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एम्बुलेंस में ऑक्सीजन की कमी से प्रसूता नवजात की मौत,सरकार के माथे पर कलंक: सुशील आनंद शुक्ला



रायपुर । भाजपा सरकार की अकर्मण्यता के कारण राज्य की स्वास्थ्य सुविधा बदतर हो चुकी है। प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि राज्य के कोरबा जिले में एक ही दिन में एम्बुलेंस में ऑक्सीजन नहीं होने के कारण एक प्रसूता और उसके जुड़वा बच्चों की मौत हो गयी है।

इसी दिन एक संरक्षित जनजाति की महिला ने एम्बुलेंस में शिशु को जन्म दिया ,लेकिन एंबुलेंस में ऑक्सीजन नहीं होने के कारण उसके नवजात शिशु की मौत हो गयी। यह घटनाएं सरकार के माथे पर कलंक है। तथा राज्य की बदहाल स्वास्थ्य सुविधा का आईना है।

प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि राजधानी के मेकाहारा से लेकर उप स्वास्थ्य केंद्र तक स्वास्थ्य सुविधाएं भगवान भरोसे है। भाजपा सरकार की दुर्भावना, उपेक्षा और निकम्मेपन के चलते हैं मामूली बीमारी से बड़ी संख्या में लोग बे-मौत मरने मजबूर हैं।

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पीलिया, मलेरिया, डायरिया से रोज़ मौत हो रही है। सुकमा के गोगुंडा गांव में 15 दिनों में 10 आदिवासियों की मलेरिया से मौत हो गयी है। मौसमी बीमारियों से रोकथाम के उपाय बंद होने के कारण विगत 11 महीनों में ही प्रदेश में मलेरिया संक्रमण दर 8 गुना बढ़ गई है।

हमर अस्पताल, हाट बाजार क्लीनिक, मोहल्ला क्लीनिक, शहरी स्लम चिकित्सक सेवा कार्यक्रम बाधित है। बड़े ऑपरेशन तो दूर मामूली इलाज़ के लिए जनता भटक रही है।

प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि पूर्ववर्ती कांग्रेस की सरकार ने छत्तीसगढ़ में स्वास्थ्य का इंफ्रास्ट्रक्चर 2018 की तुलना में ढाई गुना बेहतर विकसित किया था। सभी जिला अस्पतालों को मल्टी स्पेशलिटी हास्पिटल के तौर पर विकसित किया था। ब्लॉक के अस्पतालों में भर्ती की सुविधाएं विकसित की थी। अधिकांश जिला अस्पताल में डायलिसिस और क्रिटिकल केयर यूनिट शुरू किए गए थे।

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25 लाख तक की मुख्यमंत्री विशेष स्वास्थ्य सहायता योजना छत्तीसगढ़ में संचालित थी। पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार ने छत्तीसगढ़ में 4000 से अधिक नियमित पदों पर डॉक्टर, नर्स, तकनीशियन और सहायक कर्मचारी की भर्तियां की।

मुख्यमंत्री शहरी स्लम स्वास्थ्य सहायता योजना, हाट बाजार क्लिनिक, मोहल्ला क्लीनिक, दाई दीदी क्लिनिक, हमर अस्पताल और हमर लैब स्थापित किया था। लेकिन अब सरकार बदलते ही विगत 11 महीनों के भीतर छत्तीसगढ़ में स्वास्थ्य सुविधा बदहाल हो चुका है।

प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि भाजपा की सरकार 11 महीनो के भीतर ही छत्तीसगढ़ की जनता के साथ ही स्वास्थ्य कर्मियों का भी भरोसा खो चुकी है। साय सरकार की अकर्मण्यता के चलते सरकारी डॉक्टर अपने पद से त्यागपत्र की पेशकश कर रहे हैं। हर माह सैंकड़ों की संख्या में स्वास्थ्य कर्मी रिटायर हो रहे हैं लेकिन यह सरकार एक भी पद पर नियमित भर्ती नहीं कर पा रही है।

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Richa Sahay

ऋचा सहाय — पत्रकारिता और न्याय जगत की एक सशक्त आवाज़, जिनका अनुभव दोनों क्षेत्रों में अद्वितीय है। वर्तमान में The 4th Pillar की वरिष्ठ समाचार संपादक के रूप में कार्यरत ऋचा सहाय दशकों से राजनीति, समाज, खेल, व्यापार और क्राइम जैसी विविध विषयों पर बेबाक, तथ्यपूर्ण और संवेदनशील लेखन के लिए जानी जाती हैं। उनकी लेखनी की सबसे खास बात है – जटिल मुद्दों को सरल, सुबोध भाषा में इस तरह प्रस्तुत करना कि पाठक हर पहलू को सहजता से समझ सकें।पत्रकारिता के साथ-साथ ऋचा सहाय एक प्रतिष्ठित वकील भी हैं। LLB और MA Political Science की डिग्री के साथ, उन्होंने क्राइम मामलों में गहरी न्यायिक समझ और विश्लेषणात्मक दृष्टिकोण स्थापित किया है। उनके अनुभव की गहराई न केवल अदालतों की बहसों में दिखाई देती है, बल्कि पत्रकारिता में उनके दृष्टिकोण को भी प्रभावशाली बनाती है।दोनों क्षेत्रों में वर्षों की तपस्या और सेवा ने ऋचा सहाय को एक ऐसा व्यक्तित्व बना दिया है जो ज्ञान, निडरता और संवेदनशीलता का प्रेरक संगम है।

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