बरमकेला अपेक्स बैंक में 18.13 करोड़ का गबन: तत्कालीन शाखा प्रबंधक डीआर वाघमारे समेत 8 कर्मचारी बर्खास्त
सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले की बड़ी कार्रवाई, ईओडब्ल्यू करेगी मामले की जांच, गबन के आरोपियों से की जाएगी पूरी रकम की वसूली।

सहकारिता जगत को झकझोर कर रख देने वाले इस गबन मामले में अपेक्स बैंक ने तत्कालीन शाखा प्रबंधक डीआर वाघमारे समेत तीन नियमित अधिकारियों व कर्मचारियों को सेवा से सीधे बर्खास्त कर दिया है। इसके साथ ही, इस धोखाधड़ी में शामिल रहे पांच आउटसोर्सिंग कर्मचारियों की सेवाएं भी तत्काल प्रभाव से समाप्त कर उन्हें नौकरी से बाहर का रास्ता दिखा दिया गया है।
अपेक्स बैंक के प्राधिकृत अधिकारी केदार नाथ गुप्ता के कड़े दिशा-निर्देशों के बाद यह दंडात्मक कार्रवाई की गई है। इस बड़े फैसले से सहकारिता और बैंकिंग क्षेत्र में गड़बड़ी करने वाले कर्मचारियों के बीच कड़ा संदेश गया है। बैंक प्रशासन ने साफ कर दिया है कि बर्खास्तगी के साथ-साथ गबन की गई पाई-पाई की वसूली भी नियमानुसार इन सभी आरोपियों से की जाएगी।
वर्ष 2021 से 2024 के बीच हुआ करोड़ों का खेल
विभागीय स्तर पर कराए गए विशेष ऑडिट और उच्चस्तरीय आंतरिक जांच में यह बात आधिकारिक तौर पर सामने आई है कि बरमकेला अपेक्स बैंक शाखा में यह महाघोटाला वर्ष 2021 से लेकर नवंबर 2024 के बीच अंजाम दिया गया। तत्कालीन शाखा प्रबंधक डीआर वाघमारे और उनके अधीन कार्यरत अन्य कर्मचारियों ने मिलकर बैंकिंग सिस्टम की कमियों का फायदा उठाया और फर्जी खातों व फर्जी दस्तावेजों के सहारे करोड़ों रुपये की सरकारी और जनता की राशि का चूना लगाया।
जब ऑडिट के दौरान खातों में भारी विसंगतियां पाई गईं, तो अपेक्स बैंक मुख्यालय ने मामले की गंभीरता को देखते हुए एक विशेष जांच दल का गठन किया था। जांच दल की रिपोर्ट में 18 करोड़ 13 लाख रुपये से अधिक की हेराफेरी की पुष्टि होने के बाद ही इन आठ कर्मचारियों पर गाज गिरी है।
ईओडब्ल्यू (EOW) करेगी मामले की गहन जांच
अपेक्स बैंक के वरिष्ठ अधिकारियों से मिली जानकारी के अनुसार, इस पूरे घोटाले की परतें खोलने और इसमें शामिल अन्य बाहरी तत्वों का पता लगाने के लिए आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो (ईओडब्ल्यू) को मामला सौंपने की तैयारी पूरी हो चुकी है। राज्य सरकार और ईओडब्ल्यू से इस जांच के लिए सैद्धांतिक सहमति मिल चुकी है।
आने वाले कुछ ही दिनों में ईओडब्ल्यू की टीम बरमकेला शाखा के सभी संबंधित वित्तीय दस्तावेजों, कंप्यूटर हार्ड डिस्क और संदिग्ध बैंक खातों को अपने कब्जे में लेकर जांच की औपचारिक शुरुआत करेगी। बैंकिंग एक्सपर्ट्स का मानना है कि ईओडब्ल्यू की इस गहन जांच के बाद कई रसूखदार लोगों और बिचौलियों के नाम भी सामने आ सकते हैं, जिन्होंने बैंक अधिकारियों के साथ साठगांठ कर इस गबन की राशि को ठिकाने लगाया था।



