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रायपुर रेलवे स्टेशन हनुमान मंदिर के महाभंडारे में उमड़ी श्रद्धा,MIC सदस्य एवं पार्षद डॉ. अनामिका सिंह ने अपने हाथों से बांटा बाबा का प्रसाद

साक्षात 'अन्नपूर्णा' और 'महावीर' के मिलन का प्रतीक बना कुबेर राठी व परिवार का यह सेवा संकल्प, त्रेतायुगीन भक्ति परंपरा को याद कर भावुक हुईं MIC सदस्य डॉ अनामिका सिंह







रायपुर । छत्तीसगढ़ की पावन धरा और न्यायधानी-राजधानी के केंद्र, रायपुर रेलवे स्टेशन परिसर स्थित श्री सर्व धर्म संकट मोचन हनुमान मंदिर में श्रद्धा, आस्था और लोक-कल्याण का एक अद्भुत महायज्ञ अनवरत जारी है। सन् 2009 से आरंभ हुआ सेवा का यह पवित्र सिलसिला आज 17वें वर्ष में भी पूरी जीवंतता के साथ आगे बढ़ रहा है। इसी पावन कड़ी में, इस शनिवार भी श्री सर्व धर्म संकट मोचन हनुमान मंदिर सेवा समिति (राठी परिवार) द्वारा विशाल महाभंडारे का आयोजन किया गया, जहाँ हज़ारों श्रद्धालुओं ने बाबा का प्रसाद ग्रहण कर आत्मिक तृप्ति प्राप्त की।

इस आध्यात्मिक अनुष्ठान में नगर पालिक निगम रायपुर की MIC सदस्य एवं लोकप्रिय पार्षद डॉ. अनामिका सिंह मुख्य रूप में उपस्थित हुईं। उन्होंने मंदिर परिसर पहुँचकर सर्वप्रथम पवनपुत्र हनुमान जी की दिव्य आरती की और प्रभु श्री राम के परम भक्त अंजनीपुत्र के चरणों में शीश नवाकर समस्त प्रदेशवासियों के स्वास्थ्य, समृद्धि और खुशहाली की कामना की। इसके पश्चात, उन्होंने अत्यंत श्रद्धाभाव से अपने हाथों से श्रद्धालुओं को महाभंडारे का भोग प्रसाद वितरित किया।

MIC सदस्य एवं पार्षद डॉ. अनामिका सिंह ने मंदिर प्रांगण की अलौकिक ऊर्जा को आत्मसात करते हुए तथा त्रेतायुगीन भक्ति परंपरा का स्मरण करते हुए कहा कि शास्त्रों और सनातन संस्कृति का शाश्वत उद्घोष है कि ‘नर सेवा ही नारायण सेवा’ है। जिस प्रकार मर्यादा पुरुषोत्तम श्री रामचंद्र जी के काज संवारने के लिए स्वयं महादेव ने ग्यारहवें रुद्रावतार प्रभु हनुमान के रूप में इस धरा पर जन्म लिया, ठीक उसी प्रकार समाज के वंचितों और संतों की सेवा के लिए साक्षात विधाता किसी न किसी को माध्यम बनाते हैं। राठी परिवार द्वारा विगत डेढ़ दशक (सन् 2009) से भी अधिक समय से बिना किसी विघ्न के, अखंड ज्योति की तरह लगातार इस महाभंडारे का अनुष्ठान चलाया जाना कोई साधारण मानवीय कृत्य नहीं है। यह साक्षात ईश्वरीय चेतना, भगवद-कृपा और बाबा बजरंगबली की परम प्रेरणा का प्रतिफल है। इतिहास गवाह है कि जहाँ भूखे को अन्न और प्यासे को जल मिलता है, वहाँ साक्षात माँ अन्नपूर्णा और प्रभु श्री राम का वास स्वतः ही हो जाता है।

MIC सदस्य एवं पार्षद डॉ अनामिका सिंह ने आगे कहा कि अध्यात्म में दक्षिण मुखी हनुमान जी के विग्रह का महत्व अत्यंत विशिष्ट और अमोघ माना गया है। लंका दहन और माता सीता की खोज के समय प्रभु का मुख दक्षिण दिशा की ओर ही था, इसलिए दक्षिण मुखी हनुमान जी समस्त प्रकार के संकटों, अकाल मृत्यु के भय और नकारात्मक ऊर्जा का समूल नाश करने वाले जाग्रत और परम चमत्कारी देव हैं। इस सिद्ध मंदिर की चौखट पर कदम रखते ही मुझे जिस अलौकिक, दिव्य आत्मिक शांति और मन की परम संतुष्टि की अनुभूति हुई है, वह किसी दिव्य समाधि से कम नहीं है। इस अलौकिक आनंद को मैं सांसारिक शब्दों में बयां करने में स्वयं को असमर्थ पाती हूँ। मेरी बाबा पवनपुत्र के चरणों में यही प्रार्थना है कि वे इस परम सेवाभावी राठी परिवार और संकट मोचन हनुमान मंदिर सेवा समिति पर अपनी कृपादृष्टि की अमृत वर्षा सदैव करते रहें, ताकि सेवा का यह महायज्ञ कल्प-कल्पान्तर तक इसी तरह अनवरत प्रज्वलित रहे।

