कम लागत में उद्योग और बंपर मुनाफे का झांसा, सोशल मीडिया के जरिए ठगी करने वाला शातिर ठग रायपुर पुलिस की गिरफ्त में
फेसबुक-इंस्टाग्राम पर विज्ञापन देकर फंसाता था जालसाज; रायपुर पुलिस ने दबोचा, 30 से अधिक लोग बन चुके हैं शिकार ।

रायपुर। सोशल मीडिया को ठगी का नया हथियार बनाकर सीधे-साधे लोगों को व्यापार का झांसा देने वाले एक बड़े अंतरराज्यीय गिरोह का भंडाफोड़ हुआ है। रायपुर कमिश्नरेट के अंतर्गत डीडी नगर थाना पुलिस ने दोना-पत्तल निर्माण की मशीन और कच्चा माल उपलब्ध कराने के नाम पर लाखों रुपये की धोखाधड़ी करने वाले शातिर आरोपी शैलेंद्र कुमार रजक को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपी को न्यायालय में पेश कर पुलिस रिमांड पर लिया है, जिससे कई अन्य बड़े खुलासे होने की उम्मीद है।
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, पीड़ित प्रार्थी ने सोशल मीडिया पर एक लुभावना विज्ञापन देखा था, जिसमें दोना-पत्तल उद्योग लगाने और घर बैठे भारी मुनाफा कमाने का दावा किया गया था। प्रार्थी ने जब दिए गए नंबर पर संपर्क किया, तो आरोपी शैलेंद्र रजक (39 वर्ष) ने खुद को बड़ी कंपनी का संचालक बताया। उसने भरोसा दिलाया कि वह न सिर्फ मशीन और कच्चा माल देगा, बल्कि तैयार माल को खुद ही वापस खरीद लेगा। आरोपी की चिकनी-चुपड़ी बातों में आकर प्रार्थी ने अलग-अलग किश्तों में कुल 2,95,000 रुपये ट्रांसफर कर दिए। रकम मिलते ही आरोपी ने टालमटोल शुरू कर दी और फोन बंद कर लिया।
धोखाधड़ी का अहसास होने पर प्रार्थी ने थाने में शिकायत दर्ज कराई। मामले की गंभीरता को देखते हुए डीसीपी (पश्चिम जोन) संदीप कुमार पटेल और एडिशनल डीसीपी राहुल देव शर्मा ने तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए। एसीपी (पुरानी बस्ती) देवांश सिंह राठौर और डीडी नगर थाना प्रभारी के नेतृत्व में एक विशेष टीम का गठन किया गया। पुलिस टीम ने तकनीकी व दस्तावेजी साक्ष्यों (बैंक ट्रांजैक्शन और कॉल डिटेल) को खंगालने के बाद आरोपी को घेराबंदी कर धर दबोचा। कड़ी पूछताछ में आरोपी ने अपना जुर्म कबूल कर लिया है।
पुलिस की शुरुआती जांच में यह चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि आरोपी शैलेंद्र रजक सिर्फ रायपुर ही नहीं, बल्कि देश के अन्य राज्यों के 25 से 30 लोगों को भी इसी तरह अपने जाल में फंसाकर लाखों रुपये की चपत लगा चुका है।
डीडी नगर पुलिस ने आरोपी के खिलाफ अपराध क्रमांक 404/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 318(4) [धोखाधड़ी] के तहत मामला दर्ज किया है। पुलिस अब आरोपी के बैंक खातों और अन्य वित्तीय लेन-देन की बारीकी से जांच कर रही है ताकि ठगी की कुल रकम का पता लगाया जा सके।



