रायपुर में दिवाली पर बंद रहेंगी मांस की दुकानें, नगर निगम ने नॉनवेज परोसने पर भी लगाया पूर्ण प्रतिबंध
रायपुर नगर निगम ने दिवाली के पावन पर्व पर 8 नवंबर को राजधानी में मांस-मटन की बिक्री और होटलों में नॉनवेज परोसने पर पूर्ण रोक लगा दी है। नियम तोड़ने पर जब्ती और कड़ी कानूनी कार्रवाई होगी।

रायपुर, 06 नवंबर 2026, न्यूज डेस्क। दीपावली के पावन अवसर पर राजधानी रायपुर में 8 नवंबर को पशुवध गृहों समेत सभी मटन, चिकन और मछली की दुकानें पूरी तरह बंद रहेंगी। नगर पालिक निगम ने इस संबंध में विधिवत आदेश जारी कर दिया है। शहर में मांस बिक्री पर पूर्ण पाबंदी रहेगी। त्योहार की पवित्रता और जनआस्था को ध्यान में रखते हुए नगरीय निकाय प्रशासन ने न केवल खुले व बंद बाजारों में मांस-मटन के क्रय-विक्रय पर रोक लगाई है, बल्कि शहर भर के तमाम होटलों, ढाबों और रेस्टोरेंटों में भी मांसाहारी व्यंजन परोसने को पूरी तरह प्रतिबंधित कर दिया है। आदेश का उल्लंघन करने वाले कारोबारियों पर सीधी दंडात्मक कार्रवाई होगी। किसी भी व्यापारी को रियायत नहीं मिलेगी। नगर निगम के स्वास्थ्य विभाग ने स्पष्ट किया है कि यदि निर्धारित तिथि को कहीं भी अवैध रूप से वध, कटाई या मांस का विक्रय पाया गया, तो संबंधित व्यक्ति के खिलाफ नगर निगम अधिनियम की सुसंगत धाराओं के तहत कठोर वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
प्रशासनिक आदेश के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर नगर निगम मुख्यालय ने सख्त दिशा-निर्देश जारी किए हैं। नियमों की अनदेखी बर्दाश्त नहीं होगी। आदेश के तहत शहर की सीमा में संचालित सभी वैध व पंजीकृत स्लाटर हाउस 7 नवंबर की मध्यरात्रि से ही पूरी तरह बंद कर दिए जाएंगे। निगम के स्वास्थ्य अमले को निर्देश दिया गया है कि वे मुख्य मार्गों से लेकर अंदरूनी बस्तियों तक संचालित पोल्ट्री और मटन दुकानों पर पैनी नजर रखें। दुकानदारों को साफ हिदायत दी गई है कि वे 8 नवंबर को अपनी दुकानों के शटर पूरी तरह गिराकर रखें और किसी भी पिछले दरवाजे अथवा गुप्त स्थान से कच्चा या पका मांस बेचने का प्रयास न करें। पकड़े जाने पर दुकान का सारा सामान तत्काल जब्त कर लिया जाएगा। जब्ती के तुरंत बाद व्यवसायिक लाइसेंस निरस्तीकरण की प्रक्रिया भी शुरू की जाएगी।
राजधानी के आतिथ्य सत्कार और खानपान कारोबार से जुड़े प्रतिष्ठानों पर भी इस आदेश का सीधा असर पड़ रहा है। सभी होटल प्रबंधन अलर्ट पर हैं। वीआईपी रोड, तेलीबांधा, जीई रोड और पंडरी स्थित बड़े होटलों से लेकर आम रेस्टोरेंट और सड़क किनारे लगने वाले स्ट्रीट फूड स्टालों को अग्रिम रूप से आगाह कर दिया गया है। निगम के खाद्य सुरक्षा एवं स्वास्थ्य निरीक्षकों की टीम ने होटल संचालकों को स्पष्ट कर दिया है कि उस दिन मेन्यू से सभी मांसाहारी व्यंजन अनिवार्य रूप से हटा दिए जाएं। ऑनलाइन फूड डिलीवरी कंपनियों के माध्यम से भी शहर के भीतर मांसाहारी भोजन की आपूर्ति पर रोक रहेगी। शादी-ब्याह अथवा निजी फार्म हाउसों में आयोजित होने वाले दीपोत्सव कार्यक्रमों में भी मांसाहारी व्यंजनों के सार्वजनिक परोसने पर कड़ी निगरानी रखी जाएगी। नियमों का उल्लंघन करने वाले संस्थानों पर सीधे सीलिंग की कार्रवाई की जाएगी।
