सिरगिट्टी के निजी स्कूल में गुरु-शिष्य परंपरा कलंकित: नाबालिग छात्रा के यौन शोषण मामले में सर्वसेन समाज आक्रोशित, कलेक्टर-एसएसपी से की आरोपी को फांसी देने की मांग
बिलासपुर के सिरगिट्टी क्षेत्र में एक वर्ष से चल रहे इस घिनौने कृत्य पर फूटा समाज का गुस्सा, त्रिलोकचंद्र श्रीवास के नेतृत्व में कलेक्ट्री पहुंचकर सौंपा गया कड़ा ज्ञापन।

शिक्षा के मंदिर को कलंकित करने वाली इस बेहद संवेदनशील घटना के उजागर होने के बाद से ही स्थानीय नागरिकों और सामाजिक संगठनों में भारी आक्रोश व्याप्त है।
इस जघन्य कृत्य के विरोध में मंगलवार को छत्तीसगढ़ प्रांत सेन समाज ने जिला प्रशासन और पुलिस महकमे के उच्च अधिकारियों का घेराव कर आरोपी शिक्षक के खिलाफ कठोरतम दंडात्मक कार्रवाई की मांग की है।
सर्वसेन समाज का फूटा गुस्सा, न्याय की गुहार लेकर पहुंचे कलेक्ट्रेट
नाबालिग छात्रा के साथ हुए इस अन्याय और दुर्व्यवहार के खिलाफ छत्तीसगढ़ प्रांत सेन (नाई) समाज पूरी तरह से लामबंद हो गया है। मंगलवार को समाज के प्रांताध्यक्ष त्रिलोकचंद्र श्रीवास के नेतृत्व में एक विशाल और मजबूत प्रतिनिधिमंडल बिलासपुर कलेक्ट्रेट और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) कार्यालय पहुंचा। इस दौरान समाज के सैकड़ों प्रबुद्ध नागरिकों और पदाधिकारियों ने कानून व्यवस्था और सामाजिक सुरक्षा को लेकर चिंता व्यक्त की।
प्रतिनिधिमंडल ने कलेक्टर और एसएसपी को सौंपे गए अपने आधिकारिक ज्ञापन में इस बात को प्रमुखता से रेखांकित किया कि सिरगिट्टी क्षेत्र के संबंधित निजी स्कूल के उक्त शिक्षक ने अपनी मर्यादाओं को ताक पर रखकर एक अबोध और नाबालिग छात्रा को अपनी हवस का शिकार बनाया।
आरोपी शिक्षक पिछले एक साल से डरा-धमका कर और अपनी स्थिति का अनुचित लाभ उठाकर पीड़िता का लगातार शारीरिक और मानसिक रूप से शोषण करता आ रहा था।
आरोपी शिक्षक को फांसी की सजा देने और सख्त कानूनी धाराओं की मांग
ज्ञापन सौंपने के दौरान समाज के प्रांताध्यक्ष त्रिलोकचंद्र श्रीवास और अन्य वरिष्ठ पदाधिकारियों ने दोटूक शब्दों में कहा कि एक शिक्षक का ऐसा आचरण न केवल अक्षम्य है, बल्कि यह पूरी मानवता और गुरु-शिष्य की पवित्र परंपरा पर एक गहरा कलंक है। समाज ने मांग की है कि इस मामले की जांच के लिए पुलिस प्रशासन एक विशेष जांच दल का गठन करे और बिना किसी दबाव के त्वरित निष्पक्ष कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
सामाजिक पदाधिकारियों ने मांग रखी है कि आरोपी शिक्षक के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता और पॉक्सो एक्ट (प्रोटेक्शन ऑफ चिल्ड्रन फ्रॉम सेक्सुअल ऑफेंसेज) की सबसे सख्त और गैर-जमानती धाराओं के तहत मामला दर्ज कर उसे जेल भेजा जाए।
सर्वसेन समाज ने जिला प्रशासन से यह भी पुरज़ोर मांग की है कि ऐसे जघन्य अपराधियों के लिए समाज में कोई जगह नहीं होनी चाहिए और इस घिनौने कृत्य के लिए आरोपी शिक्षक को फास्ट ट्रैक कोर्ट के माध्यम से सीधे फांसी की सजा दी जानी चाहिए।
कलेक्टर और पुलिस प्रशासन ने मामले की गंभीरता को देखते हुए सर्वसेन समाज के प्रतिनिधिमंडल को आश्वस्त किया है कि इस मामले में कानून पूरी कड़ाई से अपना काम करेगा।
पीड़िता को हर संभव विधिक सहायता और सुरक्षा प्रदान की जाएगी और आरोपी को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा। इस घटना के बाद से स्थानीय क्षेत्र के अभिभावकों में भी निजी स्कूलों में बच्चों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है।



