बलरामपुर में सनकी पति की खौफनाक करतूत: महिला नगर सैनिक के सूने घर को आग के हवाले किया, गैस सिलिंडर फटने के डर से बस्ती में मची भगदड़, आरोपी फरार
छत्तीसगढ़ के बलरामपुर जिला मुख्यालय से एक बेहद सनसनीखेज और हैरान कर देने वाला वाकया सामने आया है। यहां के एक घने रिहायशी इलाके में स्थित कन्या हाईस्कूल पारा में एक सनकी पति ने घरेलू विवाद या अज्ञात कारणों के चलते अपनी ही पत्नी के घर में आग लगा दी, जो कि पेशे से एक महिला नगर सैनिक (होमगार्ड) है। दोपहर के वक्त अचानक भड़की इस भीषण आग और घर के भीतर एलपीजी गैस सिलिंडर मौजूद होने की खबर ने पूरी घनी बस्ती में भारी दहशत पैदा कर दी। सिलिंडर में ब्लास्ट होने की आशंका से भयभीत दर्जनों परिवारों ने आनन-फानन में अपने-अपने घर खाली कर दिए और जान बचाने के लिए सड़कों पर भागने लगे, जिससे इलाके में भारी अफरा-तफरी का माहौल निर्मित हो गया।

प्रत्यक्षदर्शियों और स्थानीय निवासियों से मिली जानकारी के अनुसार, दोपहर के समय जब चारों तरफ सामान्य चहल-पहल थी, तभी अचानक उक्त मकान से आग की ऊंची-ऊंची लपटें उठने लगीं। देखते ही देखते आग ने पूरे मकान को अपने आगोश में ले लिया और आसमान में काले धुएं का एक विशाल गुबार छा गया, जिसे दूर-दूर से देखा जा सकता था। आगजनी की इस भयावह वारदात को अंजाम देने के तुरंत बाद आरोपी पति मौके से बड़ी चालाकी से फरार हो गया, जिसकी तलाश में स्थानीय पुलिस की टीमें लगातार छापेमारी कर रही हैं।
घनी रिहायशी बस्ती में एलपीजी सिलिंडर फटने की आशंका से पसरा खौफ
कन्या हाईस्कूल पारा क्षेत्र बेहद संकरा और सघन आबादी वाला इलाका है, जहां मकान एक-दूसरे से बिल्कुल सटे हुए हैं। जैसे ही मोहल्ले के लोगों को यह पता चला कि जिस घर में आग लगाई गई है, उसके भीतर एक भरा हुआ रसोई गैस (LPG) सिलिंडर रखा हुआ है, वैसे ही पूरे इलाके में दहशत का माहौल दोगुना हो गया। लोगों को डर था कि यदि आग की गर्मी से सिलिंडर में तगड़ा ब्लास्ट हुआ, तो इसकी चपेट में आकर आसपास के कई और मकान भी मलबे में तब्दील हो सकते हैं और भारी जनहानि हो सकती है।
सिलिंडर फटने की इसी भयावह आशंका के चलते पड़ोस में रहने वाले दर्जनों परिवारों ने बिना एक पल गंवाए अपने-अपने घरों को आनन-फानन में खाली करना शुरू कर दिया। लोग अपने छोटे बच्चों और बुजुर्गों को लेकर सुरक्षित स्थानों की ओर भागने लगे। घनी बस्ती की संकरी गलियों में अचानक मची इस भगदड़ से कुछ देर के लिए स्थिति काफी बेकाबू हो गई थी। सजग नागरिकों ने तुरंत इस बड़ी विपदा की सूचना स्थानीय पुलिस प्रशासन और दमकल विभाग (फायर ब्रिगेड) को दी।
ड्यूटी पर तैनात थी महिला नगर सैनिक, पीछे से पति ने रची साजिश
इस पूरे मामले में जो सबसे दुखद और हैरान करने वाला पहलू है, वह यह है कि पीड़ित महिला छत्तीसगढ़ नगर सेना विभाग में बतौर नगर सैनिक अपनी सेवाएं दे रही है। रोजमर्रा की तरह सोमवार को भी वह सुबह समय पर अपनी शासकीय ड्यूटी पर तैनात होने के लिए घर से निकल गई थी। उसे इस बात का जरा भी अंदाजा नहीं था कि उसके पीछे उसका अपना ही जीवनसाथी उसके आशियाने को राख करने की साजिश रच रहा है।
