छत्तीसगढ़ सरकार का बड़ा फैसला: मुख्यमंत्री बिजली बिल समाधान योजना की अवधि तीन महीने बढ़ी, उपभोक्ताओं को मिलेगी भारी छूट; सोनपैरी कबीर आश्रम में जुटे दिग्गज
छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बिजली उपभोक्ताओं को एक बड़ी राहत देते हुए 'मुख्यमंत्री बिजली बिल भुगतान समाधान योजना' की अवधि को अगले तीन महीनों के लिए बढ़ाने की महत्वपूर्ण घोषणा की है। इस फैसले से प्रदेश के लाखों उपभोक्ताओं को लंबित बिजली बिलों पर सरचार्ज माफी और आकर्षक छूट का लाभ उठाने का एक और सुनहरा अवसर मिलेगा। वहीं दूसरी ओर, राजधानी रायपुर के सोनपैरी स्थित सद्गुरु कबीर आश्रम में कबीर जयंती के पावन अवसर पर आयोजित संत कबीर महोत्सव में मुख्यमंत्री साय और कर्नाटक के राज्यपाल थावरचंद गहलोत सहित कई केंद्रीय व राज्य स्तर के नेताओं ने शिरकत की और समाज को पर्यावरण संरक्षण तथा समरसता का संदेश दिया।

इस योजना की प्रारंभिक अवधि समाप्त होने वाली थी, लेकिन जनता के व्यापक हितों और लंबित आवेदनों को ध्यान में रखते हुए सरकार ने इसकी अवधि का विस्तार करने का फैसला किया है। इस अवधि विस्तार का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि राज्य का कोई भी पात्र नागरिक इस योजना के लाभों से वंचित न रह जाए।
सरचार्ज माफी और आकर्षक प्रावधानों का मिलेगा सीधा लाभ
इस योजना के तहत राज्य सरकार ने बिजली बिलों के लंबे समय से चल रहे बकाए पर लगने वाले सरचार्ज (अधिभार) को शत-प्रतिशत यानी पूरी तरह से माफ करने का प्रावधान किया है। बिजली विभाग के आंकड़ों के अनुसार, लंबे समय तक बिल का भुगतान न होने की स्थिति में संचित होने वाली कुल बकाया राशि का लगभग आधा हिस्सा केवल सरचार्ज का होता है। सरकार के इस कदम से उपभोक्ताओं का वह पूरा सरचार्ज माफ हो जाएगा।
इसके अलावा, मूल बकाया राशि के भुगतान पर भी उपभोक्ताओं को आकर्षक रियायतें दी जा रही हैं। सरकार ने स्पष्ट किया है कि उपभोक्ता इन बेहद आकर्षक प्रावधानों का उपयोग करके अपने पुराने और लंबित पड़े बिजली बिलों का आसानी से निपटारा कर सकेंगे।
निम्न, मध्यम वर्ग और किसानों को मिलेगी बड़ी आर्थिक संबल योजना के तहत मिलने वाली राहत का विस्तृत विवरण
मुख्यमंत्री बिजली बिल भुगतान समाधान योजना के माध्यम से मुख्य रूप से प्रदेश के निम्न आय वर्ग, मध्यम आय वर्ग, बीपीएल (गरीबी रेखा से नीचे) घरेलू उपभोक्ताओं और कृषि उपभोक्ताओं को लक्षित किया गया है। कोरोना काल और उसके बाद उत्पन्न हुई विभिन्न आर्थिक कठिनाइयों के कारण प्रदेश के लाखों परिवार समय पर अपने बिजली बिलों का भुगतान नहीं कर पाए थे।
धीरे-धीरे यह राशि बढ़कर एक बड़े वित्तीय बोझ में बदल गई थी, जिससे कई उपभोक्ताओं के बिजली कनेक्शन भी काट दिए गए थे। राज्य सरकार की इस अनूठी पहल से प्रदेश के लगभग 28 लाख 42 हजार बिजली उपभोक्ताओं को सीधे तौर पर लाभान्वित किया जा रहा है।
757 करोड़ रुपये से अधिक की कुल वित्तीय राहत
इस महत्वाकांक्षी समाधान योजना के माध्यम से नियमितीकरण को बढ़ावा देने के लिए छत्तीसगढ़ सरकार ने एक बड़ा वित्तीय बोझ अपने कंधों पर लिया है। प्रदेश में उपभोक्ताओं पर कुल मिलाकर लगभग 1,566 करोड़ रुपये की बिजली बिल राशि बकाया थी।
