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पंचांग और राहुकाल महाविश्लेषण: 2 जुलाई 2026 को इस समय रहेगा भयंकर राहुकाल, भूलकर भी न करें ये शुभ कार्य

आषाढ़ कृष्ण पक्ष की तृतीया तिथि और श्रवण नक्षत्र के संयोग में जानें आज के सभी शुभ-अशुभ मुहूर्त और विशेष ज्योतिषीय नियम।







रायपुर,02 जुलाई 2026। सनातन धर्म और वैदिक ज्योतिष में किसी भी कार्य को करने से पहले शुभ समय और सही पंचांग की गणना देखना बेहद अनिवार्य माना जाता है। आज यानी 2 जुलाई 2026 को आषाढ़ कृष्ण पक्ष की द्वितीया और तृतीया तिथि का विशेष योग बन रहा है।

आज के दिन ग्रहों की स्थिति और नक्षत्रों का संयोग जीवन पर सीधा प्रभाव डालेगा। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार हर दिन एक ऐसा समय आता है जिसे सबसे अधिक अशुभ माना जाता है और उसे राहुकाल कहते हैं। आज छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर समेत देश के सभी हिस्सों में राहुकाल का समय कब से कब तक रहेगा और इस दौरान कौन से नियम लागू होंगे, इसकी विस्तृत जानकारी इस समाचार में संकलित की गई है।

राहुकाल क्या होता है और क्यों इस समय वर्जित हैं शुभ कार्य

वैदिक ज्योतिष शास्त्र के अनुसार राहुकाल दिन का वह विशेष भाग होता है जिस पर क्रूर ग्रह राहु का पूर्ण आधिपत्य होता है। राहु को सूर्य और चंद्रमा का शत्रु तथा एक छाया ग्रह माना गया है जो जीवन में भ्रम, विघ्न और अनिश्चितता पैदा करता है। सूर्योदय से लेकर सूर्यास्त तक के पूरे दिन को आठ बराबर भागों में बांटा जाता है और उन्हीं में से एक भाग राहुकाल कहलाता है।

ज्योतिष शास्त्र के कड़े नियमों के मुताबिक राहुकाल के दौरान ब्रह्मांड में नकारात्मक ऊर्जा का प्रवाह बढ़ जाता है। इस समय शुरू किया गया कोई भी नया काम, व्यवसाय या मांगलिक अनुष्ठान कभी भी शुभ परिणाम नहीं देता है। राहु के प्रभाव के कारण इस अवधि में लिए गए निर्णय गलत साबित होते हैं और कार्यों में बार-बार बाधाएं आती हैं। यही कारण है कि इस समय को पूरी तरह से त्याग दिया जाता है।

आज 2 जुलाई 2026 का विस्तृत दैनिक पंचांग और ग्रह स्थिति

आज का पंचांग मुख्य रूप से पांच तत्वों से मिलकर बना है। आज की ज्योतिषीय स्थिति और पंचांग के मुख्य घटक नीचे दी गई तालिका में स्पष्ट किए गए हैं:

पंचांग तत्वआज की स्थिति (2 जुलाई 2026)
तिथिद्वितीया (सुबह 09:37 तक), उसके बाद तृतीया
नक्षत्रउत्तराषाढ़ा (सुबह 09:27 तक), उसके बाद श्रवण
योगऐन्द्र (रात 08:15 तक), उसके बाद वैधृति
करणगर (सुबह 09:37 तक), उसके बाद वणिज
चंद्र राशिमकर राशि में संचार
सूर्य राशिमिथुन राशि में विराजमान

आज का धार्मिक महत्व और आषाढ़ मास का विशेष फल

धार्मिक दृष्टिकोण से आषाढ़ मास का बहुत अधिक महत्व है। इस महीने में भगवान विष्णु और भगवान शिव की संयुक्त पूजा का विधान है। आज श्रवण नक्षत्र होने के कारण भगवान विष्णु की आराधना करना अत्यंत फलदायी माना गया है। मकर राशि के चंद्रमा और गुरुवार के इस विशेष संयोग में आज किया गया दान और व्रत मनुष्य को मानसिक शांति प्रदान करता है और कुंडली के गुरु दोषों को दूर करता है।

