Viral Video: बिलासपुर, गरबा ड्रेस में सिगरेट और पिस्तौल के साथ लड़कियों की रील वायरल, हिंदू संगठनों का उग्र प्रदर्शन
छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में गरबा परिधान पहने युवतियों का सिगरेट पीने और पिस्तौल लहराते हुए एक भड़काऊ वीडियो वायरल हो गया है। बजरंग दल ने एसपी कार्यालय में शिकायत दर्ज कर तत्काल गिरफ्तारी की मांग की है।

इंटरनेट के विभिन्न प्लेटफॉर्म पर आग की तरह फैल रहे इस पंद्रह से बीस सेकंड के वीडियो में कई गंभीर आपत्तिजनक दृश्य फिल्माए गए हैं। फुटेज का बारीकी से अवलोकन करने पर स्पष्ट देखा जा सकता है कि शहर के बाहरी हिस्से में स्थित किसी सुनसान हाइवे के किनारे ये युवतियां कानफोडू म्यूजिक की धुन पर बेतरतीब तरीके से थिरक रही हैं। इनके बैकग्राउंड में मोटरसाइकिल पर सवार कुछ युवक भी खड़े दिखाई दे रहे हैं जो इस पूरे कृत्य को लगातार बढ़ावा दे रहे हैं। वीडियो में उद्दंडता की हद तो तब पार हो गई जब मुख्य फ्रेम में मौजूद एक युवती ने पूरे आत्मविश्वास के साथ सिगरेट जलाकर हवा में धुएं के छल्ले बनाने शुरू कर दिए। ठीक उसी वक्त उसके बगल में खड़ी एक अन्य युवती ने अपने हाथ में एक काली पिस्तौल थाम ली और वह उसे किसी पेशेवर अपराधी की तरह हवा में लहराते हुए टशन दिखा रही है।
आधुनिकता और पाश्चात्य संस्कृति की आड़ में रील बनाने की इस होड़ ने युवा पीढ़ी की मानसिकता को पूरी तरह से भटका दिया है। छत्तीसगढ़ जैसे शांत प्रदेश में गरबा और डांडिया नृत्य को केवल मनोरंजन का साधन नहीं माना जाता। इसे साक्षात देवी आराधना का एक अत्यंत पवित्र माध्यम माना जाता है। ऐसे में राजस्थानी और गुजराती शैली के पारंपरिक घाघरा-चोली तथा भारी आभूषण पहनकर सरेआम नशा करना और हथियारों का भौंडा प्रदर्शन करना पूरे सभ्य समाज में गहरा रोष पैदा कर रहा है। गन कल्चर को इस तरह सरेआम महिमामंडित करना ना केवल स्थानीय प्रशासन और कानून व्यवस्था के लिए एक खुली चुनौती है, बल्कि यह नई युवा पीढ़ी के बीच एक बेहद गलत और खतरनाक संदेश भी प्रसारित कर रहा है। सार्वजनिक स्थानों पर कानून का बेखौफ मखौल उड़ाए जाने की घटनाएं लगातार बढ़ती जा रही हैं और अब यह संस्कृति धार्मिक आयोजनों की आड़ में भी पनपने लगी है।
विवादित वीडियो के सार्वजनिक डोमेन में आते ही पूरे शहर का माहौल अचानक तनावपूर्ण हो गया है। स्थानीय निवासियों के साथ-साथ विभिन्न हिंदू और सामाजिक संगठनों ने इस कृत्य पर अपनी तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए सड़कों पर उतरने की चेतावनी दे डाली है। बजरंग दल के सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने इस दुस्साहसिक घटना को सनातन धर्म और उसकी प्राचीन सांस्कृतिक विरासत पर सीधा प्रहार बताया है। संगठन के पदाधिकारियों का साफ तौर पर कहना है कि अभिव्यक्ति की आजादी या गरबा उत्सव के नाम पर इस तरह की फूहड़ता, असामाजिक गतिविधियों और गन कल्चर का खुला प्रचार राज्य में किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। आक्रोशित कार्यकर्ताओं ने एकजुट होकर प्रशासन की लचर व्यवस्था के खिलाफ अपना मोर्चा खोल दिया है। शहर के चौक-चौराहों और नुक्कड़ों पर इस घटना की घोर निंदा की जा रही है और पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी कड़े सवाल खड़े किए जा रहे हैं।
सड़क पर बढ़ते इस भारी जन आक्रोश के बीच बजरंग दल और अन्य हिंदू संगठनों के कई वरिष्ठ कार्यकर्ता दल-बल के साथ सीधे पुलिस अधीक्षक कार्यालय का घेराव करने पहुंच गए। उन्होंने वहां मौजूद पुलिस के आला अधिकारियों को उस वायरल वीडियो की मूल क्लिप और उसके कई आपत्तिजनक स्क्रीनशॉट बतौर पुख्ता सुबूत सौंपे हैं। संगठन की ओर से पुलिस महकमे को एक औपचारिक लिखित शिकायत भी सौंपी गई है जिसमें पूरे मामले की गंभीरता और संवेदनशीलता को देखते हुए वीडियो में नजर आ रही सभी युवतियों और वहां मौजूद युवकों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग प्रमुखता से उठाई गई है। भारी दबाव के बाद पुलिस महकमे ने इस पूरे मामले का गंभीरता से संज्ञान ले लिया है। संबंधित पुलिस अधीक्षक ने आक्रोशित कार्यकर्ताओं को आश्वस्त किया है कि पुलिस की साइबर सेल की मदद से वीडियो की सत्यता और लोकेशन की गहनता से जांच की जा रही है और दोषियों के खिलाफ शस्त्र अधिनियम के तहत भी वैधानिक कार्रवाई करने की प्रारंभिक रूपरेखा तैयार कर ली गई है।


