रायपुर पुलिस की बड़ी कामयाबी: सरोना शराब दुकान में 7 लाख की हाई-प्रोफाइल चोरी का राजफाश, राजस्थान का अंतरराज्यीय शातिर गिरोह गिरफ्तार
आमानाका थाना पुलिस और साइबर सेल की संयुक्त टीम ने 15 दिनों की सघन पड़ताल के बाद चार कुख्यात आरोपियों को दबोचा।

पुलिस ने इस मामले में छत्तीसगढ़ के बाहर सक्रिय एक बेहद शातिर और आदतन अपराधियों के अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश करते हुए राजस्थान के रहने वाले चार मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि इस गिरोह का एक अन्य सक्रिय सदस्य पुलिस को चकमा देकर अब भी फरार है जिसकी सरगर्मी से तलाश की जा रही है।
गिरफ्तार किए गए सभी आरोपियों का पुराना और बेहद खौफनाक आपराधिक रिकॉर्ड रहा है। यह आरोपी पूर्व में भी विभिन्न राज्यों में हत्या, हत्या के प्रयास, लूट, डकैती, नकबजनी, नारकोटिक्स एक्ट यानी नशीले पदार्थों की तस्करी तथा जानलेवा मारपीट जैसे कई गंभीर संगीन मामलों में जेल की हवा खा चुके हैं। पुलिस इस गिरोह के पकड़े जाने को एक बड़ी उपलब्धि मान रही है, क्योंकि इनके हौसले इस कदर बुलंद थे कि वे पूरी सरकारी व्यवस्था को चुनौती दे रहे थे।
शराब दुकान की दीवार फांदकर घुसे थे बदमाश और उखाड़ ले गए थे रुपयों से भरा भारी लॉकर
पुलिस प्रशासन द्वारा दी गई आधिकारिक जानकारी के अनुसार, यह पूरी वारदात बीते महीने की 14 जून 2026 की अलसुबह सामने आई थी। सरोना रिंग रोड पर स्थित सरकारी कंपोजिट विदेशी शराब दुकान के कर्मचारियों ने जब सुबह दुकान खोलने पहुंचे, तो वहां का नजारा देखकर उनके होश उड़ गए। दुकान के मुख्य हिस्से और लॉकर रूम का ताला पूरी तरह से टूटा हुआ था और भीतर का सारा सामान बिखरा पड़ा था। घटना की सूचना तत्काल आबकारी विभाग के उच्च अधिकारियों और आमानाका थाना पुलिस को दी गई।
इसके बाद एडिशनल डीसीपी वेस्ट, एसीपी पुरानी बस्ती और डॉग स्क्वायड समेत फॉरेंसिक एक्सपर्ट की टीम ने तत्काल मौके पर पहुंचकर घटना स्थल का सघन निरीक्षण किया। जांच में यह बेहद चौंकाने वाली बात सामने आई कि चोरों ने केवल दराज या गल्ले से पैसे नहीं चुराए, बल्कि वे दुकान के भीतर कंक्रीट और दीवार के सहारे मजबूती से फिक्स किए गए भारी-भरकम लोहे के सेफ यानी लॉकर को ही औजारों की मदद से उखाड़कर अपने साथ ले गए थे। इस लॉकर के भीतर 13 जून 2026 की पूरे दिन भर की बिक्री की कुल गाढ़ी कमाई रखी हुई थी, जिसका मिलान करने पर कुल 7,05,580 रुपये की नगद राशि होना पाया गया था।
पहचान छिपाने के लिए सबूत मिटाने की रची थी बड़ी साजिश, डीवीआर और स्कैनर भी ले उड़े
यह चोरी की वारदात किसी सामान्य चोर गिरोह का काम नहीं था, बल्कि इसे बेहद सुनियोजित और शातिर तरीके से अंजाम दिया गया था। पुलिस को भटकाने और अपनी पहचान पूरी तरह से गुप्त रखने के लिए बदमाशों ने दुकान के भीतर लगे हाई-डेफिनिशन सीसीटीवी कैमरों के मुख्य सिस्टम यानी डीवीआर (डिजिटल वीडियो रिकॉर्डर) को ढूंढ निकाला और उसे उखाड़कर अपने साथ ले गए।
