बिलासपुर में सनसनीखेज वारदात: व्यापार विहार में बदमाशों ने रची मदद की झूठी पटकथा, नशे में धुत फाइनेंस कंपनी के कर्मचारी को सुनसान जगह ले जाकर लूटी बाइक और सोने के जेवर
छत्तीसगढ़ की न्यायधानी बिलासपुर के सबसे व्यस्ततम व्यापारिक क्षेत्र व्यापार विहार इलाके से एक बेहद हैरान करने वाली लूट की वारदात सामने आई है। यहां एक निजी फाइनेंस कंपनी में कार्यरत कर्मचारी शातिर बदमाशों की सोची-समझी चाल का शिकार हो गया। शराब के अत्यधिक नशे के कारण सड़क पर मोटर साइकिल सहित गिरे कर्मचारी की मदद करने का दिखावा कर दो अज्ञात बदमाशों ने उसे अपनी गाड़ी पर बैठाया। इसके बाद आरोपी उसे एक सुनसान इलाके में ले गए और वहां डरा-धमकाकर उसकी बाइक, सोने की चेन और अंगूठी लूटकर आसानी से फरार हो गए। पुलिस ने पीड़ित की शिकायत पर मामला दर्ज कर हुलिये के आधार पर लुटेरों की तलाश तेज कर दी है।

ज्यादा नशे के कारण अनियंत्रित होकर गिरे थे पीड़ित श्रवण कुमार घटनाक्रम की शुरुआत और शराब दुकान का मोड़
पुलिस विभाग को दी गई लिखित शिकायत और प्राथमिक सूचना के अनुसार, यह पूरी घटना 25 जून की सुबह घटित हुई थी। पीड़ित श्रवण कुमार साहू सुबह के समय व्यापार विहार के छाबड़ा पैलेस के पास स्थित एक देसी व विदेशी शराब दुकान पर पहुंचे थे। वहां उन्होंने शराब का सेवन किया। शराब पीने के बाद जब वे दुकान से बाहर निकले और अपनी मोटरसाइकिल को चालू करने का प्रयास कर रहे थे, तभी अत्यधिक नशे की स्थिति होने के कारण वे अपने शरीर और वाहन का संतुलन पूरी तरह से खो बैठे। बाइक आगे बढ़ने से पहले ही वे वाहन सहित वहीं सड़क किनारे जोरदार तरीके से गिर पड़े।
शिकारी की तरह घात लगाए बैठे थे शातिर लुटेरे
शराब दुकान के आसपास अक्सर असामाजिक तत्वों और आदतन अपराधियों का जमावड़ा लगा रहता है। जैसे ही श्रवण कुमार साहू जमीन पर गिरे, वहां पहले से ही खड़े दो शातिर बदमाशों की नजर उन पर पड़ गई। बदमाशों ने पीड़ित की बेबसी और उसके शरीर पर मौजूद सोने के आभूषणों को ताड़ लिया। आम जनता जहां किसी सड़क दुर्घटना को देखकर प्राथमिक उपचार या अस्पताल ले जाने की सोचती है, वहीं इन अपराधियों ने इस स्थिति को अपनी लूट की योजना को अंजाम देने के लिए एक बेहतरीन और मुफीद अवसर के रूप में देखा।
मददगार बनने का ढोंग रचकर झांसे में लिया अपराधियों द्वारा रची गई अपहरण और लूट की पटकथा
दोनों अज्ञात बदमाश तुरंत भागते हुए श्रवण कुमार के पास पहुंचे। उन्होंने राहगीरों को यह दिखाने का प्रयास किया कि वे पीड़ित के परिचित हैं और उसकी मदद कर रहे हैं। बदमाशों ने बड़े ही अपनेपन के साथ श्रवण कुमार को जमीन से उठाया, उनके कपड़े साफ किए और उन्हें सांत्वना दी। अत्यधिक नशे में होने के कारण श्रवण कुमार यह समझ ही नहीं पाए कि उनकी मदद करने वाले ये लोग वास्तव में उनके रक्षक नहीं बल्कि भक्षक हैं। बदमाशों ने पीड़ित से कहा कि वे उसे सुरक्षित उसके घर तक छोड़ देंगे।
सुनसान इलाके में ले जाकर बदला अपना असली रंग
