सरगुजा में तेज रफ्तार का कहर: एनएच-43 पर पिकअप की टक्कर के बाद ट्रक ने दो युवकों को कुचला, दर्दनाक मौत से पसरा मातम
दशकर्म की सूचना देकर बाइक से लौट रहे थे तीन ग्रामीण, हेलमेट पहनने के कारण बची सिर्फ चालक की जान, आक्रोशित ग्रामीणों ने उठाई ब्लैक स्पॉट सुधारने की मांग।

दशकर्म कार्यक्रम का न्योता देकर लौट रहा था परिवार पारिवारिक शोक के बीच हुआ यह दूसरा बड़ा हादसा
बतौली पुलिस और स्थानीय ग्रामीणों से मिली जानकारी के अनुसार मानपुर गांव के रहने वाले तीन युवक रविवार को एक ही मोटरसाइकिल पर सवार होकर रायगढ़ जिले के कापू क्षेत्र गए हुए थे। दरअसल, उनके परिवार की बड़ी मां का कुछ दिनों पूर्व देहांत हो गया था, जिसके बाद आयोजित होने वाले अंतिम संस्कार के दशकर्म कार्यक्रम का न्योता और सूचना देने वे अपने रिश्तेदारों के घर गए थे।
रिश्तेदारों को मृत्यु की सूचना देने के बाद तीनों युवक अपनी हीरो मोटरसाइकिल क्रमांक सीजी-15-डीडब्ल्यू-1719 पर सवार होकर वापस अपने गांव मानपुर लौट रहे थे। किसी को इस बात का जरा भी अंदाजा नहीं था कि मौत राष्ट्रीय राजमार्ग पर उनका रास्ता रोककर खड़ी है। रात के वक्त जैसे ही उनकी बाइक बतौली थाना क्षेत्र के बासेन गांव के पास पहुंची, पीछे से आ रही मौत ने उन्हें अपनी चपेट में ले लिया।
पीछे से आई तेज रफ्तार पिकअप ने मारी जोरदार टक्कर सड़क पर गिरते ही ऊपर से गुजर गया अज्ञात ट्रक का पहिया
प्रत्यक्षदर्शियों और पुलिस जांच के अनुसार तीनों युवक बतौली की ओर आगे बढ़ रहे थे, तभी सीतापुर की दिशा से आ रही एक अत्यंत तेज रफ्तार और अनियंत्रित अज्ञात पिकअप वाहन ने बाइक को पीछे से जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि मोटरसाइकिल हवा में उछल गई और उसका संतुलन पूरी तरह से बिगड़ गया।
टक्कर लगते ही बाइक पर पीछे बैठे दो युवक सीधे सड़क के बीचो-बीच जा गिरे। उसी दौरान विपरीत दिशा यानी अंबिकापुर की ओर से आ रहे एक अन्य अज्ञात भारी-भरकम ट्रक ने सड़क पर गिरे दोनों युवकों को बेरहमी से कुचल दिया। ट्रक का भारी पहिया दोनों युवकों के सिर के ऊपर से गुजर गया, जिसके कारण उनका सिर पूरी तरह क्षत-विक्षत हो गया और दोनों ने मौके पर ही तड़प-तड़प कर दम तोड़ दिया।
हेलमेट ने बचाई एक की जान और दो की मौके पर मौत मृतकों की शिनाख्त के बाद गांव में पसरा सन्नाटा
इस रोंगटे खड़े कर देने वाले हादसे में मानपुर निवासी नान्हू (30 वर्ष) पिता शिवबोध और जयप्रकाश (35 वर्ष) पिता सुखराम की घटना स्थल पर ही दर्दनाक मौत हो गई। वहीं, मोटरसाइकिल चला रहे अकलसाय (25 वर्ष) पिता धनसाय इस हादसे में गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे के बाद घटना स्थल पर मौजूद राहगीरों ने तत्काल बतौली पुलिस और संजीवनी 108 एम्बुलेंस को इसकी सूचना दी।
