थी। पुलिस की जांच में सामने आया कि स्क्रैप को फ्लाईऐश, अन्य सामग्री की आड़ में प्लांट से बाहर निकाल कर गोदाम में पहुंचाया जाता था और इसके बाद आगे खपाने की कड़ी जुड़ती थी। संजय सिंह से लेकर निजी कंपनी के डायरेक्टर तक गिरफ्तारी जांच आगे बढ़ने के साथ पुलिस ने ट्रांसपोर्टर संजय सिंह, बेटेअभय सिंह, भाजपा नेता भास्कर मुदलियार, कारोबारी हिमांशु खंडेल वाल, बीएसपी जीएम हिमांशु भूषण मलिक , मनोज कुमार देवांगन समेत कई आरोपितों को गिरफ्तार किया। 18 सितंबर को रायपुर पावर एंड स्टील लिमिटेड, रसमड़ा के मैनेजिंग डायरेक्टर विनोद कुमार गर्ग, डाय रेक्टर संदीप कुमार सिंह को भी गिरफ्तार किया गया। दोनों पर चोरी के स्क्रैप को निजी औद्यो गिक इकाई में खपाने से जुड़े होने का आरोप है। न्यायालय ने न्यायिक रिमांड पर जेल भेजा। गिरफ़्ताइयों की संख्या 21 हो गई।
और अब बस…
* रायपुर के ड़ा आंबेडकर अस्पताल में चूहों की समस्या पर 25 लाख से ज्यादा खर्च के बाद भी राहत नहींमिली । अब चूहों के नियंत्रण के लिए दोबारा टेंडर किया जाएगा।
* छत्तीसगढ़ में भारी बारिश के बाद कई जिलों में बदहाली की तस्वीरें सामने आ रही हैं। 23 और 24 सितं बर को राज्य के ज्यादा तर जिलों में मूसलधार बारिश हुई जिस कारण जन जीवन प्रभावित हो गया है। भारी बारिश के कारण रेलवे लाइन को भी नुकसान हुआ है। केके रूट पर मल्लीगुड़ा और छत्रीपुट रेलवे स्टे शन के बीच लैंड स्लाइड के चलते पटरियां हवा में लटक गई हैं।


