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वैदिक पंचांग गणना: 26 जून 2026 को राहुकाल और अभिजीत मुहूर्त का दुर्लभ टकराव, जानें आज की समय सारणी और धार्मिक महत्व

ज्येष्ठ शुक्ल पक्ष की द्वादशी तिथि पर बनने वाले शुभ और अशुभ योगों का संपूर्ण विवरण, जानिए राहुकाल में क्यों वर्जित हैं मांगलिक कार्य और क्या है इसका वैज्ञानिक आधार।







रायपुर, 26 जून 2026: सनातन हिंदू धर्म और वैदिक ज्योतिष में किसी भी नए कार्य, व्यापार, गृह प्रवेश या मांगलिक अनुष्ठान को शुरू करने से पहले पंचांग की शुद्धता और शुभ-अशुभ काल की गणना को अत्यंत महत्वपूर्ण माना गया है। शास्त्रों के अनुसार सही समय पर शुरू किया गया कार्य बिना किसी विघ्न-बाधा के संपन्न होता है और उसके सकारात्मक परिणाम प्राप्त होते हैं। वहीं इसके विपरीत अशुभ समय में शुरू किए गए कार्यों में असफलता और परेशानियों का सामना करना पड़ता है। ज्योतिषीय गणनाओं में जहां एक ओर अभिजीत मुहूर्त को सबसे शक्तिशाली और कल्याणकारी समय माना गया है, वहीं राहुकाल को सबसे अशुभ और दूषित समय की संज्ञा दी गई है।

आज यानी 26 जून 2026 का दिन काल गणना के दृष्टिकोण से बेहद खास और विचारणीय रहने वाला है। आज शुक्रवार के दिन राहुकाल और दिन के सबसे शुभ माने जाने वाले अभिजीत मुहूर्त के समय में एक आंशिक टकराव देखने को मिल रहा है। ऐसे में आम जनमानस के मन में यह संशय उत्पन्न होना स्वाभाविक है कि आज के दिन किस समय पर शुभ कार्यों को अंजाम दिया जाए और कब पूरी तरह से बचा जाए। रायपुर के प्रतिष्ठित विद्वानों और वैदिक पंचांग की गणना के आधार पर हम आपके लिए आज के पूरे दिन का सटीक लेखा-जोखा लेकर आए हैं।

जानिए क्या होता है राहुकाल और क्यों माना जाता है इसे अशुभ

ज्योतिष शास्त्र के अनुसार राहुकाल दिन का वह विशिष्ट समय होता है जिसके स्वामी छाया ग्रह राहु होते हैं। वैदिक मान्यताओं के अनुसार राहु को एक क्रूर, पापी और भ्रम पैदा करने वाला ग्रह माना गया है। राहुकाल कोई स्थायी समय नहीं होता बल्कि यह प्रतिदिन सूर्योदय और सूर्यास्त के समय के आधार पर बदलता रहता है। दिन के कुल प्रकाश काल को अर्थात सूर्योदय से सूर्यास्त तक के समय को आठ बराबर भागों में विभाजित किया जाता है और इन आठ भागों में से एक भाग पर राहु का आधिपत्य होता है। शुक्रवार के दिन यह समय आमतौर पर दिन के चौथे भाग में आता है।

शास्त्रों में राहुकाल के दौरान किसी भी नए और शुभ कार्य की शुरुआत को पूरी तरह वर्जित किया गया है। इसका मुख्य कारण यह है कि राहु के प्रभाव में आकर व्यक्ति की बुद्धि और निर्णय लेने की क्षमता प्रभावित हो जाती है। इस अवधि में शुरू किए गए कार्यों में मानसिक अशांति, धन हानि, आपसी विवाद और अप्रत्याशित रुकावटें आने की आशंका सबसे अधिक होती है। राहु को राहुकाल के दौरान अत्यधिक बल मिलता है, जिसके कारण वह शुभ ग्रहों के सकारात्मक प्रभावों को सोख लेता है। यही कारण है कि इस समय को टालने की सलाह दी जाती है।

राहुकाल और अभिजीत मुहूर्त का टकराव: क्या करें और क्या न करें

आज 26 जून 2026 को एक बहुत ही महत्वपूर्ण स्थिति बन रही है। आज शुक्रवार के दिन राहुकाल का समय सुबह 10 बजकर 37 मिनट से दोपहर 12 बजकर 20 मिनट तक रहने वाला है। वहीं दूसरी ओर, दिन का सबसे सर्वश्रेष्ठ मुहूर्त माना जाने वाला अभिजीत मुहूर्त आज दोपहर 11 बजकर 52 मिनट से दोपहर 12 बजकर 47 मिनट तक रहेगा। इस तरह आज दोपहर 11 बजकर 52 मिनट से लेकर 12 बजकर 20 मिनट तक के लगभग 28 मिनट के समय में राहुकाल और अभिजीत मुहूर्त दोनों एक साथ मौजूद रहेंगे।