मूल निवासी मुक्ति मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. उमेश मानिकपुरी ने कहा कि इतिहास साक्षी है कि जहाँ निःस्वार्थ भाव से भंडारे और सेवा कार्य होते हैं, वहाँ साक्षात प्रभु का वास होता है। इस रेलवे स्टेशन जैसे व्यस्ततम स्थल पर, जहाँ हर वर्ग के मुसाफ़िर और ज़रूरतमंद आते हैं, वहाँ सन् 2009 से बिना रुके हर शनिवार अन्नदान करना एक ऐतिहासिक और अनुकरणीय मिसाल है। राठी परिवार और समिति के सदस्य बधाई के पात्र हैं जो समाज को जोड़कर राष्ट्र कल्याण का मार्ग प्रशस्त कर रहे हैं।

मूल निवासी मुक्ति मोर्चा के जिला अध्यक्ष धरम दास मानिकपुरी ने कहा कि राठी परिवार द्वारा किया जा रहा यह कार्य केवल पेट भरने का साधन नहीं, बल्कि आत्मा को तृप्त करने वाला पुण्य का अनुष्ठान है। भगवान बजरंगबली जी की असीम अनुकंपा और आशीर्वाद हमेशा इस परिवार और पूरी समिति पर बना रहे। कलियुग में संकट मोचन ही संसार के तारणहार हैं और उनकी चौखट से कोई भी याचक ख़ाली हाथ नहीं जाता। यह भंडारा इस बात का जीवंत प्रमाण है।

प्रदेश महिला कांग्रेस की पूर्व कार्यकारी अध्यक्ष बबीता नथानी ने कहा कि एक भक्त के रूप में, मैं इस पावन धरा पर सेवा का यह स्वरूप देखकर अभिभूत हूँ। लगातार इतने वर्षों तक अटूट श्रद्धा के साथ महाभंडारे का संचालन करना साक्षात मर्यादा पुरुषोत्तम श्री राम और महावीर हनुमान जी की इच्छा के बिना संभव नहीं है। सेवा की यह ज्योत कभी बुझनी नहीं चाहिए। राठी परिवार ने रायपुर के इस हृदय स्थल को भक्तिरस से सराबोर कर दिया है।

शास्त्रों में वर्णन है कि कलियुग के जाग्रत देवताओं में पवनपुत्र हनुमान सर्वोपरि हैं, जो अपने भक्तों के सूक्ष्म से सूक्ष्म सेवा भाव से भी प्रसन्न हो जाते हैं। दक्षिणमुखी हनुमान मूर्ति को तंत्र और अध्यात्म में अमोघ फलदायी माना गया है। शनिवार के दिन, शनि जनित कष्टों के निवारण और सर्व-कल्याण के उद्देश्य से जब भक्त यहाँ एकत्र होते हैं, तो पूरा वातावरण ‘जय श्री राम’ और ‘जय बजरंगबली’ के उद्घोष से गुंजायमान हो उठता है। श्री सर्व धर्म संकट मोचन हनुमान मंदिर सेवा समिति के संस्थापक कुबेर राठी द्वारा किया जा रहा यह अन्नदान साक्षात ‘अन्नपूर्णा’ और ‘महावीर’ के मिलन का प्रतीक है, जो हर शनिवार रायपुर रेल्वे स्टेशन पर आने वाले हर पीड़ित, शोषित और श्रद्धालु के दुखों को हर लेता है।

इस अवसर पर भाजपा प्रवक्ता राजकुमार राठी, श्री सर्व धर्म संकट मोचन हनुमान मंदिर सेवा समिति संस्थापक कुबेर राठी,मंदिर सेवा समिति के पदाधिकारी, राठी परिवार के सदस्य, स्थानीय प्रबुद्ध नागरिक और भारी संख्या में रामभक्त उपस्थित रहे, जिन्होंने इस महाभंडारे को सफल बनाने में अपना निस्वार्थ योगदान दिया।

Richa Sahay

ऋचा सहाय — पत्रकारिता और न्याय जगत की एक सशक्त आवाज़, जिनका अनुभव दोनों क्षेत्रों में अद्वितीय है। वर्तमान में The 4th Pillar की वरिष्ठ समाचार संपादक के रूप में कार्यरत ऋचा सहाय दशकों से राजनीति, समाज, खेल, व्यापार और क्राइम जैसी विविध विषयों पर बेबाक, तथ्यपूर्ण और संवेदनशील लेखन के लिए जानी जाती हैं। उनकी लेखनी की सबसे खास बात है – जटिल मुद्दों को सरल, सुबोध भाषा में इस तरह प्रस्तुत करना कि पाठक हर पहलू को सहजता से समझ सकें।पत्रकारिता के साथ-साथ ऋचा सहाय एक प्रतिष्ठित वकील भी हैं। LLB और MA Political Science की डिग्री के साथ, उन्होंने क्राइम मामलों में गहरी न्यायिक समझ और विश्लेषणात्मक दृष्टिकोण स्थापित किया है। उनके अनुभव की गहराई न केवल अदालतों की बहसों में दिखाई देती है, बल्कि पत्रकारिता में उनके दृष्टिकोण को भी प्रभावशाली बनाती है।दोनों क्षेत्रों में वर्षों की तपस्या और सेवा ने ऋचा सहाय को एक ऐसा व्यक्तित्व बना दिया है जो ज्ञान, निडरता और संवेदनशीलता का प्रेरक संगम है।

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