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केंद्रीय शिक्षा मंत्री का पुतला फूंकना पड़ा महंगा: रायपुर में NSUI और युवा कांग्रेस कार्यकर्ताओं पर FIR दर्ज, जानिए क्या है पूरा विवाद

केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का पुतला फूंकने के मामले में रायपुर में बड़ी कार्रवाई। एनएसयूआई और युवा कांग्रेस के कार्यकर्ताओं पर एफआईआर दर्ज। जानिए क्या है पूरा विवाद, नीट धांधली के खिलाफ प्रदर्शन और पुलिस की अब तक की कानूनी कार्रवाई।







23 जुलाई 2026, रायपुर। राजधानी रायपुर में राजनीतिक सरगर्मियां एक बार फिर तेज हो गई हैं। नीट (NEET) परीक्षा में सामने आई धांधली और पेपर लीक के विरोध में प्रदर्शन कर रहे कांग्रेस के छात्र और युवा संगठनों पर पुलिस ने शिकंजा कस दिया है। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का पुतला फूंकने और उग्र प्रदर्शन करने के आरोप में सिविल लाइंस और गोलबाजार पुलिस ने एनएसयूआई (NSUI) और युवा कांग्रेस के कई कार्यकर्ताओं व नेताओं के खिलाफ नामजद और अज्ञात में अपराध दर्ज किया है।

पुलिस का कहना है कि प्रदर्शनकारियों ने बिना अनुमति के सड़क जाम की और जलता हुआ पुतला छीनने के दौरान ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों से धक्का-मुक्की की। इस घटना के बाद से ही शहर के सियासी गलियारों में बहस छिड़ गई है।

बिना अनुमति प्रदर्शन और चक्काजाम का आरोप

घटना रायपुर के सिविल लाइंस और गोलबाजार थाना क्षेत्र की है। एनएसयूआई और युवा कांग्रेस के कार्यकर्ता नेशनल एलिजिबिलिटी कम एंट्रेंस टेस्ट (NEET) में हुई धांधली के खिलाफ देशव्यापी विरोध के तहत रायपुर की सड़कों पर उतरे थे।

कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। जब कार्यकर्ताओं ने शिक्षा मंत्री का पुतला जलाने की कोशिश की, तो वहां मौजूद पुलिस बल ने उन्हें रोकने का प्रयास किया। देखते ही देखते माहौल तनावपूर्ण हो गया और पुलिस तथा कार्यकर्ताओं के बीच तीखी बहस के साथ ही झूमाझटकी शुरू हो गई।

पुलिस ने किन धाराओं के तहत दर्ज की FIR?

सिविल लाइंस और गोलबाजार थाना पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए कानूनी कार्रवाई की है। पुलिस ने कार्यकर्ताओं के खिलाफ सरकारी काम में बाधा डालने, बिना अनुमति के जुलूस निकालने, मुख्य मार्ग अवरुद्ध करने और जलती हुई सामग्री से जनजीवन को खतरे में डालने जैसी भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धाराओं में मामला पंजीकृत किया है।

नामजद आरोपियों में एनएसयूआई और युवा कांग्रेस के प्रमुख स्थानीय पदाधिकारियों के नाम शामिल हैं। पुलिस अब प्रदर्शन के वीडियो फुटेज और सीसीटीवी तस्वीरों के जरिए अन्य शामिल लोगों की पहचान करने में जुटी है।

क्या है नीट धांधली विवाद जिसकी वजह से भड़का गुस्सा

यह पूरा विवाद राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) द्वारा आयोजित की जाने वाली नीट-यूजी (NEET-UG) परीक्षा में हुई गड़बड़ियों से जुड़ा है। देश भर में लाखों छात्र और अभिभावक परीक्षा की पवित्रता पर सवाल उठा रहे हैं।

ग्रेस मार्क्स देने में अनियमतता, कई छात्रों के एक साथ 720 में से 720 अंक हासिल करने और बिहार तथा गुजरात जैसे राज्यों में पेपर लीक के आरोपों ने मामले को तूल दे दिया है। छात्र संगठन लगातार मांग कर रहे हैं कि परीक्षा रद्द की जाए और पूरे मामले की निष्पक्ष केंद्रीय जांच कराई जाए। इसी मांग को लेकर छात्र संगठन सड़क पर उतरे हुए थे।

