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छत्तीसगढ़ का वो खौफनाक सीरियल किलर: गंगाजल में साइनाइड मिलाकर सात दिनों में किए तीन कत्ल, नोटों की बारिश के झांसे का ऐसे हुआ भयानक अंत

नवा रायपुर और धमतरी को दहलाने वाले तांत्रिक सुखवंत साहू के गुनाहों का काला चिट्ठा, ठगी की रकम दबाने के लिए टीवी शो देखकर रची थी हत्या की खौफनाक साजिश।







रायपुर, 24 जून 2026 : छत्तीसगढ़ के आपराधिक इतिहास में कुछ ऐसे जघन्य मामले दर्ज हैं जिनकी क्रूरता और खौफनाक तरीके सुनकर आज भी लोगों की रूह कांप जाती है। अंधविश्वास, लालच और मानसिक विकृति के गठजोड़ से उपजे अपराधियों में एक ऐसा ही नाम दर्ज है तांत्रिक सुखवंत साहू उर्फ सुखू का।

सुखू ने अपनी बर्बरता और बेहद शातिर कारनामों से पूरे प्रदेश को झकझोर कर रख दिया था। वह केवल एक साधारण ठग नहीं था, बल्कि एक ऐसा कोल्ड-ब्लडेड सीरियल किलर था जिसने अपने राज छुपाने के लिए मजह सात दिनों के भीतर तीन लोगों को मौत की नींद सुला दिया था।

नोटों की बारिश कराने का मायाजाल और ठगी का खेल

इस पूरे खौफनाक हत्याकांड की शुरुआत अंधविश्वास और रातों-रात अमीर बनने के इंसानी लालच से हुई थी। नवा रायपुर का रहने वाला सुखवंत साहू खुद को एक सिद्ध तांत्रिक बताता था। उसने आस-पास के क्षेत्रों में यह अफवाह फैला रखी थी कि वह तंत्र-मंत्र और विशेष पूजा के जरिए नोटों की बारिश करा सकता है।

इस मायाजाल में भिलाई के एक युवक के माध्यम से सबसे पहले फंसे नवा रायपुर के रहने वाले 60 वर्षीय हंसराम साहू, जो कि एक रिटायर्ड कर्मचारी थे। सुखवंत ने हंसराम को अपने झांसे में लेकर मोटी रकम ऐंठने की योजना बनाई। नोटों की बारिश कराने और तंत्र क्रिया के नाम पर सुखू ने हंसराम से करीब 15 लाख रुपये नकद ले लिए।

जब काफी समय बीत जाने के बाद भी कोई चमत्कार नहीं हुआ और नोटों की कोई बारिश नहीं हुई, तो हंसराम को ठगी का अहसास हुआ। उन्होंने तांत्रिक सुखू पर अपने पैसे वापस करने का भारी दबाव बनाना शुरू कर दिया। यहीं से तांत्रिक के भीतर का हैवान जाग उठा।

टीवी शो देखकर बनाया मर्डर प्लान, गंगाजल में साइनाइड का जानलेवा मिश्रण

जब पीड़ितों ने अपने लाखों रुपये वापस मांगने के लिए सुखू को घेरना शुरू किया, तो उसने उन्हें रास्ते से हटाने का एक ऐसा क्रूर प्लान बनाया जिसकी भनक पुलिस को भी आसानी से न लग सके। पुलिस की गिरफ्त में आने के बाद सुखू ने खुद कबूल किया था कि उसे हत्या करने का यह अनोखा और खतरनाक आइडिया सावधान इंडिया नाम के एक मशहूर टीवी क्राइम शो को देखकर आया था।

साजिश के तहत उसने ऑनलाइन माध्यम से करीब 10,000 रुपये खर्च करके बेहद जानलेवा केमिकल साइनाइड मंगवाया। अपनी योजना को अचूक बनाने के लिए उसने इंसानों पर इसका प्रयोग करने से पहले एक बेजुबान जानवर पर इस जहर का टेस्ट किया। जब जहर के असर से जानवर की तुरंत मौत हो गई, तो उसे अपनी योजना की सफलता का पूरा भरोसा हो गया।

