ED की फिर बड़ी कार्रवाई, नाहटा और ललित भंसाली के ठिकानों पर सुबह-सुबह छापा; DMF घोटाले से जुड़ा कनेक्शन
राजनांदगांव में ED ने नाहटा और ललित भंसाली से जुड़े ठिकानों पर छापा मारा। कार्रवाई DMF घोटाले के वित्तीय लेन-देन की जांच से जुड़ी है।

13 August 2026 | Raipur: छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव में प्रवर्तन निदेशालय यानी ED ने गुरुवार सुबह एक बार फिर बड़ी कार्रवाई की है। जांच एजेंसी की टीम ने शहर में कई ठिकानों पर एक साथ दबिश दी और कथित DMF घोटाले से जुड़े वित्तीय लेन-देन और दस्तावेजों की जांच शुरू की है।
ED की यह कार्रवाई नाहटा और भंसाली ग्रुप से जुड़े प्रतिष्ठानों पर की गई है। एजेंसी की टीम सुबह रायपुर से राजनांदगांव पहुंची और सत्यम विहार कॉलोनी स्थित नाहटा के ठिकाने के साथ कामठी लाइन में ललित भंसाली से जुड़े ठिकाने पर जांच शुरू की।
सुबह-सुबह ED की टीम के पहुंचते ही संबंधित इलाकों में हलचल बढ़ गई। कार्रवाई के दौरान अधिकारियों ने दस्तावेजों और वित्तीय रिकॉर्ड की जांच शुरू की, जबकि जांच की विस्तृत जानकारी फिलहाल सामने नहीं आई है।
मिली जानकारी के मुताबिक, ED की जांच का फोकस DMF यानी District Mineral Foundation से जुड़े कथित घोटाले के वित्तीय लेन-देन पर है। एजेंसी यह पता लगाने में जुटी है कि संबंधित रिकॉर्ड में दर्ज लेन-देन और गतिविधियों का कथित घोटाले से क्या संबंध है।
DMF फंड का इस्तेमाल खनन प्रभावित क्षेत्रों में विकास और जनहित से जुड़े कामों के लिए किया जाता है। ऐसे फंड के इस्तेमाल में वित्तीय अनियमितता या नियमों के उल्लंघन की शिकायत सामने आने पर जांच एजेंसियां भुगतान, ठेके, कंपनियों और संबंधित व्यक्तियों के बीच पैसों की आवाजाही की पड़ताल करती हैं।
राजनांदगांव में हुई मौजूदा कार्रवाई को भी इसी वित्तीय कड़ी से जोड़कर देखा जा रहा है। ED की टीम यह जांच कर रही है कि जिन ठिकानों पर कार्रवाई हुई है, वहां उपलब्ध रिकॉर्ड में DMF से जुड़े भुगतान या दूसरे वित्तीय लेन-देन की क्या जानकारी मौजूद है।
जांच के दायरे में सत्यम विहार कॉलोनी स्थित नाहटा का ठिकाना भी है। इसके साथ ही कामठी लाइन में ललित भंसाली के ठिकाने पर भी ED अधिकारियों ने दस्तावेज खंगालने शुरू किए हैं।
रिपोर्ट के अनुसार ललित भंसाली सरकारी टेंट हाउस का काम संभालते हैं। ED की कार्रवाई में उनके ठिकाने से जुड़े दस्तावेज और वित्तीय रिकॉर्ड की जांच की जा रही है, हालांकि एजेंसी ने अभी तक किसी जब्ती या बरामदगी का विस्तृत आधिकारिक ब्योरा सार्वजनिक नहीं किया है।
इस कार्रवाई की सबसे अहम कड़ी यह है कि दोनों ठिकानों पर ED पहले भी पहुंच चुकी है। रिपोर्ट के मुताबिक अक्टूबर 2025 में भी नाहटा और ललित भंसाली से जुड़े इन ठिकानों पर जांच एजेंसी ने कार्रवाई की थी।
करीब दस महीने के भीतर दोबारा कार्रवाई होने से यह साफ है कि मामले में वित्तीय रिकॉर्ड की जांच अभी पूरी तरह खत्म नहीं हुई है। पुराने रिकॉर्ड और मौजूदा दस्तावेजों के बीच किसी तरह की कड़ी मिलने पर जांच आगे बढ़ सकती है।
ED की जांच में आम तौर पर बैंकिंग लेन-देन, भुगतान रिकॉर्ड, बिल, अनुबंध, बहीखाते और दूसरे वित्तीय दस्तावेजों को मिलाकर देखा जाता है। इस कार्रवाई में भी उपलब्ध रिकॉर्ड के आधार पर पैसों की आवाजाही और संबंधित लेन-देन की कड़ियां जोड़ने की कोशिश की जा रही है।
राजनांदगांव में ED की टीम की मौजूदगी के बाद स्थानीय स्तर पर भी इस कार्रवाई को लेकर चर्चा तेज हो गई है। खासकर इसलिए क्योंकि कार्रवाई सीधे तौर पर DMF घोटाले से जुड़े मामले से जोड़ी जा रही है और पहले भी इसी मामले में संबंधित ठिकानों पर जांच हो चुकी है।
