बिलासपुर के श्मशान में जज की तस्वीर रखकर तंत्र साधना: जेल में बंद रिश्तेदार को जमानत दिलाने आधी रात रचा अनुष्ठान, एक पकड़ाया
बिलासपुर के देवरी श्मशान घाट में हाईकोर्ट चीफ जस्टिस की फोटो रखकर तंत्र साधना करते एक युवक को ग्रामीणों ने पकड़ा। जेल में बंद रिश्तेदार की जमानत के लिए रची गई थी तांत्रिक पूजा।

यह पूरा वाक्या शुक्रवार देर रात का बताया जा रहा है, जिसका एक वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। घटना की जानकारी मिलते ही देवरी गांव के मुक्तिधाम में हड़कंप मच गया और स्थानीय लोगों का गुस्सा फूट पड़ा। ग्रामीणों ने तत्काल सीपत थाना पुलिस को सूचना देकर पकड़े गए युवक को पुलिस के हवाले कर दिया। पुलिस ने मौके से पूजा में इस्तेमाल की जा रही संदिग्ध सामग्रियां जैसे मरी हुई मछली, नींबू, सिंदूर, नारियल और तस्वीरें जब्त की हैं।
शुरुआती पुलिस जांच में जो बातें सामने आई हैं, वे काफी हैरान करने वाली हैं। पकड़ा गया युवक बिलासपुर के राजकिशोर नगर का रहने वाला ऋषिकेश कुमार बताया जा रहा है। पूछताछ के दौरान उसने शुरू में पुलिस को गुमराह करने की कोशिश की और खुद को बिल्डर बताते हुए गांव में सिर्फ घूमने आने का दावा किया। हालांकि, जब पुलिस ने सख्ती से पूछताछ की तो तंत्र-मंत्र के इस पूरे खेल की परतें खुलती चली गईं।
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, आरोपी ऋषिकेश सोशल मीडिया के जरिए एक ढोंगी तांत्रिक के संपर्क में आया था। आरोपी का एक नजदीकी रिश्तेदार प्रियांशु चाकूबाजी के एक संगीन आपराधिक मामले में जेल में बंद है, जिसकी जमानत याचिका बिलासपुर हाईकोर्ट में पेंडिंग है। तांत्रिक ने आरोपियों को झांसा दिया था कि अगर श्मशान घाट में जाकर चीफ जस्टिस और संबंधित पक्षों की फोटो रखकर खास तंत्र साधना की जाए, तो कोर्ट से जल्द ही जमानत मिल जाएगी। इसी के चक्कर में चारों युवक पूजा की पूरी सामग्री लेकर श्मशान घाट पहुंच गए थे।
वायरल वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि श्मशान में पहुंची पुलिस जब पकड़े गए युवक से सवाल करती है कि ‘क्या तुम जज को ही मारना चाहते हो’, तो युवक घबराकर खुद को पढ़ा-लिखा बताते हुए इन सब बातों से पल्ला झाड़ने की कोशिश करता दिखता है। ग्रामीणों का कहना है कि देवरी श्मशान घाट में पहले भी असामाजिक तत्वों और तांत्रिक गतिविधियों को देखा गया है, जिससे पूरे इलाके में डर और रोष का माहौल है।
सीपत पुलिस ने मामला दर्ज कर हिरासत में लिए गए ऋषिकेश से पूछताछ जारी रखी है और उसके तीन फरार साथियों की तलाश में संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही है। इसके साथ ही उस कथित तांत्रिक की पहचान करने की कोशिश की जा रही है जिसने सोशल मीडिया पर इन युवाओं को अंधविश्वास के इस जाल में धकेला। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि न्यायपालिका और संवैधानिक पदों पर बैठे व्यक्तियों की फोटो का इस तरह गलत इस्तेमाल करने और अंधविश्वास फैलाने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
यह घटना एक बार फिर साबित करती है कि शिक्षित होने के बावजूद लोग किस तरह रातों-रात राहत पाने या अदालती मुकदमों से बचने के लिए अंधविश्वास के खतरनाक दलदल में फंस रहे हैं। बिलासपुर पुलिस ने आम जनता से भी अपील की है कि वे इस तरह के तांत्रिकों और ठगों के झांसे में न आएं तथा किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत नजदीकी थाने में दें।