बदमाशों ने श्रवण कुमार को उनकी ही मोटरसाइकिल पर बीच में बैठाया और एक आरोपी खुद बाइक चलाने लगा, जबकि दूसरा आरोपी पीछे बैठ गया। वे पीड़ित को उसके घर तोरवा ढेका ले जाने के बजाय जानबूझकर शहर के आउटर और व्यापार विहार के पिछले हिस्से में स्थित एक सूनसान और वीरान इलाके की तरफ ले गए। जैसे ही वे निर्जन स्थान पर पहुंचे, बाइक चला रहे बदमाश ने अचानक ब्रेक लगाया। गाड़ी रुकते ही दोनों लुटेरों ने अपना असली रंग दिखा दिया और पीड़ित के साथ गाली-गलौज करते हुए मारपीट शुरू कर दी।
पिस्तौल और चाकू का डर दिखाकर सोने के आभूषण उतरवाए लूटे गए सामान का विस्तृत विवरण और वित्तीय नुकसान
सुनसान जगह पर बंधक बने श्रवण कुमार साहू जब तक कुछ समझ पाते, तब तक बदमाशों ने उन्हें जान से मारने की धमकी देना शुरू कर दिया था। बदमाशों ने पीड़ित को डराया कि यदि उसने शोर मचाने की कोशिश की तो वे उसे वहीं खत्म कर देंगे। खौफजदा और असहाय हालत में श्रवण कुमार ने कोई विरोध नहीं किया। इसके बाद आरोपियों ने उनके गले में पहनी हुई लगभग डेढ़ तोले की सोने की चेन और हाथ की उंगली में पहनी हुई सोने की कीमती अंगूठी को जबरन उतरवा लिया।
पीड़ित की कीमती मोटरसाइकिल लेकर भी चंपत हुए आरोपी
जेवरात लूटने के बाद भी बदमाशों का मन नहीं भरा। उन्होंने पीड़ित की जेब की तलाशी ली और उसके पास मौजूद नकदी और वाहन के दस्तावेज भी अपने कब्जे में ले लिए। इसके बाद दोनों लुटेरे श्रवण कुमार को उसी सुनसान मैदान में लावारिस हालत में छोड़कर, उनकी ही मोटरसाइकिल पर सवार होकर बड़ी तेजी से रफूचक्कर हो गए। लुटेरों के जाने के काफी देर बाद जब पीड़ित का नशा कुछ कम हुआ और उसे पूरी घटना की भयावहता का अहसास हुआ, तो उसने जैसे-तैसे मुख्य सड़क पर आकर स्थानीय लोगों से मदद मांगी।
तोरवा और सिविल लाइन पुलिस जांच में जुटी पुलिसिया कार्रवाई और सीसीटीवी कैमरों की खाक छानती टीमें
इस गंभीर मामले की सूचना मिलते ही स्थानीय थाना पुलिस की टीम तुरंत हरकत में आई। पुलिस ने पीड़ित श्रवण कुमार साहू की शिकायत के आधार पर अज्ञात आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की प्रासंगिक धाराओं के तहत लूट और डराने-धमकाने का मामला दर्ज कर लिया है। बिलासपुर पुलिस की एक विशेष एंटी क्राइम एंड साइबर यूनिट को भी इस केस को सुलझाने की जिम्मेदारी सौंपी गई है। पुलिस की टीमें छाबड़ा पैलेस और शराब दुकान के आसपास लगे सरकारी और निजी प्रतिष्ठानों के सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाल रही हैं।
व्यापारिक संगठनों ने सुरक्षा व्यवस्था पर व्यक्त की गहरी चिंता
व्यापार विहार जैसे अत्यधिक व्यस्त और करोड़पति कारोबारियों के गढ़ वाले इलाके में दिनदहाड़े या सुबह के वक्त इस तरह की शातिर लूट की वारदात होने से स्थानीय व्यापारियों और आम जनता में सुरक्षा को लेकर भारी चिंता व्याप्त हो गई है। व्यापार मंडल के पदाधिकारियों ने पुलिस प्रशासन से मांग की है कि शराब दुकानों के आसपास पुलिस की गश्त और पीसीआर वैन की तैनाती को और अधिक सघन किया जाए। विशेषज्ञों का भी मानना है कि दिन के समय ऐसी घटनाएं पुलिस की दृश्यता और मुस्तैदी पर सवाल खड़े करती हैं, जिन्हें रोकने के लिए कड़े कदम उठाना अनिवार्य है।