शास्त्रों और ज्योतिषीय संहिताओं के नियमों के अनुसार यदि किसी दिन अभिजीत मुहूर्त और राहुकाल का समय आपस में टकरा जाता है, तो उस समयावधि में राहुकाल का अशुभ प्रभाव हावी रहता है। इसलिए आज दोपहर 11 बजकर 52 मिनट से लेकर 12 बजकर 20 मिनट के बीच कोई भी नया या बड़ा मांगलिक कार्य शुरू करने से पूरी तरह बचना जरूरी है। हालांकि दोपहर 12 बजकर 20 मिनट पर जैसे ही राहुकाल समाप्त होगा, उसके बाद से लेकर दोपहर 12 बजकर 47 मिनट तक का समय यानी अभिजीत मुहूर्त का शेष भाग बेहद शुभ और फलदायी रहेगा। उस बचे हुए समय में आप अपने शुभ कार्यों को बिना किसी संशय के संपन्न कर सकते हैं।

राहुकाल के दौरान क्या करना चाहिए और किन चीजों से बचना है जरूरी

इन चीजों को करने से पूरी तरह बचें: राहुकाल की अवधि के दौरान नया व्यवसाय शुरू करना, भूमि या मकान का सौदा करना, नए वाहन की खरीदारी करना और सोने-चांदी के आभूषण खरीदना पूरी तरह वर्जित है। इसके अलावा आज इस समय में महत्वपूर्ण व्यावसायिक दस्तावेजों पर हस्ताक्षर करने, सगाई या विवाह की बातचीत करने और किसी लंबी या महत्वपूर्ण यात्रा पर प्रस्थान करने से भी बचना चाहिए। इस समय किसी को बड़ी रकम उधार देना भी नुकसानदेह साबित हो सकता है।

इस समय किए जा सकते हैं यह कार्य: यद्यपि राहुकाल में भौतिक और सांसारिक मांगलिक कार्य वर्जित हैं, लेकिन यह समय आध्यात्मिक और धार्मिक दृष्टिकोण से न्यूट्रल माना जाता है। इस अवधि में पहले से चल रहे नियमित कार्यों को बिना किसी रुकावट के जारी रखा जा सकता है। इसके साथ ही राहु ग्रह की शांति के लिए किए जाने वाले उपाय, दान-पुण्य, मंत्र जाप और मानसिक रूप से भगवान विष्णु या भगवान शिव की आराधना करना इस समय में बेहद अनुकूल फल प्रदान करता है।

आज 26 जून 2026 का संपूर्ण वैदिक पंचांग विवरण

  • संवत्सर और शक संवत: आज विक्रम संवत 2083 है और शक संवत 1948 गतिशील है।
  • मास और पक्ष: आज ज्येष्ठ मास का शुक्ल पक्ष चल रहा है।
  • आज की तिथि: आज ज्येष्ठ शुक्ल पक्ष की द्वादशी तिथि है, जो रात को 10 बजकर 23 मिनट तक रहेगी, इसके बाद त्रयोदशी तिथि का आरंभ हो जाएगा।
  • आज का नक्षत्र: आज शाम को 07 बजकर 10 मिनट तक विशाखा नक्षत्र रहेगा, जिसके बाद अनुराधा नक्षत्र की शुरुआत होगी।
  • आज का योग: आज सुबह 11 बजकर 31 मिनट तक सिद्ध योग रहेगा, जिसके बाद साध्य योग प्रभावी हो जाएगा।
  • आज का करण: प्रथम करण बव सुबह 09 बजकर 15 मिनट तक रहेगा और द्वितीय करण बालव रात को 10 बजकर 23 मिनट तक रहेगा।
  • सूर्य और चंद्र की स्थिति: आज सूर्य देव मिथुन राशि और आर्द्रा नक्षत्र में गोचर कर रहे हैं। वहीं चंद्रमा आज पूरे दिन तुला राशि में संचार करेंगे।
  • सूर्योदय और सूर्यास्त: रायपुर और आसपास के क्षेत्रों के अनुसार आज सूर्योदय सुबह 05 बजकर 27 मिनट पर हुआ है और सूर्यास्त शाम को 07 बजकर 13 मिनट पर होगा।
  • चन्द्रोदय और चन्द्रास्त: आज चंद्रोदय दोपहर बाद 04 बजकर 24 मिनट पर होगा और चन्द्रास्त अगले दिन तड़के 02 बजकर 11 मिनट पर होगा।