इसके बाद सुखू ने पैसे वापस मांगने वाले पीड़ितों को अंतिम पूजा के बहाने बुलाया। उसने पीड़ितों के मन में भरोसा जगाने के लिए पवित्र गंगाजल का इस्तेमाल किया। उसने पवित्र गंगाजल में साइनाइड का घातक मिश्रण मिला दिया और उसे चरणामृत या जादुई पानी बताकर पीड़ितों को पीने के लिए दे दिया। साइनाइड इतना खतरनाक था कि गंगाजल की कुछ घूंट हलक से नीचे उतरते ही पीड़ितों ने तड़प-तड़पकर मौके पर ही दम तोड़ दिया।

सात दिनों में तीन लाशें और ऐसे बेनकाब हुआ सीरियल किलर

सुखू के इस खौफनाक सिलसिले की जद में केवल पैसे मांगने वाले ही नहीं आए, बल्कि उसका अपना एक बिजनेस पार्टनर वीरेंद्र भी इसका शिकार बना। जब सुखू ने शुरुआती कत्ल को अंजाम दिया, तो वीरेंद्र को उसके इस राज की भनक लग गई थी। वीरेंद्र इस राज को छुपाने के बदले सुखू से लगातार मोटी रकम की डिमांड कर रहा था और उसे ब्लैकमेल कर रहा था।

अपने ही पार्टनर से बढ़ते खतरे और पुलिस के डर से बौखलाए सुखू ने वीरेंद्र को भी उसी जहरीले गंगाजल के जरिए मौत के घाट उतार दिया। मात्र सात दिनों के भीतर उसने एक के बाद एक तीन लोगों की हत्या कर दी।

छत्तीसगढ़ के धमतरी और रायपुर की संयुक्त पुलिस टीम जब वीरेंद्र की गुमशुदगी और हत्या के मामले की परतें खोल रही थी, तब कड़ी से कड़ी जुड़ती चली गई। शक के घेरे में आए तांत्रिक सुखू को जब हिरासत में लेकर कड़ाई से पूछताछ की गई, तो उसने उगल दिए वो सारे राज जिसने पुलिस अधिकारियों के भी होश उड़ा दिए।

उसके कबूलनामे के बाद पुलिस ने जब कत्ल के बाकी मामलों की फाइलें खोलीं, तब जाकर इस खौफनाक सीरियल किलर की असलियत दुनिया के सामने आई। फिलहाल यह शातिर तांत्रिक कानून की गिरफ्त में सलाखों के पीछे अपने कर्मों की सजा काट रहा है।

Richa Sahay

ऋचा सहाय — पत्रकारिता और न्याय जगत की एक सशक्त आवाज़, जिनका अनुभव दोनों क्षेत्रों में अद्वितीय है। वर्तमान में The 4th Pillar की वरिष्ठ समाचार संपादक के रूप में कार्यरत ऋचा सहाय दशकों से राजनीति, समाज, खेल, व्यापार और क्राइम जैसी विविध विषयों पर बेबाक, तथ्यपूर्ण और संवेदनशील लेखन के लिए जानी जाती हैं। उनकी लेखनी की सबसे खास बात है – जटिल मुद्दों को सरल, सुबोध भाषा में इस तरह प्रस्तुत करना कि पाठक हर पहलू को सहजता से समझ सकें।पत्रकारिता के साथ-साथ ऋचा सहाय एक प्रतिष्ठित वकील भी हैं। LLB और MA Political Science की डिग्री के साथ, उन्होंने क्राइम मामलों में गहरी न्यायिक समझ और विश्लेषणात्मक दृष्टिकोण स्थापित किया है। उनके अनुभव की गहराई न केवल अदालतों की बहसों में दिखाई देती है, बल्कि पत्रकारिता में उनके दृष्टिकोण को भी प्रभावशाली बनाती है।दोनों क्षेत्रों में वर्षों की तपस्या और सेवा ने ऋचा सहाय को एक ऐसा व्यक्तित्व बना दिया है जो ज्ञान, निडरता और संवेदनशीलता का प्रेरक संगम है।

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