आज के विभिन्न राहु काल का सटीक समय

प्रत्येक शहर में सूर्योदय के समय के अनुसार राहुकाल के समय में कुछ मिनटों का अंतर आ सकता है। आज 2 जुलाई 2026 को मुख्य राहुकाल का समय दोपहर के समय रहेगा।

आज का मुख्य राहुकाल दोपहर 02 बजकर 10 मिनट से शुरू होकर दोपहर 03 बजकर 54 मिनट तक रहेगा। इस 1 घंटे 44 मिनट की अवधि में किसी भी नए काम की शुरुआत पूरी तरह से वर्जित रहेगी। जातकों को सलाह दी जाती है कि वे इस समयावधि के दौरान अपनी महत्वपूर्ण योजनाओं को रोक कर रखें।

राहुकाल में क्या-क्या चीजें भूलकर भी नहीं करनी चाहिए

राहुकाल के दौरान कुछ विशेष कार्यों को करने से पूरी तरह बचना चाहिए ताकि जीवन में किसी बड़ी हानि का सामना न करना पड़े। इस समय में नए व्यापार का उद्घाटन या नए प्रतिष्ठान की शुरुआत नहीं करनी चाहिए। इसके अलावा नए वाहन, सोने के आभूषण, भूमि या मकान की खरीदारी इस समय में बिल्कुल न करें।

इस अशुभ समय में विवाह, मुंडन, गृह प्रवेश या सगाई जैसे मांगलिक कार्य करना भारी नुकसान पहुंचा सकता है। राहुकाल के दौरान किसी भी बड़े वित्तीय निवेश या शेयर बाजार में पैसा लगाने से पूरी तरह बचाव करें। इस समय में किसी भी महत्वपूर्ण व्यावसायिक दस्तावेज या कॉन्ट्रैक्ट पर हस्ताक्षर नहीं करना चाहिए और न ही किसी लंबी दूरी की यात्रा की शुरुआत करनी चाहिए।

राहुकाल में क्या-क्या कार्य किए जा सकते हैं

यद्यपि राहुकाल में नए और शुभ कार्यों को मना किया गया है, लेकिन कुछ ऐसे कार्य हैं जिन्हें इस समय में सुचारू रूप से किया जा सकता है। जो कार्य पहले से लगातार चले आ रहे हैं, उन्हें इस समय में जारी रखने में कोई बुराई नहीं है। दैनिक दिनचर्या के सामान्य काम इस अवधि में प्रभावित नहीं होते हैं।

इसके अतिरिक्त राहुकाल के दौरान भगवान विष्णु या अपने इष्ट देव की मानसिक पूजा करना अत्यंत शुभ माना जाता है। इस समय में राहु ग्रह के मंत्रों का जाप करना या हनुमान चालीसा का पाठ करना नकारात्मक ऊर्जा को नष्ट करता है। यदि आप पहले से ही किसी यात्रा पर निकल चुके हैं तो राहुकाल के दौरान उस यात्रा को बीच में रोकने की आवश्यकता नहीं होती है।

राहुकाल और अभिजीत मुहूर्त का टकराव: क्या किया जा सकता है शुभ कार्य

ज्योतिष शास्त्र में यह एक बेहद गंभीर और महत्वपूर्ण प्रश्न है कि यदि किसी दिन राहुकाल और दिन का सबसे शुभ मुहूर्त यानी अभिजीत मुहूर्त एक साथ पड़ जाएं, तो क्या करना चाहिए। सामान्य तौर पर अभिजीत मुहूर्त को दिन का सबसे शक्तिशाली और शुभ मुहूर्त माना जाता है जिसमें किया गया कार्य हमेशा सफल होता है।

परंतु ज्योतिषीय विद्वानों और प्रामाणिक ग्रंथों के नियमों के अनुसार यदि अभिजीत मुहूर्त के समय ही राहुकाल का समय भी आ जाए, तो राहुकाल की नकारात्मकता अभिजीत मुहूर्त पर भारी पड़ जाती है। ऐसी स्थिति में अभिजीत मुहूर्त अपनी शुभता खो देता है। अतः यदि ये दोनों मुहूर्त एक साथ टकराते हैं, तो उस समय के दौरान किसी भी प्रकार का शुभ या मांगलिक कार्य करने से पूरी तरह बचना चाहिए और राहुकाल के समाप्त होने की प्रतीक्षा करनी चाहिए।

