छत्तीसगढ़ न्यूज़ बुलेटिन: रायपुर थर्मल पावर प्लांट में बड़ा हादसा, बस्तर में 34 लाख लोगों की हेल्थ स्क्रीनिंग और UCC पर बड़ा फैसला; पढ़ें राज्य की 5 बड़ी खबरें
छत्तीसगढ़ की आज की 5 बड़ी खबरें: रायपुर पावर प्लांट हादसा, बस्तर स्वास्थ्य अभियान, UCC पर बड़ा फैसला, अंतर्राष्ट्रीय ड्रग नेटवर्क का पर्दाफाश और स्वतंत्रता दिवस पर बस्तर में तिरंगा। पढ़ें विस्तृत बुलेटिन।

1. रायपुर के APL थर्मल पावर प्लांट में हादसा, बॉयलर एरिया में गिरी क्रेन
छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर स्थित APL थर्मल पावर प्लांट परिसर में एक अचानक हुआ हादसा चर्चा का विषय बन गया। गुरुवार को प्लांट के बॉयलर एरिया में मेंटेनेंस और निर्माण कार्य चल रहा था, तभी एक भारी-भरकम क्रेन अनियंत्रित होकर नीचे गिर गई।
हादसे की खबर मिलते ही प्लांट परिसर में अफरा-तफरी मच गई और तुरंत राहत कार्य शुरू किया गया। प्रशासनिक अधिकारियों और रेस्क्यू टीम ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को संभाला। गनीमत यह रही कि क्रेन गिरने के दौरान आसपास मौजूद कर्मचारियों ने समय रहते दूरी बना ली, जिससे कोई बड़ा जानमाल का नुकसान टल गया।
घटना के तुरंत बाद एक्सपर्ट्स और टेक्निकल टीम ने मौके का मुआयना किया। कंपनी प्रबंधन और स्थानीय प्रशासन अब इस बात की जांच कर रहे हैं कि क्रेन में यांत्रिक खराबी आई थी या फिर संचालन में लापरवाही हुई। सुरक्षा मानकों को ध्यान में रखते हुए बॉयलर क्षेत्र में कुछ समय के लिए काम रोक दिया गया है और पूरे नुकसान का सटीक आकलन किया जा रहा है।
2. ‘मुख्यमंत्री स्वास्थ्य बस्तर अभियान’ का असर, 34 लाख से अधिक लोगों की हुई हेल्थ स्क्रीनिंग
प्रदेश के स्वास्थ्य ढांचे को सुदूर वनांचल क्षेत्रों तक पहुंचाने की दिशा में राज्य सरकार को बड़ी सफलता मिली है। ‘मुख्यमंत्री स्वास्थ्य बस्तर अभियान’ के तहत अब तक बस्तर संभाग के सात जिलों में 34.29 लाख से अधिक लोगों की स्वास्थ्य जांच की जा चुकी है।
यह अभियान इस साल अप्रैल महीने में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय द्वारा सुकमा जिले से शुरू किया गया था। कठिन भौगोलिक परिस्थितियों और दशकों से नक्सल प्रभावित रहे इलाकों के बावजूद स्वास्थ्य विभाग की टीमों ने लक्ष्य के 99 प्रतिशत हिस्से को कवर कर लिया है। डॉक्टर, नर्स, मितानिन और आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं की संयुक्त टीम घर-घर जाकर लोगों का परीक्षण कर रही है।
इस बड़े स्क्रीनिंग ड्राइव के दौरान मलेरिया, टीबी, सिक्कल सेल, कुष्ठ रोग और ओरल कैंसर जैसी बीमारियों के शुरुआती लक्षण पाए गए हैं। लगभग 60 हजार से अधिक गंभीर मरीजों को बेहतर इलाज के लिए बड़े अस्पतालों में रेफर किया गया है, जबकि 10 हजार से अधिक हाई-रिस्क गर्भवती महिलाओं को लगातार डॉक्टर की निगरानी में रखा गया है।
विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) की टीम ने भी बीजापुर के एक हेल्थ कैंप का दौरा कर इस जमीनी प्रयास की सराहना की है। अभियान की सफलता को देखते हुए सरकार ने जांच के बाद अब मरीजों के फॉलो-अप और पूरे इलाज की प्रक्रिया को 31 अगस्त तक बढ़ाने का निर्णय लिया है।
3. रायपुर पुलिस का डबल अटैक: अंतर्राष्ट्रीय कोकीन नेटवर्क का पर्दाफाश और स्ट्रीट क्राइम पर नकेल
