छत्तीसगढ़ में मानसून की तेज रफ्तार: रायपुर समेत कई जिलों में भारी बारिश का अलर्ट, गरज-चमक के साथ गिर सकती है बिजली
छत्तीसगढ़ मौसम अलर्ट 23 जुलाई 2026: रायपुर, बस्तर और बिलासपुर समेत प्रदेश के कई जिलों में भारी बारिश और वज्रपात की चेतावनी। मौसम विभाग का यलो और ऑरेंज अलर्ट जारी। जानिए अपने शहर में कैसा रहेगा तापमान और मानसूनी तंत्र का हाल।

उत्तर से लेकर दक्षिण छत्तीसगढ़ तक बारिश का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। बस्तर संभाग और मध्य छत्तीसगढ़ के मैदानी इलाकों में बीते चौबीस घंटों के दौरान रुक-रुक कर हुई बारिश से नदियां उफान पर हैं। मौसम विभाग के अनुसार, अगले 48 से 72 घंटों तक प्रदेश में ऐसी ही स्थिति बनी रहने के आसार हैं।
रायपुर अंचल में बादलों का डेरा, उमस से मिलेगी राहत
राजधानी रायपुर और आसपास के जिलों में सुबह से ही हल्के बादलों की आवाजाही जारी है। दोपहर बाद मौसम का मिजाज तेजी से बदलने और तेज हवाओं के साथ झमाझम बौछारें पड़ने का अनुमान है।
रायपुर में अधिकतम तापमान 30 डिग्री सेल्सियस के आसपास दर्ज किया जा सकता है, जबकि न्यूनतम तापमान 24 से 25 डिग्री सेल्सियस रहने की संभावना है। आर्द्रता का स्तर 80 प्रतिशत से अधिक होने के कारण बारिश से पहले हल्की उमस परेशान कर सकती है। हालांकि, शाम ढलते-ढलते तेज बारिश से तापमान में गिरावट आएगी, जिससे आम जनता को राहत मिलेगी।
शहर के निचले इलाकों में जलनिकासी की उचित व्यवस्था न होने से सड़कों पर पानी भरने का खतरा बना रहता है। निगम प्रशासन ने रायपुर के जलभराव वाले संवेदनशील इलाकों में निगरानी के आदेश दिए हैं।
बस्तर और दुर्ग संभाग में भारी बारिश की चेतावनी
मौसम विभाग द्वारा जारी ताज़ा बुलेटिन के अनुसार, दक्षिण छत्तीसगढ़ यानी बस्तर संभाग के जिलों में मानसून सबसे ज्यादा मेहरबान है। जगदलपुर, दंतेवाड़ा, बीजापुर, सुकमा और कांकेर जिलों में कुछ स्थानों पर भारी से अति भारी बारिश दर्ज की जा सकती है।
दुर्ग, राजनांदगांव और कबीरधाम जिलों में भी गरज-चमक के साथ मध्यम से भारी बौछारें गिरने का पूर्वानुमान व्यक्त किया गया है। पहाड़ी नालों और रपटों पर पानी का बहाव तेज होने की वजह से ग्रामीण इलाकों का संपर्क कटने की आशंका जताई गई है। प्रशासन ने बस्तर क्षेत्र के आपदा प्रबंधन दल को सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं।
बिलासपुर और सरगुजा संभाग का हाल
उत्तरी छत्तीसगढ़ के बिलासपुर, कोरबा, रायगढ़, पेंड्रा रोड और सरगुजा संभाग में भी मानसूनी गतिविधियां पूरी तरह सक्रिय हैं। पेंड्रा और कोरबा के पहाड़ी क्षेत्रों में लगातार हो रही वर्षा से स्थानीय नदी-नाले लबालब भर चुके हैं।
सरगुजा, सूरजपुर और बलरामपुर जिलों में आकाशीय बिजली चमकने और गिरने की आशंका को देखते हुए मौसम विशेषज्ञों ने विशेष एहतियात बरतने को कहा है। किसानों को बारिश और बादलों की गर्जना के दौरान खुले खेतों या ऊंचे पेड़ों के नीचे आश्रय न लेने की सख्त सलाह दी गई है।
किस वजह से बदला छत्तीसगढ़ का मौसम?
मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक, एक ट्रफ लाइन उत्तर-पश्चिम राजस्थान से मध्य मध्य प्रदेश होते हुए छत्तीसगढ़ और ओडिशा के ऊपर से गुजर रही है। इसके साथ ही उड़ीसा और आंध्र प्रदेश के तटीय इलाकों के ऊपर एक ऊपरी हवा का चक्रीय चक्रवाती घेरा बना हुआ है।
इन दोनों मानसूनी प्रणालियों के संयुक्त प्रभाव से प्रचुर मात्रा में नमी छत्तीसगढ़ की ओर आ रही है। यही कारण है कि मैदानी और वनांचल दोनों ही क्षेत्रों में लगातार मानसूनी बादल बन रहे हैं और अच्छी बारिश दे रहे हैं।
किसानों और राहगीरों के लिए जरूरी सलाह
- खेती-किसानी के काम में सावधानी: धान की रोपाई कर रहे किसान बिजली कड़कने या तेज आंधी चलने की स्थिति में तुरंत सुरक्षित पक्के स्थान पर चले जाएं।
- जलभराव से बचें: पुल-पुलिया या रपटों के ऊपर से पानी बहने की स्थिति में पार करने का जोखिम न उठाएं।
- वाहन चालक रखें ध्यान: बारिश के दौरान दृश्यता कम हो जाती है, इसलिए दोपहिया और चारपहिया वाहन चालकों को धीमी गति से चलने की सलाह दी गई है।
- इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों का उपयोग: वज्रपात की आशंका के समय घर के भारी बिजली उपकरणों को प्लग से निकाल दें और खुले में मोबाइल का उपयोग करने से बचें।
डिस्क्लेमर: यह समाचार लेख भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) रायपुर द्वारा जारी बुलेटिन और प्रामाणिक मौसम संबंधी आंकड़ों के आधार पर तैयार किया गया है। स्थानीय स्तर पर मौसम का मिजाज और तापमान में आंशिक परिवर्तन हो सकता है। www.the4thpillar.live प्राकृतिक बदलावों या स्थानीय मौसम विभाग द्वारा समय-समय पर जारी संशोधित चेतावनियों के लिए उत्तरदायी नहीं है। किसी भी आपात स्थिति में स्थानीय जिला प्रशासन की गाइडलाइन का ही पालन करें।