इस योजना के अंतर्गत राज्य सरकार द्वारा कुल 757 करोड़ रुपये से अधिक की राशि की भारी-भरकम राहत उपभोक्ताओं को छूट के रूप में प्रदान की जा रही है। मुख्यमंत्री ने बताया कि यह कदम उपभोक्ताओं को डिफ़ॉल्टर की श्रेणी से बाहर निकालने और उन्हें मुख्यधारा की बिजली व्यवस्था से फिर से जोड़ने का एक अभूतपूर्व प्रयास है।
मूल बकाया राशि पर छूट का गणित और किस्तों की सुविधा एकमुश्त और किस्तों में भुगतान के अलग नियम
योजना को उपभोक्ताओं के लिए बेहद लचीला और सुलभ बनाया गया है। इसमें बकाएदारों की सुविधा के लिए मूल राशि पर भी अतिरिक्त छूट का वर्गीकरण किया गया है। यदि कोई उपभोक्ता अपनी संपूर्ण मूल बकाया राशि का एकमुश्त (एक साथ) भुगतान करना चाहता है, तो उसे मूलधन पर अलग से 10 प्रतिशत की विशेष छूट प्रदान की जाएगी।
इसके विपरीत, जो उपभोक्ता आर्थिक तंगी के कारण एक साथ पूरी रकम नहीं चुका सकते, उनके लिए किस्तों की व्यवस्था की गई है। ऐसे उपभोक्ता न्यूनतम 10 प्रतिशत राशि जमा करके योजना में अपना पंजीयन करा सकते हैं और शेष बची हुई मूल राशि का भुगतान तीन आसान मासिक किस्तों में कर सकते हैं। तीन किस्तों में भुगतान का विकल्प चुनने वाले उपभोक्ताओं को भी मूल राशि पर 5 प्रतिशत की छूट दी जाएगी।
निष्क्रिय कनेक्शनों के घर भी फिर से होंगे रोशन
इस योजना की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि यह उन निष्क्रिय उपभोक्ताओं को भी कवर करती है जिनका विद्युत कनेक्शन किन्हीं कारणों से 31 मार्च 2023 से पहले ही स्थायी या अस्थायी रूप से काट दिया गया था। निष्क्रिय बीपीएल घरेलू उपभोक्ताओं को मूल बकाया राशि में 75 प्रतिशत तक की विशाल छूट मिल रही है, जबकि सामान्य निष्क्रिय घरेलू और कृषि श्रेणी के उपभोक्ताओं को मूल बकाया राशि में 50 प्रतिशत की कटौती का लाभ दिया जा रहा है।
इन सभी श्रेणियों में लगने वाला 100 प्रतिशत सरचार्ज पूरी तरह माफ रहेगा। इस प्रावधान से हजारों बंद पड़े घरों और खेतों में बिजली के कनेक्शन एक बार फिर चालू हो सकेंगे।
सोनपैरी कबीर आश्रम में उमड़ा दिग्गजों का सैलाब संत कबीर महोत्सव में शामिल हुए मुख्यमंत्री और राज्यपाल
एक तरफ जहां राज्य सरकार ने बिजली उपभोक्ताओं को बड़ी सौगात दी, वहीं दूसरी तरफ मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और पड़ोसी राज्य कर्नाटक के राज्यपाल थावरचंद गहलोत राजधानी रायपुर के ग्रामीण क्षेत्र सोनपैरी स्थित प्रसिद्ध सद्गुरु कबीर आश्रम पहुंचे। वहां कबीर जयंती के पावन उपलक्ष्य में आयोजित भव्य ‘संत कबीर महोत्सव’ और ‘गौ ग्राम जन जागरण यात्रा’ के समापन समारोह का आयोजन किया गया था।
कबीर पंथ के इस विशाल समागम में दोनों मुख्य अतिथियों ने कबीर आश्रम के प्रमुख संत गुरु असंग देव महाराज का दर्शन कर उनका पावन आशीर्वाद लिया और पूरे छत्तीसगढ़ समेत पूरे देश की सुख, समृद्धि, शांति और खुशहाली के लिए मंगल कामना की।
कबीर की शिक्षाएं आज भी राष्ट्र के लिए पथप्रदर्शक