आज के सभी शुभ और अशुभ मुहूर्त की समय सारणी

आज के पूरे दिन की समय व्यवस्था को सुचारू रूप से समझने के लिए सभी शुभ और अशुभ मुहूर्तों की सूची समय के साथ नीचे तालिका में दी जा रही है:

मुहूर्त का प्रकारमुहूर्त का नामसटीक समय (2 जुलाई 2026)
शुभ मुहूर्तअभिजीत मुहूर्तसुबह 11:51 से दोपहर 12:47 तक
शुभ मुहूर्तअमृत कालसुबह 06:12 से सुबह 07:45 तक
शुभ मुहूर्तविजय मुहूर्तदोपहर 02:44 से दोपहर 03:40 तक
शुभ मुहूर्तगोधूलि मुहूर्तशाम 07:02 से शाम 07:24 तक
अशुभ मुहूर्तराहुकालदोपहर 02:10 से दोपहर 03:54 तक
अशुभ मुहूर्तयमगंड कालसुबह 05:27 से सुबह 07:11 तक
अशुभ मुहूर्तगुलिक कालसुबह 08:55 से सुबह 10:39 तक
अशुभ मुहूर्तदुर्मुहूर्त काल (प्रथम)सुबह 10:00 से सुबह 10:56 तक
अशुभ मुहूर्तदुर्मुहूर्त काल (द्वितीय)दोपहर 03:40 से शाम 04:36 तक

इन सभी शुभ और अशुभ समयों को ध्यान में रखकर ही अपने दैनिक कार्यों की रूपरेखा तय करना शास्त्र सम्मत और लाभदायी माना जाता है।

अस्वीकरण (Disclaimer): यह पंचांग और मुहूर्त विवरण वैदिक ज्योतिष की पारंपरिक गणनाओं और स्थापित धार्मिक मान्यताओं पर आधारित है। विभिन्न भौगोलिक स्थानों में सूर्योदय और सूर्यास्त के समय के अनुसार स्थानीय मुहूर्तों में मामूली अंतर हो सकता है। www.the4thpillar.live इस लेख में दी गई किसी भी ज्योतिषीय गणना, समय की सटीकता या इसके आधार पर किए गए कार्यों के परिणामों का कोई कानूनी दावा नहीं करता है। किसी भी बड़े मांगलिक कार्य, पूजा-अनुष्ठान या वित्तीय निवेश को करने से पहले अपने स्थानीय और प्रमाणित ज्योतिषाचार्य से व्यक्तिगत परामर्श अवश्य लें।

Richa Sahay

ऋचा सहाय — पत्रकारिता और न्याय जगत की एक सशक्त आवाज़, जिनका अनुभव दोनों क्षेत्रों में अद्वितीय है। वर्तमान में The 4th Pillar की वरिष्ठ समाचार संपादक के रूप में कार्यरत ऋचा सहाय दशकों से राजनीति, समाज, खेल, व्यापार और क्राइम जैसी विविध विषयों पर बेबाक, तथ्यपूर्ण और संवेदनशील लेखन के लिए जानी जाती हैं। उनकी लेखनी की सबसे खास बात है – जटिल मुद्दों को सरल, सुबोध भाषा में इस तरह प्रस्तुत करना कि पाठक हर पहलू को सहजता से समझ सकें।पत्रकारिता के साथ-साथ ऋचा सहाय एक प्रतिष्ठित वकील भी हैं। LLB और MA Political Science की डिग्री के साथ, उन्होंने क्राइम मामलों में गहरी न्यायिक समझ और विश्लेषणात्मक दृष्टिकोण स्थापित किया है। उनके अनुभव की गहराई न केवल अदालतों की बहसों में दिखाई देती है, बल्कि पत्रकारिता में उनके दृष्टिकोण को भी प्रभावशाली बनाती है।दोनों क्षेत्रों में वर्षों की तपस्या और सेवा ने ऋचा सहाय को एक ऐसा व्यक्तित्व बना दिया है जो ज्ञान, निडरता और संवेदनशीलता का प्रेरक संगम है।

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