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अंबिकापुर बाल संप्रेक्षण गृह में बड़ी लापरवाही: मूसलाधार बारिश और गरज-चमक के बीच खिड़की उखाड़कर 11 अपचारी बालक फरार

सरगुजा संभाग के बिशुनपुर रोड स्थित बाल सुधार गृह की सुरक्षा व्यवस्था ध्वस्त, रात के अंधेरे में पीछे की दीवार फांदकर भागे बंदी, गांधीनगर पुलिस और प्रबंधन में मचा हड़कंप।







रायपुर, 24 जून 2026 : छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिला मुख्यालय अंबिकापुर से सुरक्षा व्यवस्था में भारी लापरवाही का एक बेहद गंभीर मामला सामने आया है। यहां बिशुनपुर रोड पर स्थित शासकीय बाल संप्रेक्षण गृह (बाल सुधार गृह) से मंगलवार देर शाम 11 अपचारी बालक (बाल बंदी) चकमा देकर फरार हो गए।

इस सनसनीखेज घटना के बाद से ही पूरे संप्रेक्षण गृह प्रबंधन और जिला पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है। घटना की जानकारी मिलते ही गांधीनगर थाना पुलिस सहित नगर की अन्य थानों की पुलिस टीम और संप्रेक्षण गृह के कर्मचारी अलर्ट मोड पर आ गए हैं और रात से ही फरार बालकों की सघन तलाश की जा रही है।

खराब मौसम और तेज आंधी-तूफान का उठाया फायदा

हाउस फादर मनीष कुशवाहा से मिली जानकारी के अनुसार यह पूरी घटना मंगलवार रात लगभग साढ़े सात बजे के आस-पास की है। रोज की तरह रात का भोजन करने के बाद सभी बच्चों को उनके निर्धारित कमरों में भेज दिया गया था। उस समय कुछ बच्चे अपने कमरों के भीतर टीवी देख रहे थे। उसी दौरान क्षेत्र में अचानक तेज मूसलाधार बारिश शुरू हो गई और आसमान में बादलों की भारी गरज-चमक होने लगी।

इसी खराब मौसम और शोर का फायदा उठाकर कुछ शातिर अपचारी बालकों ने सुनियोजित साजिश के तहत अपने कमरे की लोहे की खिड़की को उखाड़ दिया। मूसलाधार बारिश के शोर और बादलों की तेज गड़गड़ाहट के कारण वहां ड्यूटी पर तैनात दो सुरक्षाकर्मियों को खिड़की उखाड़ने की भनक तक नहीं लगी।

आवाज पूरी तरह से दब जाने के कारण सुरक्षाकर्मी बेखबर रहे और खिड़की का रास्ता साफ होते ही एक-एक कर सभी 11 अपचारी बालक कमरे से बाहर निकल आए। इसके बाद उन्होंने बेहद शातिराना अंदाज में संप्रेक्षण गृह के पिछले हिस्से में बनी ऊंची सुरक्षा दीवार को फांद दिया और रात के अंधेरे का फायदा उठाकर रफूचक्कर हो गए।

सुरक्षा मानकों पर उठे गंभीर सवाल, पुलिस की नाकेबंदी

इस बड़ी सुरक्षा चूक ने बाल संप्रेक्षण गृह की सुरक्षा व्यवस्था और वहां तैनात प्रहरियों की सतर्कता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। इतनी बड़ी संख्या में बाल बंदियों के भाग जाने की सूचना जैसे ही उच्च अधिकारियों को मिली, तत्काल गांधीनगर थाना प्रभारी सहित भारी पुलिस बल मौके पर पहुंच गया।

पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए शहर के सभी प्रमुख निकास मार्गों, बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन और बिशुनपुर रोड के आस-पास के इलाकों में सघन नाकेबंदी कर दी है। इसके साथ ही फरार हुए सभी अपचारी बालकों के गृह ग्राम और परिजनों को भी सूचित कर दिया गया है ताकि उनके संभावित ठिकानों पर दबिश दी जा सके।

जिला प्रशासन ने इस पूरी घटना की प्रशासनिक जांच के आदेश दे दिए हैं और ड्यूटी पर तैनात लापरवाह सुरक्षाकर्मियों के खिलाफ सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई की तैयारी की जा रही है।

Richa Sahay

ऋचा सहाय — पत्रकारिता और न्याय जगत की एक सशक्त आवाज़, जिनका अनुभव दोनों क्षेत्रों में अद्वितीय है। वर्तमान में The 4th Pillar की वरिष्ठ समाचार संपादक के रूप में कार्यरत ऋचा सहाय दशकों से राजनीति, समाज, खेल, व्यापार और क्राइम जैसी विविध विषयों पर बेबाक, तथ्यपूर्ण और संवेदनशील लेखन के लिए जानी जाती हैं। उनकी लेखनी की सबसे खास बात है – जटिल मुद्दों को सरल, सुबोध भाषा में इस तरह प्रस्तुत करना कि पाठक हर पहलू को सहजता से समझ सकें।पत्रकारिता के साथ-साथ ऋचा सहाय एक प्रतिष्ठित वकील भी हैं। LLB और MA Political Science की डिग्री के साथ, उन्होंने क्राइम मामलों में गहरी न्यायिक समझ और विश्लेषणात्मक दृष्टिकोण स्थापित किया है। उनके अनुभव की गहराई न केवल अदालतों की बहसों में दिखाई देती है, बल्कि पत्रकारिता में उनके दृष्टिकोण को भी प्रभावशाली बनाती है।दोनों क्षेत्रों में वर्षों की तपस्या और सेवा ने ऋचा सहाय को एक ऐसा व्यक्तित्व बना दिया है जो ज्ञान, निडरता और संवेदनशीलता का प्रेरक संगम है।

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