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छत्तीसगढ़ आबकारी विभाग में महाघोटाला: नष्ट करने के बजाय चोर रास्ते से ब्लैक मार्केट में खपाई गई हज़ारों एक्सपायरी शराब की बोतलें

सिलतरा वेयरहाउस से सरकारी आदेश के बाद भी बाहर निकाली गईं पेटियां, टूट-फूट के फर्जी रिकॉर्ड और राजनीतिक संरक्षण के आरोपों के बीच प्रभारी दीप मसीह पर गिरी गाज।





रायपुर, 24 जून 2026। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में आबकारी विभाग की नाक के नीचे सरकारी राजस्व को चूना लगाने और जनता की सेहत से खिलवाड़ करने का एक बेहद गंभीर मामला उजागर हुआ है।

रायपुर की सरकारी शराब दुकानों में निर्धारित मूल्य से अधिक दाम पर शराब बेचने यानी ओवररेट बिक्री की शिकायतों के बीच अब सिलतरा विदेशी शराब वेयरहाउस से एक्सपायरी और नष्टीकरण सूची की शराब को अवैध रूप से बाजार में खपाने का बड़ा खुलासा हुआ है।

इस पूरे घोटाले के सामने आने के बाद विभाग में हड़कंप मचा हुआ है और शुरुआती कार्रवाई के रूप में वेयरहाउस प्रभारी को पद से हटा दिया गया है।

नष्ट करने के बजाय पिछले दरवाजे से खपाई गई खेप

मिली जानकारी के अनुसार आबकारी विभाग ने पिछले महीनों में सिलतरा वेयरहाउस में रखी भारी मात्रा में एक्सपायरी और खराब हो चुकी शराब को नष्ट करने के लिए एक आधिकारिक आदेश जारी किया था। विभाग की ओर से 12 मई 2026 को जारी इस निर्देश के तहत कुल 7,509 बॉक्स में बंद करीब 3,566 बोतलों को नाली में बहाकर या गड्ढे में दबाकर पूरी तरह नष्ट किया जाना था।

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परंतु आबकारी अधिकारियों और वेयरहाउस प्रबंधन की कथित मिलीभगत से इस स्टॉक को नष्ट करने के बजाय पिछले दरवाजे से चोरी-छिपे बाहर निकाल लिया गया। इस खेप को स्थानीय कोचियों, अवैध शराब तस्करों और बिचौलियों के नेटवर्क के माध्यम से सीधे आम उपभोक्ताओं के बीच खपा दिया गया।

इस गंभीर गड़बड़ी से जहां एक तरफ सरकार को करोड़ों रुपये के आबकारी शुल्क का नुकसान हुआ है, वहीं दूसरी तरफ एक्सपायरी डेट की शराब पीने से लोगों की जान को भी बड़ा खतरा पैदा हो गया है।

टूट-फूट छूट की आड़ में चल रहा था हेराफेरी का संगठित खेल

इस पूरे मामले की जांच के दौरान आबकारी विभाग में लंबे समय से चल रहे ब्रेकेज छूट (परिवहन के दौरान होने वाली टूट-फूट) के खेल का भी पर्दाफाश हुआ है। जांच में यह बात सामने आई है कि वेयरहाउस से शराब दुकानों तक माल भेजने के दौरान बोतलों के टूटने का एक फर्जी रिकॉर्ड और डेटा तैयार किया जाता था।

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कागजों पर जिन बोतलों को टूटा हुआ दिखाकर सरकारी खाते में बट्टे खाते में डाल दिया जाता था, असल में वे बोतलें बिल्कुल सुरक्षित होती थीं और उन्हें वेयरहाउस से ही सीधे ब्लैक मार्केट में ऊंचे दामों पर बेच दिया जाता था। इस तरह हर महीने लाखों रुपये की शराब की हेराफेरी कागजी टूट-फूट के नाम पर की जा रही थी।

विधानसभा में गूंजा मुद्दा, वेयरहाउस प्रभारी दीप मसीह हटाई गईं

इस संगठित भ्रष्टाचार की गूंज अब शासन के सर्वोच्च स्तर तक पहुंच चुकी है। पाली-तानाखार क्षेत्र के विधायक तुलेश्वर हीरा सिंह मरकाम ने इस पूरे फर्जीवाड़े को विधानसभा के भीतर प्रमुखता से उठाया था। विधायक मरकाम ने सदन में सीधे आरोप लगाया था कि सिलतरा विदेशी शराब गोदाम में रसूखदारों और उच्च आबकारी अधिकारियों के सीधे संरक्षण में हर महीने करोड़ों रुपये का अवैध कारोबार संचालित हो रहा है।

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लगातार बढ़ती शिकायतों और राजनीतिक दबाव के बाद आबकारी विभाग ने प्रारंभिक एक्शन लेते हुए सिलतरा वेयरहाउस की वर्तमान प्रभारी दीप मसीह को उनके पद से हटा दिया है। विभाग के उच्च अधिकारियों का कहना है कि इस मामले की जांच के लिए एक विशेष टीम का गठन किया जा रहा है।

वेयरहाउस के पूरे स्टॉक का भौतिक सत्यापन (फिजिकल वेरिफिकेशन) कराया जा रहा है और जांच रिपोर्ट में दोषी पाए जाने वाले सभी छोटे-बड़े अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ निलंबन और एफआईआर जैसी कड़ी दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।

Richa Sahay

ऋचा सहाय — पत्रकारिता और न्याय जगत की एक सशक्त आवाज़, जिनका अनुभव दोनों क्षेत्रों में अद्वितीय है। वर्तमान में The 4th Pillar की वरिष्ठ समाचार संपादक के रूप में कार्यरत ऋचा सहाय दशकों से राजनीति, समाज, खेल, व्यापार और क्राइम जैसी विविध विषयों पर बेबाक, तथ्यपूर्ण और संवेदनशील लेखन के लिए जानी जाती हैं। उनकी लेखनी की सबसे खास बात है – जटिल मुद्दों को सरल, सुबोध भाषा में इस तरह प्रस्तुत करना कि पाठक हर पहलू को सहजता से समझ सकें।पत्रकारिता के साथ-साथ ऋचा सहाय एक प्रतिष्ठित वकील भी हैं। LLB और MA Political Science की डिग्री के साथ, उन्होंने क्राइम मामलों में गहरी न्यायिक समझ और विश्लेषणात्मक दृष्टिकोण स्थापित किया है। उनके अनुभव की गहराई न केवल अदालतों की बहसों में दिखाई देती है, बल्कि पत्रकारिता में उनके दृष्टिकोण को भी प्रभावशाली बनाती है।दोनों क्षेत्रों में वर्षों की तपस्या और सेवा ने ऋचा सहाय को एक ऐसा व्यक्तित्व बना दिया है जो ज्ञान, निडरता और संवेदनशीलता का प्रेरक संगम है।

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