इसके साथ ही दुकान के भीतर डिजिटल भुगतान और स्टॉक मिलान के लिए इस्तेमाल होने वाले चार आधुनिक पीओएस स्कैनर मशीनों को भी चोरों ने गायब कर दिया था ताकि पुलिस को उंगलियों के निशान या कोई तकनीकी सुराग हाथ न लग सके।
इतना ही नहीं, जाते-जाते बदमाशों ने दुकान के भीतर रखी महंगी और प्रीमियम ब्रांड की विदेशी शराब की कई पेटियों पर भी हाथ साफ कर दिया था। बदमाशों का मुख्य उद्देश्य पुलिस की शुरुआती जांच को पूरी तरह से ठप करना था। डीवीआर के गायब होने से पुलिस के सामने आरोपियों का हुलिया और उनकी गाड़ियों के नंबर का पता लगाना एक बहुत बड़ी चुनौती बन चुका था।
पकड़े गए आरोपियों का विवरण और बरामदगी की पूरी विधिक स्थिति
आमानाका थाना पुलिस और रायपुर साइबर सेल की विशेष टीम ने जब आसपास के नेशनल हाईवे और रिंग रोड पर लगे अन्य निजी व सरकारी कैमरों के फुटेज खंगाले, तो एक संदिग्ध वाहन का सुराग मिला। इसके बाद तकनीकी इनपुट के आधार पर राजस्थान में दबिश दी गई और गिरोह के चार सक्रिय सदस्यों को घेराबंदी करके दबोचा गया। गिरफ्तार किए गए आरोपियों की सूची इस प्रकार है:
| आरोपी का नाम | निवासी स्थान (राज्य) | पुराना आपराधिक रिकॉर्ड |
|---|---|---|
| पवन कुमार पाटीकर | बांसवाड़ा, राजस्थान | हत्या, लूट और चोरी के मामले |
| प्रकाश मईडा | बांसवाड़ा, राजस्थान | हत्या का प्रयास, मारपीट |
| सुनील चरपोटा | बांसवाड़ा, राजस्थान | नारकोटिक्स एक्ट, चोरी |
| राम सिंह | बांसवाड़ा, राजस्थान | नकबजनी, अवैध आर्म्स एक्ट |
पुलिस ने इन आरोपियों के पास से उखाड़े गए लॉकर के अवशेष, चोरी की गई रकम का एक बड़ा हिस्सा और वारदात में इस्तेमाल किए गए कुछ उपकरण बरामद कर लिए हैं। पुलिस के आला अधिकारियों का कहना है कि आरोपियों से स्थानीय स्तर पर पूछताछ की जा रही है ताकि रायपुर और उसके आसपास के जिलों में हुई अन्य अनसुलझी चोरियों के मामलों में भी इनकी संलिप्तता का पता लगाया जा सके।
फरार पांचवें आरोपी की तलाश में जुटी पुलिस और सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
इस पूरी अंतरराज्यीय गैंग का भंडाफोड़ होने के बाद भी पुलिस की एक विशेष टीम अभी लगातार छापेमारी कर रही है, क्योंकि इस वारदात का मास्टरमाइंड और गिरोह का पांचवां सदस्य अभी भी पुलिस की गिरफ्त से बाहर है। पुलिस का दावा है कि उसकी लोकेशन ट्रेस कर ली गई है और जल्द ही उसे भी सलाखों के पीछे भेज दिया जाएगा।
इस घटना ने राजधानी रायपुर की सुरक्षा व्यवस्था और विशेष रूप से सरकारी मदिरा दुकानों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। सरोना जैसी व्यस्त रिंग रोड पर स्थित कंपोजिट दुकान में जहां रोज लाखों का टर्नओवर होता है, वहां चोरों का इतनी आसानी से दाखिल होना, घंटों वक्त बिताकर भारी लॉकर को उखाड़ना और सीसीटीवी का डीवीआर तक निकाल ले जाना कहीं न कहीं सुरक्षा में लगी बड़ी चूक को उजागर करता है।
पुलिस विभाग ने आबकारी विभाग को पत्र लिखकर सभी प्रमुख और अधिक बिक्री वाली शराब दुकानों में चौबीसों घंटे सुरक्षा गार्ड तैनात करने और सुरक्षा अलार्म सिस्टम लगाने की कड़ी हिदायत दी है।