पड़ोसियों का कहना है कि दोपहर के वक्त अचानक महिला का पति घर पहुंचा और उसने कुछ ही मिनटों के भीतर इस खौफनाक वारदात को अंजाम दे दिया। इस आगजनी में महिला नगर सैनिक के घर में रखा तमाम कीमती सामान, राशन, जरूरी दस्तावेज और कपड़े जलकर पूरी तरह से खाक हो गए हैं। पीड़िता जब अपनी ड्यूटी खत्म कर वापस लौटी, तो अपने आशियाने को मलबे में तब्दील देख उसका रो-रोकर बुरा हाल हो गया।
फायर ब्रिगेड और पुलिस की टीम ने सूझबूझ से टाला बड़ा हादसा
घटना की संवेदनशीलता और गैस सिलिंडर होने की वीभत्स सूचना मिलते ही कोतवाली पुलिस और दमकल विभाग की गाड़ियां सायरन बजाती हुई घटना स्थल पर पहुंच गईं। पुलिस बल ने सबसे पहले सुरक्षा के दृष्टिकोण से आग लगे मकान के चारों तरफ घेराबंदी की और तमाशबीन बने लोगों को वहां से काफी पीछे खदेड़ा, ताकि किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटा जा सके।
दमकल कर्मियों ने अपनी जान जोखिम में डालकर जलते हुए मकान पर पानी की तेज बौछारें मारना शुरू किया। दमकल विभाग की तत्परता और सूझबूझ का ही नतीजा था कि आग को सिलिंडर तक पहुंचने से पहले ही पूरी तरह से नियंत्रित कर लिया गया, जिससे एक बहुत बड़ा और विनाशकारी धमाका होने से टल गया। करीब एक से डेढ़ घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर पूरी तरह से काबू पाया जा सका, जिसके बाद ही स्थानीय नागरिकों ने राहत की सांस ली।
घरेलू विवाद या मानसिक सनक? कारणों की तलाश में जुटी पुलिस
बलरामपुर पुलिस ने इस पूरे मामले को बेहद गंभीरता से लिया है क्योंकि एक शासकीय कर्मचारी और कानून व्यवस्था से जुड़ी महिला कर्मी के घर पर इस तरह का हमला सीधे तौर पर समाज में डर पैदा करता है। पुलिस ने पीड़ित महिला नगर सैनिक की शिकायत के आधार पर आरोपी पति के खिलाफ भादंवि (BNS) की सुसंगत और गंभीर धाराओं के तहत आपराधिक मामला दर्ज कर लिया है।
शुरुआती जांच और पड़ोसियों से की गई पूछताछ में यह अंदेशा जताया जा रहा है कि पति-पत्नी के बीच लंबे समय से किसी बात को लेकर आपसी अनबन या पारिवारिक विवाद चल रहा था। इसी घरेलू कलह या किसी मानसिक सनक के वश में आकर आरोपी ने इस खतरनाक कदम को उठाया। पुलिस आरोपी पति की धरपकड़ के लिए उसके संभावित ठिकानों, रिश्तेदारों के घरों और मोबाइल लोकेशन के जरिए लगातार सुराग जुटाने का प्रयास कर रही है।
घनी बस्तियों में सुरक्षा मानकों और फायर सेफ्टी को लेकर उठे सवाल
इस आगजनी की घटना ने एक बार फिर जिला मुख्यालयों के भीतर स्थित पुरानी और घनी रिहायशी बस्तियों में फायर सेफ्टी (आग से सुरक्षा) के पुख्ता इंतजामों को लेकर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। कन्या हाईस्कूल पारा जैसी बस्तियों में गलियां इतनी संकरी हैं कि वहां फायर ब्रिगेड की बड़ी गाड़ियों का दाखिल होना बेहद चुनौतीपूर्ण साबित होता है।
स्थानीय प्रबुद्ध नागरिकों का कहना है कि प्रशासन को ऐसी सघन आबादी वाले क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को गैस सिलिंडर सुरक्षा और आकस्मिक आगजनी से निपटने के लिए विशेष जागरूकता अभियान चलाना चाहिए। फिलहाल, बलरामपुर पुलिस का दावा है कि फरार आरोपी पति को बहुत जल्द गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे भेज दिया जाएगा और पीड़िता को उचित न्याय दिलाया जाएगा।



