स्वतंत्रता दिवस पर संकट मोचन हनुमान मंदिर में हुआ भव्य महाभंडारा,15 अगस्त पर कुबेर राठी के मार्गदर्शन में हज़ारों श्रद्धालुओं ने ग्रहण किया महाप्रसाद
2009 से अनवरत जारी है सेवा यात्रा: धर्म और वर्ग से परे होकर हजारों भक्तों ने एक साथ ग्रहण किया प्रभु हनुमान का महाप्रसाद।

रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर स्थित प्रसिद्ध श्री सर्व धर्म संकट मोचन हनुमान मंदिर में 15 अगस्त, स्वतंत्रता दिवस के पावन अवसर पर श्रद्धा, देशभक्ति और सेवा भावना का एक अद्भुत संगम देखने को मिला। मंदिर सेवा समिति के संस्थापक कुबेर राठी के मार्गदर्शन में आयोजित इस महाभंडारे में हजारों भक्तों ने प्रभु श्रीराम के परम भक्त श्री हनुमान जी महाराज का महाप्रसाद ग्रहण किया।

वर्ष 2009 से आरंभ हुई यह सेवा-साधना आज एक विशाल बरगद का रूप ले चुकी है। संस्थापक एवं समाजसेवी कुबेर राठी के नेतृत्व में बिना किसी विघ्न के पिछले 17 वर्षों से प्रत्येक शनिवार को महाभंडारे का यह दिव्य अनुष्ठान अनवरत जारी है। जहाँ एक ओर संपूर्ण राष्ट्र 15 अगस्त को स्वाधीनता के महापर्व के रूप में हर्षोल्लास के साथ मना रहा था, वहीं संकट मोचन हनुमान मंदिर के प्रांगण में राष्ट्रप्रेम के साथ-साथ ईश-भक्ति की अविरल गंगा प्रवाहित हुई।

हर शनिवार की भांति इस विशेष शनिवार को भी दोपहर से लेकर देर रात तक लगभग 5,000 से 6,000 श्रद्धालुओं ने कतारबद्ध होकर अनुशासित रूप से महाप्रसाद ग्रहण किया। वही स्वतंत्रता दिवस के उपलक्ष्य में हनुमान जी महाराज का विशेष पूजन-अर्चन हुआ। सर्व धर्म संकट मोचन मंदिर का यह आयोजन समाज के हर वर्ग को एक सूत्र में पिरोने का अनुपम उदाहरण बना, जहाँ धर्म, जाति और वर्ग के बंधनों से परे सभी ने एक साथ बैठकर प्रसाद पाया।

इस अवसर पर समिति के संस्थापक कुबेर राठी ने सभी को 15 अगस्त स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि “नर सेवा ही नारायण सेवा है।” स्वतंत्रता दिवस केवल एक राजनीतिक या राष्ट्रीय पर्व नहीं, बल्कि आत्मा को सेवा और समर्पण के पथ पर अग्रसर करने का अवसर भी है। प्रभु हनुमान जी की कृपा से यह महाभंडारा भविष्य में भी इसी प्रकार जन-सामान्य के कल्याण और सेवा हेतु निरंतर चलता रहेगा।

समाजसेवी कुबेर राठी ने आगे कहा कि प्रभु श्री संकट मोचन हनुमान जी महाराज की असीम कृपा और आप सभी श्रद्धालुओं के अटूट स्नेह का ही परिणाम है कि यह सेवा-प्रकल्प बिना किसी बाधा के विगत 17 वर्षों से निरंतर संचालित हो रहा है। अन्नदान महादान है, और जब यह सेवा राष्ट्रभक्ति के पावन पर्व के साथ जुड़ जाती है, तो इसका आध्यात्मिक और सामाजिक महत्व और भी बढ़ जाता है। हमारा सदैव यही प्रयास रहेगा कि मंदिर प्रांगण में आने वाला कोई भी भक्त या जरूरतमंद कभी भूखा न लौटे। समाज के अंतिम व्यक्ति तक इस महाप्रसाद और प्रभु के आशीर्वाद को पहुँचाना ही हमारी समिति का परम ध्येय है, जिसे हम अंतिम सांस तक निभाते रहेंगे।

इस अवसर पर श्री सर्व धर्म संकट मोचन हनुमान मंदिर सेवा समिति के सदस्यगण सहित भारी संख्या में श्रद्धालुजन उपस्थित रहे।



