अंबिकापुर में मौसम का रौद्र रूप: भारी बारिश और बिजली कड़कने से दरिमा एयरपोर्ट पर नहीं उतर सका विमान, आसमान में चक्कर काटकर बिलासपुर लौटा
दिल्ली से बिलासपुर होकर सरगुजा आ रही फ्लाइट खराब विजिबिलिटी और तेज लाइटनिंग के कारण दरिमा एयरपोर्ट पर लैंड करने में रही असफल, दिल्ली जाने वाले यात्रियों की यात्रा निरस्त होने से भारी हंगामा।

हवा में काफी देर तक मौत और जिंदगी के बीच झूलने के बाद पायलट ने यात्रियों की सुरक्षा को सर्वोपरि मानते हुए विमान को रनवे पर उतारने का जोखिम नहीं लिया। इसके बाद विमान दरिमा एयरपोर्ट के ऊपर आसमान में ही कई चक्कर लगाने के बाद वापस बिलासपुर एयरपोर्ट के लिए रवाना हो गया। इस अप्रत्याशित घटनाक्रम के चलते हवाई यात्रियों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ा।
फ्लाइट के समय में अचानक बदलाव बना परेशानी का सबब दोपहर के बजाय शाम को दरिमा एयरपोर्ट पहुंचने वाला था विमान
विमानन कंपनी और एयरपोर्ट प्रबंधन से प्राप्त आधिकारिक जानकारी के अनुसार दिल्ली से बिलासपुर होकर अंबिकापुर आने वाले इस यात्री विमान का पूर्व निर्धारित और नियमित समय दोपहर 12:30 बजे का है। लेकिन सोमवार को कुछ अज्ञात तकनीकी कारणों अथवा परिचालन संबंधी समस्याओं की वजह से उड़ान के समय में अचानक बदलाव कर दिया गया था। इस नए और संशोधित शेड्यूल के अनुसार विमान को सोमवार शाम करीब 4:30 बजे अंबिकापुर के दरिमा एयरपोर्ट पर लैंड करना था।
निर्धारित कार्यक्रम के तहत विमान ने दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे से अपने सही समय पर उड़ान भरी और बिलासपुर के चकरभाठा एयरपोर्ट पर सुरक्षित रूप से लैंड किया। बिलासपुर एयरपोर्ट पर अपनी यात्रा पूरी करने वाले कुछ यात्री विमान से नीचे उतरे, जबकि अंबिकापुर जाने वाले और वहां से सीधे दिल्ली की यात्रा करने वाले नए यात्री विमान में सवार हुए। बिलासपुर में विमान का परिचालन पूरी तरह सामान्य रहा, लेकिन असली चुनौती आगे की यात्रा में मिलने वाली थी।
दरिमा एयरपोर्ट के रनवे पर विजिबिलिटी बेहद कम होना बना बाधा पायलट ने सूझबूझ दिखाते हुए विमान को वापस बिलासपुर की ओर मोड़ा
बिलासपुर एयरपोर्ट से अपनी सीमित समयावधि के बाद जैसे ही विमान ने अंबिकापुर के दरिमा एयरपोर्ट के लिए उड़ान भरी, वैसे ही सरगुजा के आसमान में काले घने बादलों ने डेरा डाल दिया। विमान जब दरिमा हवाई क्षेत्र में पहुंचा, ठीक उसी समय अंबिकापुर और उसके आस-पास के संपूर्ण ग्रामीण क्षेत्रों में तेज आंधी-तूफान के साथ मूसलाधार बारिश शुरू हो गई और आसमान में तेज गति से बिजली कड़कने लगी। इस अचानक आए मौसमी बदलाव के कारण रनवे पर विजिबिलिटी यानी दृश्यता का स्तर न्यूनतम मानकों से बहुत नीचे चला गया।
घने बादलों और आकाशीय बिजली के बीच पायलट ने विमान को एयरपोर्ट के रनवे पर लैंड कराने का प्रयास किया, लेकिन इंस्ट्रूमेंट लैंडिंग सिस्टम (ILS) की कमी और कम दृश्यता के चलते सुरक्षित लैंडिंग संभव नहीं थी। पायलट ने किसी भी तरह का जोखिम न उठाते हुए काफी देर तक विमान को दरिमा एयरपोर्ट के ऊपर ही एयरस्पेस में होल्डिंग पैटर्न पर रखा और आसमान में कई चक्कर (गो-अराउंड) लगाए। जब काफी समय बीत जाने के बाद भी मौसम में किसी भी तरह के सुधार की गुंजाइश नजर नहीं आई, तो पायलट ने सूझबूझ का परिचय देते हुए एयर ट्रैफिक कंट्रोल (ATC) से संपर्क साधा और विमान का रुख वापस बिलासपुर एयरपोर्ट की ओर मोड़ दिया।
