एनडीपीएस एक्ट के तहत रायपुर पुलिस की बड़ी कार्रवाई,ड्रग डिस्पोजल कमेटी की निगरानी में सिलतरा पावर प्लांट में नष्ट किए गए करोड़ों के नशीले पदार्थ
कमिश्नरेट पुलिस का 'नशा मुक्ति' एक्शन: फर्नेस में जलाकर खाक किए गए 83 मामलों के प्रतिबंधित ड्रग्स, थानों के मालखाने हुए सुव्यवस्थित ।

रायपुर। नशीले पदार्थों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत रायपुर कमिश्नरेट (पश्चिम जोन) ने मंगलवार, 30 जून को एक बड़ी प्रशासनिक और विधिक कार्रवाई को अंजाम दिया। पश्चिम जोन के विभिन्न थानों में लंबे समय से लंबित और सुरक्षित रखे गए भारी मात्रा में प्रतिबंधित नशीले पदार्थों को सिलतरा स्थित एक पावर प्लांट की भट्ठी (फर्नेस) में डालकर पूरी तरह नष्ट कर दिया गया। यह कार्रवाई गृह मंत्रालय और नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) के कड़े सुरक्षा मानकों और पर्यावरण विभाग से मिली विधिवत अनुमति के बाद वैज्ञानिक तरीके से पूरी की गई।
इस संवेदनशील नष्टीकरण की पूरी प्रक्रिया केंद्र सरकार और पुलिस मुख्यालय द्वारा गठित जिला स्तरीय ड्रग डिस्पोजल कमेटी की सीधी निगरानी में संपन्न हुई। मौके पर खुद पुलिस उपायुक्त (पश्चिम जोन) संदीप कुमार पटेल (IPS), अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त राहुल देव शर्मा एवं जिला आबकारी अधिकारी प्रवीण वर्मा मौजूद रहे। अधिकारियों के समक्ष सभी संबंधित थानों के अभिलेखों (रिकॉर्ड) का मिलान और भौतिक सत्यापन करने के बाद ही ड्रग्स को नष्ट करने की हरी झंडी दी गई।
पुलिस द्वारा दी गई आधिकारिक जानकारी के अनुसार, पश्चिम जोन के कुल 83 एन.डी.पी.एस. (NDPS) प्रकरणों से संबंधित जब्त माल को नष्ट किया गया है, जिसका विवरण इस प्रकार है:
- गांजा: कुल 194.242 किलोग्राम
- प्रतिबंधित टैबलेट/कैप्सूल: 1,06,652 नग (लाखों की संख्या में)
- हेरोइन (चिट्टा): 337.64 ग्राम
- कोकीन: 29 ग्राम
इस कार्रवाई का मुख्य उद्देश्य थानों के मालखानों में अनावश्यक और निष्प्रयोज्य रूप से वर्षों से डंप पड़ी सामग्री का निपटारा करना था। इस बड़े निस्तारण के बाद अब पश्चिम जोन के थानों के मालखाने पूरी तरह से स्वच्छ, सुव्यवस्थित और सुरक्षित हो गए हैं। डीसीपी संदीप कुमार पटेल ने बताया कि इस प्रक्रिया से न केवल पारदर्शिता बढ़ी है, बल्कि भविष्य में आपराधिक मामलों में जब्त होने वाली सामग्रियों के वैज्ञानिक और सुरक्षित भंडारण के लिए थानों में पर्याप्त स्थान उपलब्ध हो गया है।



