नकटी में गरीबों के आशियाने उजाड़ने पर भड़की कांग्रेस,पीड़ितों से मिलने पहुंचे दीपक बैज और भूपेश बघेल
40 साल पुराने मकानों को तोड़ने का विरोध, तत्काल विस्थापन और नए मकान बनाकर देने की मांग।

रायपुर । नकटी गांव में गरीब परिवारों के मकानों को तोड़े जाने के मामले ने अब बड़ा राजनीतिक रूप ले लिया है। छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी इस मुद्दे पर पूरी तरह से आक्रामक रुख अपनाते हुए पीड़ितों के पक्ष में खड़ी हो गई है। आज प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज और पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल सहित पार्टी के शीर्ष नेताओं ने नकटी पहुंचकर प्रभावित परिवारों से मुलाकात की और उनके प्रति अपनी गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए हर संभव मदद का भरोसा दिया।
प्रभावितों से मिलने पहुंचे प्रतिनिधिमंडल में पूर्व मंत्री शिव डहरिया, पूर्व मंत्री धनेन्द्र साहू, जिला कांग्रेस अध्यक्ष श्रीकुमार शंकर मेनन और वरिष्ठ नेता राजेन्द्र पप्पू बंजारे सहित कई प्रमुख कांग्रेसी पदाधिकारी शामिल थे। नेताओं ने मौके पर पहुंचकर मलबे में तब्दील हो चुके आशियानों को देखा और प्रशासनिक कार्रवाई पर कड़ा ऐतराज जताया।
पीसीसी अध्यक्ष दीपक बैज ने इस कार्रवाई को अमानवीय बताते हुए सरकार की प्राथमिकताओं पर सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि नकटी में जो लोग पिछले 40 वर्षों से अपना घर बनाकर रह रहे थे, उनके आशियाने उजाड़ना बेहद निंदनीय है। कांग्रेस इस अत्याचार का पुरजोर विरोध करती है। यदि सरकार को विधायकों के लिए कॉलोनी बनानी है, तो नया रायपुर में सैकड़ों एकड़ जमीन महज 1 रुपये फीट की दर से अलॉट की जा सकती है, वहां कॉलोनी क्यों नहीं बनाई गई? बैज ने सरकार को ‘गरीब विरोधी’ करार देते हुए मांग की कि बेघर हुए लोगों को तत्काल व्यवस्थित किया जाए और जिनका मकान तोड़ा गया है, उन्हें सरकार नया मकान बनाकर दे।
दौरे के दौरान पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने भी राज्य सरकार की कार्यप्रणाली पर तीखा हमला बोला। उन्होंने इसे भाजपा सरकार की ‘परपीड़क’ (दूसरों को पीड़ा देने वाली) मानसिकता का उदाहरण बताया। बघेल ने कहा कि इस कार्रवाई के कारण नकटी के कई गरीब परिवारों के सिर से छत छिन गई है। गरीब और कमजोर वर्गों पर इस तरह का कोई भी अन्याय कांग्रेस स्वीकार नहीं करेगी। प्रभावित परिवारों को न्याय दिलाने और उनके अधिकारों की रक्षा के लिए हमारी लड़ाई पूरी प्रतिबद्धता के साथ जारी रहेगी। कांग्रेस पार्टी हर कदम पर इनके साथ खड़ी है।
कांग्रेस ने साफ कर दिया है कि यदि प्रभावितों को जल्द न्याय और नया आवास नहीं मिला, तो इस मुद्दे को लेकर सड़क से लेकर सदन तक आंदोलन तेज किया जाएगा।