समारोह को संबोधित करते हुए कर्नाटक के राज्यपाल थावरचंद गहलोत ने कहा कि संत कबीर दास जी की शिक्षाएं और उनके विचार आज सदियों बाद भी मानव समाज और राष्ट्र के कल्याण के लिए एक सच्चे पथप्रदर्शक की भूमिका निभा रहे हैं। कबीर ने समाज में फैले आडंबरों, रूढ़ियों और सामाजिक कुरीतियों पर कड़ा प्रहार किया था।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने अपने संबोधन में कहा कि संत कबीर के दिखाए गए सत्य, अहिंसा, सेवा और मानवता के आदर्शों पर चलकर ही हम समाज में वास्तविक समरसता और भाईचारे की भावना को मजबूत कर सकते हैं। राज्य सरकार कबीर साहेब के संदेशों को जन-जन तक पहुंचाने और सामाजिक ताने-बाने को मजबूत करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
वृक्षारोपण के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण का बड़ा संदेश आश्रम परिसर में दिग्गजों ने किया पौधरोपण
सोनपैरी के इस पावन कबीर आश्रम परिसर में केवल आध्यात्मिक चर्चा ही नहीं हुई, बल्कि राष्ट्र निर्माण और प्रकृति संरक्षण की दिशा में भी एक मजबूत कदम उठाया गया। इस महोत्सव के विशेष अवसर पर छत्तीसगढ़ विधानसभा के माननीय अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह तथा केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू भी गरिमामयी उपस्थिति में शामिल हुए।
इन सभी शीर्ष नेताओं ने आश्रम के विस्तृत परिसर में फलदार और छायादार पौधों का रोपण किया। वृक्षारोपण कार्यक्रम के माध्यम से उपस्थित हजारों कबीर पंथियों और नागरिकों को पर्यावरण को बचाने, हरियाली बढ़ाने और ग्लोबल वार्मिंग जैसी वैश्विक चुनौतियों से लड़ने के लिए जागरूक रहने का एक साझा संदेश दिया गया।
हरित छत्तीसगढ़ और बिजली संरक्षण की दोहरी अपील
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने वृक्षारोपण के दौरान राज्य के नागरिकों से अपील की कि वे अपने जीवन के महत्वपूर्ण अवसरों पर कम से कम एक पौधा अवश्य लगाएं और उसकी देखभाल करें। इसके साथ ही उन्होंने बिजली के विषय पर बोलते हुए जनता से ऊर्जा संरक्षण की भी पुरजोर वकालत की। मुख्यमंत्री ने नागरिकों से अनुरोध किया कि वे घरों में बिजली की बर्बादी को रोकें और अनावश्यक उपकरणों को बंद रखें।
उन्होंने विभागीय अधिकारियों को भी निर्देशित किया कि बिजली बिल भुगतान समाधान योजना की अवधि बढ़ने के बाद अब ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में विशेष शिविर (कैंप) लगाए जाएं और व्यापक स्तर पर प्रचार-प्रसार कर ज्यादा से ज्यादा गरीब परिवारों को इस सरचार्ज माफी योजना से जोड़ा जाए।
डिजिटल माध्यमों से घर बैठे उठाएं योजना का लाभ मोर बिजली ऐप और ऑनलाइन पोर्टल की सुविधा
विद्युत कंपनी (सीएसपीडीसीएल) के अधिकारियों ने जानकारी दी है कि तीन महीने की बढ़ी हुई अवधि के दौरान उपभोक्ता बेहद आसान प्रक्रियाओं के माध्यम से अपना आवेदन और पंजीकरण पूरा कर सकते हैं। उपभोक्ताओं को दफ्तरों के चक्कर काटने से बचाने के लिए सरकार ने संपूर्ण प्रणाली को डिजिटल कर दिया है। उपभोक्ता अपने स्मार्टफोन पर छत्तीसगढ़ विद्युत विभाग का आधिकारिक ‘मोर बिजली ऐप’ डाउनलोड करके सीधे अपना उपभोक्ता क्रमांक (बीपी नंबर) दर्ज कर इस योजना का लाभ ले सकते हैं।
विभाग की आधिकारिक वेबसाइट www.cspdcl.co.in पर भी ऑनलाइन लॉग इन कर इस छूट का दावा किया जा सकता है। जो लोग डिजिटल माध्यमों का उपयोग करने में असमर्थ हैं, वे अपने नजदीकी बिजली कार्यालय या विभाग द्वारा आयोजित किए जाने वाले विशेष समाधान शिविरों में जाकर ऑफलाइन माध्यम से भी आवेदन फॉर्म भर सकते हैं।



