रायपुर: स्पा सेंटर की आड़ में ड्रग्स का कारोबार, 15 ग्राम मादक पदार्थ के साथ 3 युवतियां गिरफ्तार
रायपुर के खम्हारडीह थाना क्षेत्र में पुलिस ने बड़े ड्रग्स नेटवर्क का भंडाफोड़ किया है। स्पा सेंटर की आड़ में मादक पदार्थों की तस्करी कर रही तीन युवतियों को 15 ग्राम ड्रग्स के साथ पकड़ा गया है।

गिरफ्तार की गई युवतियां पूछताछ के दौरान पुलिस को लगातार गुमराह करने का प्रयास कर रही थीं। शुरुआत में इन्होंने खुद को केवल स्पा सेंटर की सामान्य कर्मचारी बताया। सख्ती से पूछताछ करने पर यह स्पष्ट हुआ कि स्पा सेंटर में आने वाले चुनिंदा रसूखदार ग्राहकों को विशेष मांग पर यह नशीला पदार्थ मुहैया कराया जाता था। पुलिस अब उस पूरे तंत्र को डिकोड कर रही है जिसके तहत ग्राहकों से संपर्क साधा जाता था। डार्क वेब और इंटरनेट कॉलिंग जैसे माध्यमों का इस्तेमाल कर कोडवर्ड में नशीले पदार्थों की सौदेबाजी की जाती थी। यह कोई सामान्य घटना नहीं है। यह शहर के युवाओं को नशे की गहरी गर्त में धकेलने वाले एक बड़े और संगठित अंतरराज्यीय सिंडिकेट का हिस्सा प्रतीत हो रहा है।
इस कार्रवाई को शहर में चल रहे एक बड़े पुलिसिया अभियान से जोड़कर देखा जा रहा है। हाल ही में वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के सख्त निर्देश पर राजधानी के करीब तीस अलग-अलग स्पा सेंटरों पर एक साथ अचानक छापेमारी की गई थी। सौ से अधिक पुलिस जवानों और राजपत्रित अधिकारियों की टीम ने इन संस्थानों के रिकॉर्ड खंगाले थे। उस व्यापक अभियान के दौरान ही पुलिस को कुछ ऐसे अहम सुराग मिले थे जिन्होंने खम्हारडीह इलाके के इस विशेष स्पा सेंटर की तरफ इशारा किया था। जांच एजेंसियों के सामने यह तथ्य आ चुका है कि कुछ स्पा संचालक सिर्फ थेरेपी या मसाज की आड़ में ड्रग्स की तस्करी जैसे संगीन अपराधों को अंजाम देने के लिए सुरक्षित पनाहगार बन चुके हैं।
जांच का दायरा अब केवल इन तीन युवतियों तक सीमित नहीं है। खम्हारडीह थाना पुलिस अब ड्रग्स की उस पूरी सप्लाई चेन को खंगाल रही है जहां से यह 15 ग्राम मादक पदार्थ रायपुर तक पहुंचा। क्या यह ड्रग्स देश की सीमाओं के पार से तस्करी कर लाया गया था या फिर किसी दूसरे राज्य के बड़े तस्करों ने इसकी खेप राजधानी में उतारी थी? इन युवतियों को यह ड्रग्स किस सप्लायर ने दिया था, पुलिस उस मास्टरमाइंड तक पहुंचने के लिए तकनीकी साक्ष्यों का सहारा ले रही है। पकड़ी गई युवतियों के मोबाइल फोन जब्त कर लिए गए हैं। उनके कॉल डिटेल्स, मैसेजिंग ऐप्स के चैट हिस्ट्री और वित्तीय लेन-देन के तमाम रिकॉर्ड साइबर सेल की मदद से खंगाले जा रहे हैं। मोबाइल डेटा की इस गहन जांच से कई सफेदपोश चेहरों से नकाब उठने की प्रबल संभावना है।
इस घटना ने शहर के संभ्रांत परिवारों की चिंताएं बढ़ा दी हैं। स्पा सेंटर जैसे आधुनिक प्रतिष्ठानों में आसानी से उपलब्ध होने वाले इस नशे का सबसे बड़ा शिकार रईस घरों के युवा बन रहे हैं। पुलिस अब इस बात की भी गहन पड़ताल कर रही है कि इन युवतियों का नेटवर्क किन-किन क्लबों और निजी पार्टियों तक फैला हुआ था। शहर के अन्य थानों को भी अलर्ट कर दिया गया है। उन सभी प्रतिष्ठानों की गुप्त निगरानी शुरू कर दी गई है जिनकी कार्यप्रणाली लंबे समय से संदिग्ध है। अवैध गतिविधियों को पनाह देने वाले भवन मालिकों से भी पूछताछ की विस्तृत रूपरेखा तैयार कर ली गई है।
पुलिस ने पकड़ी गई तीनों युवतियों के खिलाफ एनडीपीएस (स्वापक औषधि और मनःप्रभावी पदार्थ) अधिनियम की विभिन्न सख्त धाराओं के तहत अपराध पंजीबद्ध कर लिया है। जब्त किए गए 15 ग्राम नशीले पदार्थ के नमूने को रासायनिक परीक्षण के लिए राज्य फोरेंसिक विज्ञान प्रयोगशाला भेज दिया गया है। फोरेंसिक रिपोर्ट के आधार पर ड्रग्स की सटीक प्रकृति और उसकी शुद्धता का कानूनी रूप से निर्धारण होगा। खम्हारडीह पुलिस स्पा सेंटर के मुख्य संचालक की भी सरगर्मी से तलाश कर रही है जो घटना के बाद से फरार बताया जा रहा है। पुलिस की एक विशेष टीम उसकी संभावित छिपने की जगहों पर लगातार दबिश दे रही है। शहर के सभी प्रमुख व्यावसायिक परिसरों में लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज को सुरक्षित कर आरोपियों के पुराने मूवमेंट को ट्रैक किया जा रहा है ताकि उनके अन्य स्थानीय सहयोगियों की शिनाख्त की जा सके।