विपक्ष का आरोप: आवाज दबाने की कोशिश कर रही सरकार

एफआईआर दर्ज होने के बाद कांग्रेस और उसके सहयोगी छात्र संगठनों ने राज्य सरकार और पुलिस प्रशासन पर निशाना साधा है। छात्र नेताओं का कहना है कि वे छात्रों के भविष्य के लिए लोकतांत्रिक तरीके से आवाज उठा रहे थे।

कांग्रेस प्रतिनिधियों का तर्क है कि देश के लाखों युवाओं का भविष्य अधर में लटका हुआ है। जब छात्र और युवा अपनी मांगें रखते हैं, तो उन पर मुकदमे लादकर उनकी आवाज दबाने की कोशिश की जा रही है। छात्र संगठनों ने स्पष्ट किया है कि एफआईआर से डरकर उनका आंदोलन रुकने वाला नहीं है और वे छात्रों के हक की लड़ाई जारी रखेंगे।

सत्ता पक्ष का पलटवार: कानून हाथ में लेने की इजाजत नहीं

दूसरी ओर, सत्ताधारी भारतीय जनता पार्टी (BJP) और पुलिस प्रशासन ने इस कार्रवाई को कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए जरूरी बताया है। बीजेपी प्रवक्ताओं का कहना है कि लोकतंत्र में विरोध प्रदर्शन का अधिकार सबको है, लेकिन हिंसक होना या सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाना गलत है।

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि किसी को भी आम जनता की आवाजाही बाधित करने या पुलिसकर्मियों की सुरक्षा को खतरे में डालने की अनुमति नहीं दी जा सकती। इसी आधार पर नियमानुसार कानूनी प्रक्रिया अपनाई गई है।

रायपुर में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी, आगे भी हो सकती हैं गिरफ्तारियां

घटना के बाद से ही रायपुर पुलिस हाई अलर्ट पर है। संवेदनशील इलाकों और प्रमुख चौराहों पर अतिरिक्त बल तैनात कर दिया गया है ताकि किसी भी तरह की अप्रिय घटना से निपटा जा सके।

पुलिस सूत्रों का कहना है कि वीडियो साक्ष्यों के आधार पर जांच को आगे बढ़ाया जा रहा है। आने वाले दिनों में कुछ छात्र नेताओं की गिरफ्तारियां भी हो सकती हैं। नीट विवाद को लेकर छात्रों और राजनीतिक दलों का गुस्सा अभी शांत होता नहीं दिख रहा है, जिससे आने वाले दिनों में रायपुर की राजनीति में और गरमाहट आने के आसार हैं।

Richa Sahay

ऋचा सहाय — पत्रकारिता और न्याय जगत की एक सशक्त आवाज़, जिनका अनुभव दोनों क्षेत्रों में अद्वितीय है। वर्तमान में The 4th Pillar की वरिष्ठ समाचार संपादक के रूप में कार्यरत ऋचा सहाय दशकों से राजनीति, समाज, खेल, व्यापार और क्राइम जैसी विविध विषयों पर बेबाक, तथ्यपूर्ण और संवेदनशील लेखन के लिए जानी जाती हैं। उनकी लेखनी की सबसे खास बात है – जटिल मुद्दों को सरल, सुबोध भाषा में इस तरह प्रस्तुत करना कि पाठक हर पहलू को सहजता से समझ सकें।पत्रकारिता के साथ-साथ ऋचा सहाय एक प्रतिष्ठित वकील भी हैं। LLB और MA Political Science की डिग्री के साथ, उन्होंने क्राइम मामलों में गहरी न्यायिक समझ और विश्लेषणात्मक दृष्टिकोण स्थापित किया है। उनके अनुभव की गहराई न केवल अदालतों की बहसों में दिखाई देती है, बल्कि पत्रकारिता में उनके दृष्टिकोण को भी प्रभावशाली बनाती है।दोनों क्षेत्रों में वर्षों की तपस्या और सेवा ने ऋचा सहाय को एक ऐसा व्यक्तित्व बना दिया है जो ज्ञान, निडरता और संवेदनशीलता का प्रेरक संगम है।

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