DMF से जुड़े मामलों में सबसे बड़ा सवाल यह होता है कि खनन से प्राप्त राशि का इस्तेमाल निर्धारित उद्देश्यों के लिए हुआ या नहीं। फंड के कामों में ठेका प्रक्रिया, भुगतान और काम की वास्तविक स्थिति को लेकर किसी तरह की गड़बड़ी सामने आती है तो जांच का दायरा संबंधित अधिकारियों, ठेकेदारों और निजी संस्थानों तक पहुंच सकता है।
राजनांदगांव की मौजूदा कार्रवाई में अभी यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि ED को तलाशी के दौरान क्या-क्या दस्तावेज मिले हैं। जांच पूरी होने के बाद ही यह सामने आएगा कि एजेंसी को कौन से वित्तीय रिकॉर्ड महत्वपूर्ण लगे और उनसे किस तरह के लेन-देन की जानकारी मिली।
ED की टीम फिलहाल दस्तावेजों की जांच कर रही है। एजेंसी के अधिकारी पुराने रिकॉर्ड और मौजूदा दस्तावेजों को आपस में मिलाकर वित्तीय गतिविधियों की तस्वीर तैयार कर सकते हैं।
इस मामले में अक्टूबर 2025 की कार्रवाई भी महत्वपूर्ण है। यदि उस समय जब्त या जांचे गए रिकॉर्ड से कोई वित्तीय कड़ी सामने आई थी, तो मौजूदा कार्रवाई उसी जांच को आगे बढ़ाने का हिस्सा हो सकती है। हालांकि ED की ओर से इस संबंध में विस्तृत आधिकारिक जानकारी अभी सामने नहीं आई है।
राजनांदगांव में ED की कार्रवाई ऐसे समय हुई है जब छत्तीसगढ़ में कथित DMF घोटाले से जुड़े मामलों की जांच को लेकर पहले से राजनीतिक और प्रशासनिक स्तर पर चर्चा होती रही है। अलग-अलग मामलों में सरकारी फंड के इस्तेमाल और उससे जुड़े वित्तीय लेन-देन की जांच एजेंसियों के रडार पर रही है।
DMF फंड मूल रूप से उन क्षेत्रों के विकास के लिए है जो खनन गतिविधियों से प्रभावित होते हैं। सड़क, पेयजल, स्वास्थ्य, शिक्षा और दूसरे बुनियादी विकास कार्यों में इस राशि के इस्तेमाल का प्रावधान है, इसलिए इससे जुड़े किसी भी कथित वित्तीय विवाद का सीधा संबंध सार्वजनिक धन से होता है।
राजनांदगांव में ED की टीम जिन रिकॉर्ड की जांच कर रही है, उनमें वित्तीय भुगतान से जुड़े दस्तावेजों का महत्व सबसे ज्यादा माना जा रहा है। किसी भुगतान का स्रोत, प्राप्तकर्ता, तारीख और उससे जुड़े काम का रिकॉर्ड जांच में अहम सुराग दे सकता है।
नाहटा और भंसाली से जुड़े ठिकानों पर दोबारा कार्रवाई के बाद जांच का अगला चरण दस्तावेजों के विश्लेषण पर निर्भर करेगा। अगर रिकॉर्ड में पहले की जांच से जुड़ी नई जानकारी मिलती है तो ED आगे पूछताछ या दूसरी जगहों पर कार्रवाई कर सकती है।
फिलहाल कार्रवाई के दौरान किसी व्यक्ति की गिरफ्तारी की जानकारी सामने नहीं आई है। इसी तरह ED की ओर से तलाशी के दौरान नकदी, संपत्ति या अन्य महत्वपूर्ण सामान की बरामदगी का कोई विस्तृत आधिकारिक आंकड़ा भी जारी नहीं किया गया है।
मामले में यह भी देखना होगा कि ED की टीम को वित्तीय रिकॉर्ड में किस तरह के लेन-देन मिलते हैं। यदि दस्तावेजों में संदिग्ध भुगतान या फंड के इस्तेमाल से जुड़ी कड़ियां मिलती हैं तो जांच आगे और विस्तृत हो सकती है।
राजनांदगांव में गुरुवार सुबह हुई यह कार्रवाई फिलहाल जारी जांच का हिस्सा है। ED की टीम दोनों ठिकानों पर रिकॉर्ड खंगाल रही है और उपलब्ध जानकारी के आधार पर DMF से जुड़े वित्तीय लेन-देन की पड़ताल कर रही है।
इस पूरे मामले में सबसे अहम बात यह है कि जिन दो ठिकानों पर कार्रवाई हुई है, वहां अक्टूबर 2025 में भी ED की टीम पहुंच चुकी है। दोबारा हुई कार्रवाई से संकेत मिलता है कि एजेंसी इस मामले में वित्तीय कड़ियों को लेकर अभी भी जांच आगे बढ़ा रही है।
अब जांच एजेंसी की रिपोर्ट और आगे की कार्रवाई पर सबकी नजर रहेगी। दस्तावेजों की जांच के बाद यदि किसी नए वित्तीय लेन-देन या संदिग्ध कड़ी का पता चलता है तो मामला आगे और बड़ा हो सकता है।
फिलहाल राजनांदगांव में ED की सुबह-सुबह हुई कार्रवाई ने DMF घोटाले से जुड़े मामले को फिर चर्चा में ला दिया है। नाहटा और ललित भंसाली से जुड़े ठिकानों पर चल रही जांच के बाद आने वाले दिनों में नए तथ्य सामने आने की संभावना है।