घायल अकलसाय को तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बतौली ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए प्राथमिक उपचार के बाद बेहतर इलाज के लिए अंबिकापुर जिला अस्पताल रेफर कर दिया है। डॉक्टरों के अनुसार अकलसाय बाइक चलाते समय हेलमेट पहने हुए थे, जिसके कारण सिर पर कोई गंभीर चोट नहीं आई और उनकी जान बच गई। जबकि पीछे बैठे दोनों युवकों ने हेलमेट नहीं लगाया था, जो उनकी मौत का मुख्य कारण बना। इस हादसे के बाद मानपुर गांव में मातम पसरा हुआ है और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
अज्ञात दुर्घटनाकारित वाहनों की तलाश में जुटी पुलिस हादसे के बाद दोनों चालक वाहन समेत मौके से फरार
सड़क दुर्घटना को अंजाम देने के बाद मानवता को शर्मसार करते हुए दोनों ही वाहनों (अज्ञात पिकअप और अज्ञात ट्रक) के चालक अपने-अपने वाहनों को लेकर रात के अंधेरे का फायदा उठाते हुए मौके से फरार हो गए। घायल की मदद करने या पुलिस को सूचना देने के बजाय चालकों ने भागना बेहतर समझा।
घटना की जानकारी मिलते ही एसडीओपी राजेंद्र मंडावी और बतौली थाना प्रभारी पुलिस बल के साथ तुरंत घटना स्थल पर पहुंचे। पुलिस ने सबसे पहले राष्ट्रीय राजमार्ग-43 पर लगे लंबे जाम को हटवाया और दोनों शवों को मर्चुरी भिजवाकर यातायात को सुचारू रूप से बहाल कराया। पुलिस ने अज्ञात पिकअप और ट्रक चालकों के खिलाफ धारा 304ए के तहत मामला दर्ज कर लिया है और हाईवे के आस-पास ढाबों तथा पेट्रोल पंपों पर लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाल रही है ताकि गुनहगारों को जल्द गिरफ्तार किया जा सके।
राष्ट्रीय राजमार्ग-43 पर लगातार बढ़ते ब्लैक स्पॉट और हादसों पर नाराजगी क्षेत्र के नागरिकों ने की सीसीटीवी और पर्याप्त लाइट लगाने की मांग
इस भीषण हादसे के बाद स्थानीय ग्रामीणों और क्षेत्र के नागरिकों में प्रशासन तथा राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) के खिलाफ भारी आक्रोश देखा जा रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि राष्ट्रीय राजमार्ग-43 पर बतौली, बासेन और शांतिपारा के पास लगातार हो रही दुर्घटनाएं गंभीर चिंता का विषय बन चुकी हैं, लेकिन प्रशासन गहरी नींद में सोया हुआ है। इस मार्ग पर कई ऐसे डेंजरस टर्निंग और ब्लैक स्पॉट हैं, जिन्हें चिन्हित कर सुधारने की दिशा में अब तक कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई है।
ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि सड़क किनारे कई स्थानों पर भारी ट्रेलर और ट्रक बेतरतीब तरीके से लंबे समय तक खड़े रहते हैं, जिससे रात के समय छोटे वाहन चालकों को रास्ता दिखाई नहीं देता और वे हादसों का शिकार हो जाते हैं। स्थानीय लोगों ने पूर्व की घटनाओं का हवाला देते हुए बताया कि कुछ समय पहले शांतिपारा में भाजपा बूथ अध्यक्ष सूरज दास की दुर्घटना और बासेन-झुरीतालाब के पास दो होनहार छात्रों की मौत के मामलों में भी पुलिस आज तक अज्ञात दुर्घटनाकारित वाहनों का पता नहीं लगा सकी है। क्षेत्र के नागरिकों ने कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक से मांग की है कि इस संवेदनशील हाईवे पर उच्च गुणवत्ता वाले नाइट विजन सीसीटीवी कैमरे, पर्याप्त स्ट्रीट लाइट और ब्लैक स्पॉट को दुरुस्त करने का काम तत्काल प्रभाव से शुरू किया जाए।