राजधानी रायपुर में नशे के कारोबार और स्ट्रीट क्राइम के खिलाफ पुलिस का कड़ा रुख देखने को मिल रहा है। रायपुर पुलिस की एंटी क्राइम एंड साइबर यूनिट और देवेंद्र नगर थाना पुलिस ने दिल्ली में दबिश देकर एक नाइजीरियन नागरिक समेत दो बड़े ड्रग तस्करों को गिरफ्तार किया है।
जांच में खुलासा हुआ है कि यह गिरोह बीपी (ब्लड प्रेशर) मशीनों के डिब्बों में छिपाकर दिल्ली से रायपुर तक कोकीन की सप्लाई कर रहा था। पुलिस ने आरोपियों के पास से करीब 11 लाख रुपए की संपत्ति, 9.70 लाख रुपए नकद और कई आईफोन बरामद किए हैं। नाइजीरिया में बैठा मास्टरमाइंड इस पूरे सिंडिकेट को संभाल रहा था और रायपुर में ‘डेड ड्रॉप’ सिस्टम के जरिए ड्रग्स डिलीवर की जा रही थी।
इसी के साथ रायपुर पुलिस कमिश्नरेट ने शहर में लूट और झपटमारी की घटनाओं पर अपनी रिपोर्ट जारी की है। पिछले चार महीनों के दौरान शहर में लूट और झपटमारी के कुल 24 मामले दर्ज किए गए थे, जिनमें से 20 मामलों में त्वरित कार्रवाई करते हुए पुलिस ने 20 से अधिक आरोपियों को सलाखों के पीछे भेज दिया है।
पुरानी बस्ती, तेलीबांधा, टिकरापारा और खम्हारडीह जैसे व्यस्त और संवेदनशील इलाकों में पुलिस ने स्पेशल पेट्रॉलिंग बढ़ा दी है। सीसीटीवी फुटेज और टेक्निकल सर्विलांस की मदद से बरामद की गई सोने की चेन, मोबाइल और नकदी उनके असली मालिकों को लौटाई जा रही है।
4. छत्तीसगढ़ में लागू होगा समान नागरिक संहिता (UCC), लेकिन अनुसूचित जनजातियां रहेंगी बाहर
छत्तीसगढ़ में समान नागरिक संहिता (Uniform Civil Code) को लेकर सरकार ने अपनी नीति स्पष्ट कर दी है। उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने इस संबंध में बयान जारी करते हुए बताया कि राज्य में यूसीसी का ड्राफ्ट तैयार करने के लिए एक विशेष समिति काम कर रही है और जल्द ही इसे अंतिम रूप दिया जाएगा।
सरकार ने यह साफ किया है कि प्रदेश की अनुसूचित जनजातियों (Scheduled Tribes) को इस कानून के दायरे से पूरी तरह बाहर रखा जाएगा। जनजातीय समाज की अपनी विशिष्ट परंपराएं, रूढ़िगत कानून और सांस्कृतिक व्यवस्थाएं हैं, जिन्हें पूरी सुरक्षा दी जाएगी।
इस निर्णय के बाद राज्य की राजनीति में नई बहस छिड़ गई है। सरकार का तर्क है कि यूसीसी लागू होने से अन्य सभी समुदायों में नागरिक अधिकारों और विवाह-संपत्ति से जुड़े नियमों में एकरूपता आएगी, जबकि आदिवासियों के संवैधानिक अधिकारों और परंपराओं को अक्षुण्ण रखा जाएगा।
5. माओवाद का साया छंटा: बस्तर के 92 गांवों में पहली बार फहराया जाएगा तिरंगा
आगामी स्वतंत्रता दिवस को लेकर बस्तर से एक बेहद सकारात्मक और ऐतिहासिक खबर सामने आ रही है। सुरक्षा बलों के लगातार बढ़ते प्रभाव और विकास कार्यों की पहुंच से बस्तर के अंदरूनी इलाकों में हालात तेजी से बदल रहे हैं।
इस साल 15 अगस्त को बस्तर के 92 ऐसे सुदूर और घने जंगलों में स्थित गांवों में पहली बार आधिकारिक रूप से राष्ट्रीय ध्वज फहराया जाएगा, जो अब तक नक्सली प्रभाव के कारण तिरंगे से दूर थे। इन इलाकों में नए पुलिस कैंप और सिक्योरिटी कैंप स्थापित होने के बाद अब शासन-प्रशासन की सीधी पहुंच संभव हो सकी है।
स्थानीय ग्रामीणों, बच्चों और जनप्रतिनिधियों में स्वतंत्रता दिवस को लेकर अभूतपूर्व उत्साह देखा जा रहा है। इन गांवों में तिरंगा फहराने के साथ-साथ विकास योजनाओं की नींव भी रखी जा रही है, जो बस्तर में शांति और खुशहाली के एक नए युग का संकेत दे रही है।