दीपावली के दौरान शहर में धार्मिक सौहार्द और पारंपरिक मर्यादा बनाए रखने के लिए यह निर्णय लिया गया है। यह व्यवस्था नई नहीं है। रायपुर नगर निगम प्रतिवर्ष महावीर जयंती, बुद्ध पूर्णिमा, गांधी जयंती, गणेश चतुर्थी और पर्यूषण पर्व जैसे अवसरों पर मांस बिक्री और पशुवध पर प्रतिबंध लगाता रहा है। इस वर्ष भी शासन के नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग द्वारा जारी स्थायी दिशा-निर्देशों के अनुरूप ही यह आदेश पारित किया गया है। धनतेरस से शुरू होकर भाईदूज तक चलने वाले इस दीपोत्सव के दौरान शहर के बाजारों में भारी चहल-पहल है। सराफा, कपड़ा, ऑटोमोबाइल और बर्तन बाजारों में जहां करोड़ों रुपये का कारोबार हो रहा है, वहीं मांसाहार से जुड़े कारोबारियों ने भी इस एक दिवसीय बंदी को देखते हुए अपने स्टॉक का प्रबंधन पहले ही कर लिया है। थोक विक्रेताओं ने अंतरराज्यीय मंडियों से आने वाली बकरे और मुर्गियों की आवक को 7 नवंबर की शाम तक सीमित कर दिया है।
मांस-मटन व्यापारी संघ और स्थानीय रेस्टोरेंट संचालकों ने आदेश को लेकर अपनी तैयारियां शुरू कर दी हैं। कारोबारियों ने पूर्ण सहयोग की बात कही है। संजय नगर, बैजनाथपारा, मौदहापारा और खमतराई जैसे प्रमुख मांस बाजारों के व्यवसायियों का कहना है कि वे पारंपरिक रूप से त्योहार के दिन स्वतः ही अपने प्रतिष्ठान बंद रखते हैं। कुछ छोटे फुटकर विक्रेताओं ने चिंता जताई है कि एक दिन के पूर्ण शटडाउन से रोज कमाने-खाने वाले कामगारों की दैनिक मजदूरी प्रभावित होती है। नगर निगम प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि लोक आस्था और जनभावनाओं के सम्मान के साथ किसी प्रकार का समझौता नहीं किया जा सकता। पर्व के दिन मांस के अपशिष्ट से नालियों के अवरुद्ध होने और सड़ांध फैलने की समस्या पर नियंत्रण पाने के लिए भी यह कदम जरूरी माना गया है। निगम का स्वच्छता दस्ता शहर भर के सभी सार्वजनिक डंपिंग स्थलों पर अतिरिक्त सफाई चक्र चलाएगा।
निगरानी तंत्र को चाक-चौबंद करने के लिए नगर निगम आयुक्त ने सभी दस जोनों में विशेष उड़नदस्तों की तैनाती की है। टीमें मैदान में उतर चुकी हैं। प्रत्येक जोन में संबंधित जोन स्वास्थ्य अधिकारी और मुख्य स्वच्छता निरीक्षकों के नेतृत्व में गश्ती दल गठित किए गए हैं, जो 8 नवंबर की तड़के चार बजे से ही अपने-अपने क्षेत्रों में गश्त शुरू कर देंगे। शास्त्री बाजार, गोलबाजार, फाफाडीह, आमापारा, संतोषी नगर और गुढ़ियारी जैसे घनी आबादी वाले बाजारों में औचक निरीक्षण किया जाएगा। जोन कमिश्नरों को व्यक्तिगत रूप से अपने क्षेत्रों की निगरानी करने की जवाबदेही सौंपी गई है। नगर निगम ने आम नागरिकों से भी अपील की है कि यदि किसी क्षेत्र में आदेश की अवहेलना करते हुए मांस की बिक्री या परिवहन देखा जाए, तो वे तत्काल निगम के केंद्रीय नियंत्रण कक्ष में सूचना दर्ज कराएं। उड़नदस्ते 8 नवंबर की देर रात बारह बजे तक लगातार औचक छापामार अभियान जारी रखेंगे।



