Big BreakingChhattisgarhरायपुर

रायपुर पुलिस कमिश्नरेट का नशे के खिलाफ ‘सर्जिकल स्ट्राइक’, 5.65 करोड़ रुपये मूल्य के मादक पदार्थ विधिवत नष्ट

सिर्फ जेल भेजना ही मकसद नहीं, नशे की रीढ़ तोड़ना है लक्ष्य; पीआईटी-एनडीपीएस और वित्तीय जांच के बाद अब मालखाने भी हुए साफ।







रायपुर । ​रायपुर पुलिस कमिश्नरेट के सेंट्रल जोन अंतर्गत नशे के अवैध कारोबार और तस्करों के खिलाफ चलाए जा रहे बहुआयामी अभियान में आज एक बड़ा और ऐतिहासिक चरण संपन्न हुआ। पुलिस कमिश्नर डॉ. संजीव शुक्ला (IPS) के दिशा-निर्देशन में जिला स्तरीय औषधि निपटान समिति द्वारा मध्य जोन के विभिन्न थानों में जब्त किए गए लगभग 5.65 करोड़ रुपये मूल्य के मादक पदार्थों को पूरी तरह से नष्ट कर दिया गया। यह संपूर्ण कार्रवाई सिलतरा स्थित मैसर्स एसएमएस वॉटरग्रेस एनवायरोप्रोटेक्ट प्राइवेट लिमिटेड के परिसर में वैज्ञानिक और विधिसम्मत तरीके से निष्पादित की गई।

​यह बड़ी कार्रवाई पुलिस उपायुक्त (मध्य जोन) आईपीएस उमेश प्रसाद गुप्ता की अध्यक्षता में संपन्न हुई। इस दौरान समिति के सदस्य के रूप में अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त (मध्य जोन) तारकेश्वर पटेल एवं जिला आबकारी अधिकारी राजेश कुमार शर्मा विशेष रूप से मौजूद रहे, जिनकी निगरानी में प्रतिबंधित सामग्रियों का मिलान और सत्यापन किया गया।

पुलिस से मिली आधिकारिक जानकारी के अनुसार, सेंट्रल जोन के विभिन्न थानों में दर्ज कुल 97 गंभीर मामलों से जुड़े मादक पदार्थों का पहले वैधानिक सत्यापन किया गया और फिर उन्हें उच्च तापमान वाले इंसिनरेटर में नष्ट किया गया।रायपुर पुलिस कमिश्नरेट के सेंट्रल जोन अंतर्गत भस्म किए गए मादक पदार्थों का विस्तृत विवरण इस प्रकार है, जिसमें जिला स्तरीय समिति की मौजूदगी में कुल 97 गंभीर मामलों से जुड़े प्रतिबंधित नशीले पदार्थों को नष्ट किया गया। इसके तहत 65 अलग-अलग प्रकरणों में जब्त किया गया करीब 494 किलोग्राम गांजा और 22 मामलों में बरामद की गई 11,964 नग नशीली कैप्सूल व टैबलेट्स को पूरी तरह नष्ट कर दिया गया। इसके साथ ही, इस बड़ी कार्रवाई में 05 मामलों से जुड़ी 11.217 किलोग्राम महंगी चरस, 02 मामलों की 31.95 ग्राम ब्राउन शुगर, 02 अन्य प्रकरणों में जब्त 24.24 ग्राम सिंथेटिक ड्रग्स (MDMA) और 01 हाई-प्रोफाइल मामले में बरामद की गई 8.19 ग्राम शुद्ध कोकेन को भी कड़े सुरक्षा व पर्यावरणीय मानकों के तहत इंसिनरेटर में डालकर खाक कर दिया गया।

​औषधि निपटान समिति ने स्पष्ट किया कि नशे की इस भारी खेप को नष्ट करने से पहले पर्यावरण विभाग से आवश्यक अनापत्ति प्रमाण पत्र (NOC) सहित सभी वैधानिक औपचारिकताएं समय रहते पूरी कर ली गई थीं। धुएं और प्रदूषण के नियंत्रण हेतु निर्धारित मानकों का कड़ाई से पालन किया गया। इस पूरी संवेदनशील प्रक्रिया की निष्पक्षता बनाए रखने के लिए मौके पर कड़ी सुरक्षा के बीच संपूर्ण दस्तावेजीकरण और आधिकारिक वीडियोग्राफी भी कराई गई।

डीसीपी उमेश प्रसाद गुप्ता ने बताया कि रायपुर पुलिस केवल तस्करों को पकड़ने तक सीमित नहीं है, बल्कि नशे के समूल नाश के लिए तीन स्तरों पर काम कर रही है। पहली रणनीति के तहत मादक पदार्थों की तस्करी में लगे लोगों की धरपकड़ की जा रही है। दूसरी रणनीति के तहत आदतन और बड़े अपराधियों के खिलाफ पीआईटी-एनडीपीएस (PIT-NDPS) एक्ट के तहत कड़ी निरोधात्मक कार्रवाई और उनकी संपत्ति कुर्क करने के लिए वित्तीय जांच (Financial Investigation) की जा रही है। इसी कड़ी में आज तीसरे आयाम के रूप में मालखानों में सालों से जब्त पड़े मादक पदार्थों का समयबद्ध और पारदर्शी निपटारा किया गया है।

केंद्रीय एवं राज्य शासन की जीरो-टॉलरेंस नीति का हवाला देते हुए पुलिस प्रशासन ने संदेश दिया है कि रायपुर को पूरी तरह सुरक्षित, स्वस्थ और नशामुक्त बनाना उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता है। इस प्रकार के बड़े और पारदर्शी नष्टीकरण से जहां एक ओर थानों के मालखानों को सुरक्षित किया जा रहा है, वहीं दूसरी ओर अपराधियों में यह कड़ा संदेश जा रहा है कि उनके अवैध साम्राज्य को पूरी तरह से जमींदोज कर दिया जाएगा।

Richa Sahay

ऋचा सहाय — पत्रकारिता और न्याय जगत की एक सशक्त आवाज़, जिनका अनुभव दोनों क्षेत्रों में अद्वितीय है। वर्तमान में The 4th Pillar की वरिष्ठ समाचार संपादक के रूप में कार्यरत ऋचा सहाय दशकों से राजनीति, समाज, खेल, व्यापार और क्राइम जैसी विविध विषयों पर बेबाक, तथ्यपूर्ण और संवेदनशील लेखन के लिए जानी जाती हैं। उनकी लेखनी की सबसे खास बात है – जटिल मुद्दों को सरल, सुबोध भाषा में इस तरह प्रस्तुत करना कि पाठक हर पहलू को सहजता से समझ सकें।पत्रकारिता के साथ-साथ ऋचा सहाय एक प्रतिष्ठित वकील भी हैं। LLB और MA Political Science की डिग्री के साथ, उन्होंने क्राइम मामलों में गहरी न्यायिक समझ और विश्लेषणात्मक दृष्टिकोण स्थापित किया है। उनके अनुभव की गहराई न केवल अदालतों की बहसों में दिखाई देती है, बल्कि पत्रकारिता में उनके दृष्टिकोण को भी प्रभावशाली बनाती है।दोनों क्षेत्रों में वर्षों की तपस्या और सेवा ने ऋचा सहाय को एक ऐसा व्यक्तित्व बना दिया है जो ज्ञान, निडरता और संवेदनशीलता का प्रेरक संगम है।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button