सुशासन दिवस पर अटल जी को नमन: उत्तर विधायक पुरंदर मिश्रा ने किया भावपूर्ण श्रद्धासुमन अर्पण

अटल विचारों को किया नमन: पुरंदर मिश्रा ने कहा—सुशासन और राष्ट्रसेवा का प्रतीक हैं अटल जी





रायपुर । भारत रत्न, राष्ट्रकवि एवं सुशासन के प्रतीक श्रद्धेय स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेयी जी की 101वीं जयंती—सुशासन दिवस के अवसर पर राजधानी रायपुर के अवंति विहार कॉलोनी स्थित अटल चौक (एटीएम चौक) में उनकी प्रतिमा के समक्ष उत्तर विधायक पुरंदर मिश्रा ने पुष्पांजलि अर्पित कर श्रद्धापूर्वक नमन किया।

नगर पालिक निगम रायपुर के संस्कृति विभाग के तत्वावधान में एवं जोन क्रमांक 03 के सहयोग से आयोजित इस गरिमामय कार्यक्रम में विधायक पुरंदर मिश्रा ने अटल जी के विचारों, आदर्शों और सुशासन की विरासत को स्मरण किया। उन्होंने कहा कि अटल बिहारी वाजपेयी जी का संपूर्ण जीवन राष्ट्रसेवा, लोकतांत्रिक मूल्यों और समावेशी विकास का प्रतीक है। उन्होंने राजनीति को शुचिता, संवाद और संवेदना से जोड़ा।

पुरंदर मिश्रा ने कहा कि अटल जी के नेतृत्व में देश ने स्थिरता, विकास और वैश्विक सम्मान की नई ऊंचाइयों को छुआ। आज भी उनके विचार जनप्रतिनिधियों और युवाओं—दोनों के लिए मार्गदर्शक हैं।

कार्यक्रम में उपस्थित जनप्रतिनिधियों, गणमान्य नागरिकों एवं नगर निगम अधिकारियों ने अटल जी के चित्र पर पुष्प अर्पित कर उनके आदर्शों को आत्मसात करने का संकल्प लिया।अटल बिहारी वाजपेयी जी की विचारधारा और सुशासन की विरासत भारतीय लोकतंत्र को सदैव दिशा देती रहेगी।

Richa Sahay

ऋचा सहाय — पत्रकारिता और न्याय जगत की एक सशक्त आवाज़, जिनका अनुभव दोनों क्षेत्रों में अद्वितीय है। वर्तमान में The 4th Pillar की वरिष्ठ समाचार संपादक के रूप में कार्यरत ऋचा सहाय दशकों से राजनीति, समाज, खेल, व्यापार और क्राइम जैसी विविध विषयों पर बेबाक, तथ्यपूर्ण और संवेदनशील लेखन के लिए जानी जाती हैं। उनकी लेखनी की सबसे खास बात है – जटिल मुद्दों को सरल, सुबोध भाषा में इस तरह प्रस्तुत करना कि पाठक हर पहलू को सहजता से समझ सकें।पत्रकारिता के साथ-साथ ऋचा सहाय एक प्रतिष्ठित वकील भी हैं। LLB और MA Political Science की डिग्री के साथ, उन्होंने क्राइम मामलों में गहरी न्यायिक समझ और विश्लेषणात्मक दृष्टिकोण स्थापित किया है। उनके अनुभव की गहराई न केवल अदालतों की बहसों में दिखाई देती है, बल्कि पत्रकारिता में उनके दृष्टिकोण को भी प्रभावशाली बनाती है।दोनों क्षेत्रों में वर्षों की तपस्या और सेवा ने ऋचा सहाय को एक ऐसा व्यक्तित्व बना दिया है जो ज्ञान, निडरता और संवेदनशीलता का प्रेरक संगम है।

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