आज के सभी शुभ और अशुभ मुहूर्त की सटीक समय सारणी

आज के शुभ मुहूर्त:

  • अभिजीत मुहूर्त: दोपहर 11 बजकर 52 मिनट से दोपहर 12 बजकर 47 मिनट तक (ध्यान रहे कि शुरुआती 28 मिनट राहुकाल से प्रभावित हैं, इसलिए दोपहर 12 बजकर 20 मिनट के बाद का समय सर्वश्रेष्ठ है)।
  • विजय मुहूर्त: दोपहर 02 बजकर 41 मिनट से दोपहर 03 बजकर 36 मिनट तक।
  • गोधूलि मुहूर्त: शाम को 07 बजकर 12 मिनट से शाम 07 बजकर 34 मिनट तक।
  • ब्रह्म मुहूर्त: अगले दिन सुबह 04 बजकर 05 मिनट से सुबह 04 बजकर 46 मिनट तक।
  • अमृत काल: शाम को 05 बजकर 40 मिनट से शाम 07 बजकर 16 मिनट तक।

आज के अशुभ मुहूर्त:

  • राहुकाल: सुबह 10 बजकर 37 मिनट से दोपहर 12 बजकर 20 मिनट तक।
  • गुलिक काल: सुबह 07 बजकर 10 मिनट से सुबह 08 बजकर 54 मिनट तक।
  • यमगण्ड मुहूर्त: दोपहर 03 बजकर 46 मिनट से शाम को 05 बजकर 30 मिनट तक।
  • दुर्मुहूर्त: सुबह 08 बजकर 13 मिनट से सुबह 09 बजकर 08 मिनट तक और दोबारा दोपहर 12 बजकर 47 मिनट से दोपहर 01 बजकर 42 मिनट तक।

आज का विशेष धार्मिक और आध्यात्मिक महत्व

आज ज्येष्ठ शुक्ल पक्ष की द्वादशी तिथि है, जिसे सनातन परंपरा में रामलक्ष्मण द्वादशी या चंपक द्वादशी के रूप में मनाया जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार आज का दिन भगवान श्री हरि विष्णु और उनके अवतार भगवान श्री राम और लक्ष्मण जी की विशेष पूजा-अर्चना के लिए अत्यंत फलदायी माना गया है। आज के दिन पवित्र नदियों में स्नान करने और भूखे लोगों को अन्न व जल का दान करने से अक्षुण्ण पुण्य की प्राप्ति होती है। आज शुक्रवार का दिन होने के कारण माता लक्ष्मी की आराधना के लिए भी यह तिथि सर्वोत्तम है। विशाखा नक्षत्र और सिद्ध योग के मेल से आज के दिन किए गए मंत्र जाप और मानसिक साधनाएं सीधे सिद्धियों की ओर ले जाती हैं।

डिस्क्लेमर:  www.the4thpillar.live ऊपर दी गई जानकारी के व्यावहारिक उपयोग से होने वाले किसी भी लाभ या हानि के लिए उत्तरदायी नहीं है। किसी भी बड़े और महत्वपूर्ण कार्य को करने से पहले अपने स्थानीय पंडित या ज्योतिषाचार्य से व्यक्तिगत परामर्श अवश्य लें।

Richa Sahay

ऋचा सहाय — पत्रकारिता और न्याय जगत की एक सशक्त आवाज़, जिनका अनुभव दोनों क्षेत्रों में अद्वितीय है। वर्तमान में The 4th Pillar की वरिष्ठ समाचार संपादक के रूप में कार्यरत ऋचा सहाय दशकों से राजनीति, समाज, खेल, व्यापार और क्राइम जैसी विविध विषयों पर बेबाक, तथ्यपूर्ण और संवेदनशील लेखन के लिए जानी जाती हैं। उनकी लेखनी की सबसे खास बात है – जटिल मुद्दों को सरल, सुबोध भाषा में इस तरह प्रस्तुत करना कि पाठक हर पहलू को सहजता से समझ सकें।पत्रकारिता के साथ-साथ ऋचा सहाय एक प्रतिष्ठित वकील भी हैं। LLB और MA Political Science की डिग्री के साथ, उन्होंने क्राइम मामलों में गहरी न्यायिक समझ और विश्लेषणात्मक दृष्टिकोण स्थापित किया है। उनके अनुभव की गहराई न केवल अदालतों की बहसों में दिखाई देती है, बल्कि पत्रकारिता में उनके दृष्टिकोण को भी प्रभावशाली बनाती है।दोनों क्षेत्रों में वर्षों की तपस्या और सेवा ने ऋचा सहाय को एक ऐसा व्यक्तित्व बना दिया है जो ज्ञान, निडरता और संवेदनशीलता का प्रेरक संगम है।

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