अंबिकापुर में विमान न उतरने से फंसे दिल्ली जाने वाले 30 यात्री अचानक फ्लाइट कैंसिल होने से यात्रियों का फूटा गुस्सा
दरिमा एयरपोर्ट पर विमान के सुरक्षित लैंड न कर पाने का सबसे गंभीर और सीधा असर उन यात्रियों पर पड़ा जो वहां से दिल्ली जाने के लिए घंटों से इंतजार कर रहे थे। अंबिकापुर एयरपोर्ट पर दिल्ली जाने के लिए टर्मिनल बिल्डिंग में खड़े कुल 30 यात्रियों को अपनी इस महत्वपूर्ण हवाई यात्रा को अचानक रद्द करना पड़ा। इन सभी यात्रियों ने सीधे राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली पहुंचने के लिए अपनी फ्लाइट बुक कराई थी। इनमें से कई ऐसे कॉरपोरेट पेशेवर, व्यापारी और मरीज शामिल थे, जिन्हें बेहद जरूरी काम और चिकित्सीय परामर्श के सिलसिले में समय पर दिल्ली पहुंचना अनिवार्य था।
अचानक और अंतिम समय पर फ्लाइट के रद्द होने से इन यात्रियों की पूरी व्यावसायिक और व्यक्तिगत योजनाएं पूरी तरह से बिगड़ गईं। यात्रियों का कहना था कि फ्लाइट के समय में पहले ही चार घंटे की देरी की गई थी और उसके बाद मौसम का बहाना बनाकर इसे निरस्त कर दिया गया। एयरपोर्ट पर फंसे यात्रियों ने प्रबंधन के खिलाफ अपनी नाराजगी जाहिर की और उचित वैकल्पिक व्यवस्था न किए जाने पर असंतोष व्यक्त किया।
दिल्ली से आए यात्रियों को बिलासपुर में ही उतरना पड़ा सड़क मार्ग से सरगुजा के लिए रवाना हुए परेशान मुसाफिर
इस हवाई व्यवधान की दोहरी मार उन यात्रियों पर भी पड़ी जो दिल्ली और बिलासपुर से बैठकर इस उम्मीद के साथ चले थे कि वे शाम तक अपने घर अंबिकापुर पहुंच जाएंगे। विमान के वापस बिलासपुर लौट जाने के कारण इन सभी यात्रियों को बिलासपुर के चकरभाठा एयरपोर्ट पर ही जबरन उतार दिया गया। अंबिकापुर के लिए टिकट लेने के बावजूद बिलासपुर में यात्रा समाप्त होने से यात्रियों के सामने भारी संकट खड़ा हो गया।
अचानक बिलासपुर में उतरने के बाद इन यात्रियों को सरगुजा संभाग तक पहुंचने के लिए भारी बारिश के बीच सड़क मार्ग का सहारा लेना पड़ा। यात्रियों को निजी टैक्सियों और बसों के माध्यम से बिलासपुर से अंबिकापुर तक की लंबी दूरी तय करनी पड़ी, जिससे उन्हें मानसिक और शारीरिक रूप से भारी परेशानी और अतिरिक्त आर्थिक बोझ का सामना करना पड़ा।
एयरपोर्ट प्रबंधन ने दिया टिकट री-शेड्यूल और रिफंड का विकल्प सुरक्षा मानकों के तहत विमानन कंपनी ने की नियमानुसार कार्रवाई
दरिमा एयरपोर्ट के अधिकारियों और विमानन कंपनी के प्रबंधकों ने स्थिति को संभालते हुए आक्रोशित यात्रियों को मौसम के बिगड़ने और सुरक्षा खतरों के संबंध में विस्तृत तकनीकी जानकारी दी। एयरपोर्ट प्रबंधन ने प्रभावित यात्रियों को राहत देने के लिए दो प्रमुख विकल्प प्रदान किए हैं। यात्रियों को यह सुविधा दी गई है कि वे या तो अपनी इस टिकट को आगामी किसी अन्य तारीख के लिए बिना किसी अतिरिक्त शुल्क के री-शेड्यूल करवा सकते हैं, या फिर वे अपने पूरे टिकट का शत-प्रतिशत रिफंड (पैसा वापसी) प्राप्त कर सकते हैं।
विमानन विशेषज्ञों के अनुसार बारिश के इस मौसम में विजिबिलिटी का अचानक कम होना और आकाशीय बिजली चमकना विमानों के सुरक्षित संचालन के लिए सबसे बड़ा खतरा माना जाता है। नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) के सख्त नियमों के मुताबिक ऐसी विपरीत परिस्थितियों में पायलट किसी भी सूरत में यात्रियों की जान जोखिम में डालकर लैंडिंग नहीं कर सकते। प्रबंधन का कहना है कि जैसे ही मौसम पूरी तरह से साफ और स्थिर होगा, वैसे ही इस मार्ग पर विमान सेवा को दोबारा सामान्य रूप से संचालित किया जाएगा।



