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छत्तीसगढ़ में ट्रिपल इंजन की सरकार 50 हजार नई प्रॉपर्टी से टैक्स वसूलेंगे, जिसमें धर्मिक संस्थान भी शामिल : विकास उपाध्याय

धर्म के नाम पर सत्ता पाने वालों का असली रूप आया सामने,मंदिरों पर टैक्स लगाने वाले हिंदू राजा मोदी और साय



रायपुर । पूर्व विधायक विकास उपाध्याय ने धर्म के नाम पर सत्ता पाने वाले भारतीय जनता पार्टी की ट्रिपल इंजन सरकार पर करारा प्रहार करते हुए कहा कि हिंदू राजा कहलाने वाले मोदी और साय द्वारा धार्मिक संस्थानों पर टैक्स लगाया जाना जनआस्था के लिए बहुत ही शर्मनाक है। छत्तीसगढ़ की साय सरकार द्वारा निगम को 350 करोड़ संपत्ति कर वसूली का टारगेट दिया गया है जिसमें 20 हजार प्रॉपर्टी केन्द्र, राज्य और धार्मिक संस्थान भी शामिल हैं।

उपाध्याय ने कहा कि भारत में हिंदूओं की आबादी लगभग 80 प्रतिशत है वहीं उन हिंदूओं में आस्था 100 प्रतिशत से भी अधिक है, लेकिन भारतीय जनता पार्टी ये जानते हुये भी हिंदूओं की आस्था से शुरू से खिलवाड़ करते आई है और अब तो धार्मिक संस्थानों में टैक्स शुरू करने से साफ हो गया कि किस प्रकार ये बीजेपी सरकार अपना दोहरा चरित्र उजागर कर चुकी है। उपाध्याय ने कहा कि मोदी सरकार एक तरफ देश के विकास की बात करती है जो विकास इनके भ्रष्टाचार से खोखला और आधारहीन हो चुका है और दूसरी तरफ देश के हिंदूओं की आस्था का पूरा-पूरा फायदा उठाते हुए हिंदू मंदिरों और धार्मिक संस्थानों पर टैक्स लगाने का फैसला ले चुकी है।

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विकास उपाध्याय ने बीजेपी की मोदी और साय सरकार पर आरोप लगाया कि सरकार लगातार हिंदूओं की आस्था से खिलवाड़ कर उनका सिर्फ शोषण कर रही है और अब बीजेपी सरकार की नजर हिंदू मंदिरों और धार्मिक संस्थानों के राजस्व पर है। भारतीय जनता पार्टी भ्रष्ट, अयोग्य ‘‘लूट सरकार’’ ने धर्म निरपेक्षता और हिंदू संगठनों की आड़ में मंदिरों के राजस्व पर अपनी बुरी नजर डाली है। हिंदू धार्मिक बंदोबस्ती संशोधन अधिनियम के माध्यम से जनता को लूटने के साथ-साथ अब हिंदू मंदिरों और धार्मिक संस्थानों से दान के साथ-साथ चढ़ावे को भी हड़पने की कोशिश कर रही है।

उपाध्याय ने कहा कि बीजेपी द्वारा राजस्व के लिए अब हिंदू मंदिरों को ही क्यों निशाना बनाया जा रहा है क्यों इन्हें करोड़ों भक्तों की आस्था दिखाई नहीं दे रही? यह पैसा तो लोगों की दैवीय मान्यताओं का है।

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Richa Sahay

ऋचा सहाय — पत्रकारिता और न्याय जगत की एक सशक्त आवाज़, जिनका अनुभव दोनों क्षेत्रों में अद्वितीय है। वर्तमान में The 4th Pillar की वरिष्ठ समाचार संपादक के रूप में कार्यरत ऋचा सहाय दशकों से राजनीति, समाज, खेल, व्यापार और क्राइम जैसी विविध विषयों पर बेबाक, तथ्यपूर्ण और संवेदनशील लेखन के लिए जानी जाती हैं। उनकी लेखनी की सबसे खास बात है – जटिल मुद्दों को सरल, सुबोध भाषा में इस तरह प्रस्तुत करना कि पाठक हर पहलू को सहजता से समझ सकें।पत्रकारिता के साथ-साथ ऋचा सहाय एक प्रतिष्ठित वकील भी हैं। LLB और MA Political Science की डिग्री के साथ, उन्होंने क्राइम मामलों में गहरी न्यायिक समझ और विश्लेषणात्मक दृष्टिकोण स्थापित किया है। उनके अनुभव की गहराई न केवल अदालतों की बहसों में दिखाई देती है, बल्कि पत्रकारिता में उनके दृष्टिकोण को भी प्रभावशाली बनाती है।दोनों क्षेत्रों में वर्षों की तपस्या और सेवा ने ऋचा सहाय को एक ऐसा व्यक्तित्व बना दिया है जो ज्ञान, निडरता और संवेदनशीलता का प्रेरक संगम है।

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