रायपुर में हाईप्रोफाइल हनीट्रैप का भंडाफोड़: हुस्न के जाल में फंसाकर कारोबारी से लाखों की उगाही, ब्यूटी पार्लर संचालिका और कॉलेज छात्रा गिरफ्तार
रायपुर में हाईप्रोफाइल हनीट्रैप गैंग का भंडाफोड़। ब्यूटी पार्लर संचालिका और कॉलेज छात्रा ने कारोबारी को नशीली सिगरेट पिलाकर बनाया अश्लील वीडियो, रेप केस की धमकी देकर की ब्लैकमेलिंग। सिविल लाइन पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा।

पुलिस ने इस मामले में दो मुख्य आरोपी युवतियों को गिरफ्तार किया है। इनमें से एक आरोपी महिला ब्यूटी पार्लर की संचालिका है, जबकि दूसरी एक प्रतिष्ठित कॉलेज की छात्रा बताई जा रही है। दोनों मिलकर बड़े व्यापारियों और रसूखदारों को निशाना बनाती थीं।

जानिए क्या है पूरा मामला और कैसे शुरू हुआ यह खेल
इस पूरे ब्लैकमेलिंग के खेल का शिकार शंकर नगर (न्यू सेल्स टैक्स कॉलोनी) के रहने वाले 38 वर्षीय कारोबारी जयंत चौधरी हुए हैं। पीड़ित कारोबारी की शिकायत के आधार पर सिविल लाइन थाना पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दोनों युवतियों को दबोच लिया है।
पुलिस जांच में यह बात सामने आई कि कारोबारी जयंत चौधरी की मुलाकात मई 2026 में गुढ़ियारी थाने के पास नित्या सिंह और पायल उर्फ आंचल तिवारी नाम की युवतियों से हुई थी। शुरुआती मुलाकातों में युवतियों ने खुद को बेहद मजबूर और जरूरतमंद दिखाया।
उन्होंने नया ब्यूटी पार्लर खोलने और नौकरी दिलाने के बहाने कारोबारी से नजदीकियां बढ़ानी शुरू कर दीं। कारोबारी जयंत भी उनकी बातों में आ गए और लगातार उनकी मदद करने की कोशिश करने लगे, जो बाद में उनके लिए एक बड़ी मुसीबत बन गया।
कार में नशीली सिगरेट और फिर वो काली रात
यह पूरा मामला तब और गंभीर हो गया जब बीते 14 जून को युवतियों ने कारोबारी को किसी जरूरी काम के बहाने मिलने के लिए बुलाया। कारोबारी जब उनसे मिलने पहुंचे, तो युवतियों ने उन्हें अपनी कार में बैठा लिया।
कार के भीतर ही युवतियों ने एक नशीली सिगरेट जलाई, जिसका धुआं फेफड़ों में जाते ही कारोबारी जयंत का सिर चकराने लगा और वे अर्धबेहोशी की हालत में आ गए। इसके बाद आरोपी युवतियां मदद करने और उन्हें सुरक्षित घर पहुंचाने का नाटक करने लगीं।
इसी अर्धबेहोशी का फायदा उठाकर आरोपियों ने कारोबारी को एक कमरे में ले जाकर उनके कुछ बेहद आपत्तिजनक और अश्लील फोटो व वीडियो अपने मोबाइल में कैद कर लिए। इसी रात के बाद से कारोबारी की जिंदगी में ब्लैकमेलिंग का एक खौफनाक दौर शुरू हो गया।
बदनामी के डर से दिए 25 हजार, फिर भी नहीं थमा आतंक
अगले ही दिन से नित्या और पायल ने अपने असली रंग दिखाना शुरू कर दिए। उन्होंने कारोबारी जयंत को उनके अश्लील फोटो-वीडियो दिखाकर सोशल मीडिया पर वायरल करने और पुलिस में झूठा दुष्कर्म (रेप) का केस दर्ज कराने की खुली धमकी दी।
समाज में अपनी इज्जत और मान-प्रतिष्ठा खोने के डर से घबराए कारोबारी ने समझौते का रास्ता चुना। उन्होंने 25 जून को तरुण नगर हाट बाजार के पास दोनों युवतियों को बुलाकर ₹25,000 की नकद राशि भी सौंप दी ताकि मामला शांत हो सके।
लेकिन ब्लैकमेलर्स की भूख इतने से कहां शांत होने वाली थी। इस रकम को वसूलने के बाद आरोपियों के हौसले और अधिक बुलंद हो गए और उन्होंने और बड़ी रकम की मांग शुरू कर दी।
दफ्तर के बेसमेंट में घुसकर लूटने की कोशिश, स्टाफ के सामने गाली-गलौज
हद तो तब हो गई जब आरोपियों ने कारोबारी के कार्यस्थल (ऑफिस) पर ही धावा बोलना शुरू कर दिया। 1 जुलाई को दोनों आरोपी युवतियां सीधे जयंत के ऑफिस के बेसमेंट में जा घुसीं और वहां खड़ी उनकी कार से रुपयों से भरा बैग जबरन निकालने का प्रयास करने लगीं।
इस घटना के बाद भी जब कारोबारी ने पैसे देने में असमर्थता जताई, तो 10 जुलाई को दोनों युवतियों ने सारी हदें पार कर दीं। वे सीधे जयंत के केबिन में घुस गईं और वहां मौजूद पूरे स्टाफ और सहकर्मियों के सामने उनके साथ जमकर गाली-गलौज की।
उन्होंने सरेआम चिल्लाते हुए धमकी दी कि अगर एक बड़ी रकम तुरंत नहीं दी गई, तो वे उसी वक्त सिविल लाइन थाने जाकर उनके खिलाफ बलात्कार की झूठी एफआईआर (FIR) दर्ज करा देंगी।
तंग आकर पुलिस की शरण में पहुंचे कारोबारी, सलाखों के पीछे पहुंचीं आरोपी
रोज-रोज की मानसिक प्रताड़ना, आर्थिक शोषण और सरेआम हो रही बदनामी से तंग आकर आखिरकार जयंत चौधरी ने हिम्मत दिखाई। उन्होंने पूरे घटनाक्रम और सबूतों के साथ रायपुर के सिविल लाइन थाने में दोनों युवतियों के खिलाफ लिखित शिकायत दर्ज कराई।
सिविल लाइन पुलिस ने मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए तुरंत धारा 384 (अवैध वसूली/ब्लैकमेलिंग) और अन्य सुसंगत धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की। पुलिस ने घेराबंदी कर दोनों आरोपी युवतियों—नित्या सिंह और पायल उर्फ आंचल तिवारी को गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस की पूछताछ में दोनों आरोपियों ने अपना जुर्म कबूल कर लिया है। उनके पास से ब्लैकमेलिंग में इस्तेमाल किए गए मोबाइल और अन्य आपत्तिजनक सामग्री भी जब्त की गई है। न्यायालय के आदेश के बाद दोनों को न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है।
The 4th Pillar की विशेष चेतावनी : डिजिटल युग में इस तरह के हनीट्रैप गिरोह लगातार सक्रिय हैं। किसी भी अनजान व्यक्ति से अचानक ज्यादा करीब होना या उनकी संदेहास्पद मांगों को मानना आपको बड़े जाल में फंसा सकता है। यदि कोई आपको ब्लैकमेल करने की कोशिश करे, तो डरने के बजाय तुरंत पुलिस या साइबर सेल से संपर्क करें।



