रायपुर में जूनियर डॉक्टरों ने निकाला कैंडल मार्च, जानें क्या हैं प्रमुख मांगें
रायपुर के पंडित जवाहरलाल नेहरू स्मृति चिकित्सा महाविद्यालय में जूनियर डॉक्टर्स एसोसिएशन ने स्टाइपेंड वृद्धि और आउटसोर्सिंग के विरोध में कैंडल मार्च निकालकर शक्ति प्रदर्शन किया।

इंटर्न, पीजी रेजिडेंट्स, सीनियर रेजिडेंट्स और सुपरस्पेशलिटी डॉक्टरों ने हाथों में मोमबत्तियां और अपनी मांगों से संबंधित तख्तियां लेकर शांतिपूर्ण तरीके से विरोध दर्ज कराया। पंडित जवाहरलाल नेहरू स्मृति चिकित्सा महाविद्यालय परिसर से शुरू होकर यह मार्च अस्पताल परिसर के मुख्य मार्गों से गुजरा, जिसमें चिकित्सकों ने अपनी लंबित समस्याओं को लेकर एकजुटता दिखाई।
जूनियर डॉक्टरों की मुख्य मांगों में इंटर्न, पीजी और सीनियर रेजिडेंट डॉक्टरों के स्टाइपेंड में सम्मानजनक बढ़ोतरी शामिल है। इसके अतिरिक्त चिकित्सा महाविद्यालयों में सुपरस्पेशलिटी कैडर का गठन करने और राज्य के बाहर से डॉक्टरों की आउटसोर्सिंग प्रक्रिया पर तत्काल रोक लगाने का आग्रह किया गया है।
स्थानीय चिकित्सकों का तर्क है कि बाहरी डॉक्टरों की आउटसोर्सिंग से छत्तीसगढ़ के युवाओं के रोजगार अवसर प्रभावित हो रहे हैं। चिकित्सकों ने स्पष्ट किया कि यह प्रदर्शन केवल आर्थिक सुधारों तक सीमित नहीं है, बल्कि प्रदेश की चिकित्सा व्यवस्था और स्थानीय डॉक्टरों के भविष्य की सुरक्षा से जुड़ा मामला है।
कैंडल मार्च के दौरान रेजिडेंट डॉक्टरों ने “हमारा हक, हमारी आवाज” और “सेव लोकल डॉक्टर्स” जैसे नारे लगाकर स्वास्थ्य विभाग के प्रति अपना विरोध प्रकट किया। संघ के प्रतिनिधियों ने चेतावनी दी है कि यदि शासन स्तर पर उनकी मांगों का शीघ्र समाधान नहीं निकाला जाता, तो वे आंदोलन को तीव्र करने के लिए बाध्य होंगे। चिकित्सा महाविद्यालय प्रबंधन और स्थानीय प्रशासन ने शांतिपूर्ण प्रदर्शन के बाद स्थिति पर नजर बनाई रखी है।



