शिक्षा और हौसलों की नई उड़ान: ‘इसलाहे इख्वान वेलफेयर सोसाइटी’ के “अज़मत-ए-इल्म” समारोह में 411 होनहार छात्र सम्मानित
85% से अधिक अंक लाने वाले बच्चों को विशेष पुरस्कार, समाज में जागरूकता के लिए पहली बार दिया गया 'एक्टिव पैरेंट अवार्ड'

रायपुर । सामाजिक और शैक्षणिक उत्थान के क्षेत्र में निरंतर अग्रणी भूमिका निभाने वाली राजधानी की प्रतिष्ठित संस्था ‘इसलाहे इख्वान वेलफेयर सोसाइटी रायपुर’ ने सफलता का एक और नया इतिहास रच दिया है। संस्था के तत्वावधान में हज़रत फतेहशाह एजुकेशनल इंस्टीट्यूट और डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम एकेडमी द्वारा बीते दिन रायपुर में एक अज़ीम-उश-शान (भव्य) और गरिमामयी वार्षिक समारोह “अज़मत-ए-इल्म” का सफल आयोजन किया गया।
शिक्षा के प्रचार-प्रसार और नई पीढ़ी का हौसला बढ़ाने के उद्देश्य से आयोजित इस कार्यक्रम में विभिन्न क्षेत्रों और कक्षाओं के कुल 411 प्रतिभावान छात्र-छात्राओं को मोमेंटो और सर्टिफिकेट प्रदान कर सम्मानित किया गया।
समारोह के दौरान बच्चों की विभिन्न शैक्षणिक और रचनात्मक उपलब्धियों को सराहा गया, जिसकी मुख्य विशेषताएं इस प्रकार रहीं:
- मेधावी छात्रों का विशेष सम्मान: डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम एकेडमी के 38 ऐसे विद्यार्थियों को मंच पर विशेष रूप से पुरस्कृत किया गया, जिन्होंने मुख्य परीक्षाओं में 85% या उससे अधिक अंक लाकर संस्था और शहर का नाम रोशन किया।
- डिजिटल इंडिया को बढ़ावा: तकनीकी शिक्षा के महत्व को रेखांकित करते हुए कंप्यूटर कोर्स सफलतापूर्वक पूरा करने वाले 11 छात्र-छात्राओं को प्रोफेशनल सर्टिफिकेट बांटे गए।
- चित्रकला में बिखरे रंग: समाज को संदेश देती ड्राइंग प्रतियोगिता (Drawing Competition) में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले टॉप 3 बच्चों को प्रथम, द्वितीय और तृतीय पुरस्कार से नवाजा गया।
संस्था ने इस वर्ष एक बेहद अनूठी और सराहनीय पहल करते हुए समाज के सामने एक बेहतरीन नज़ीर पेश की। बच्चों की पढ़ाई, नियमित होमवर्क और पैरेंट-टीचर मीटिंग (PTM) को लेकर सजग और सक्रिय रहने वाले अभिभावकों को ‘एक्टिव पैरेंट अवार्ड’ से सम्मानित किया गया। इसके साथ ही, डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम एकेडमी और हाल ही में संस्था द्वारा हैंडओवर लिए गए ‘एच. ए. एस. इंग्लिश स्कूल’ की शिक्षिकाओं को उनकी उत्कृष्ट और समर्पित सेवाओं के लिए मोमेंटो देकर सम्मानित किया गया।
यह कार्यक्रम केवल एक शैक्षणिक उत्सव नहीं बल्कि सामाजिक एकजुटता का केंद्र भी बना। आयोजन में शहर की 60 प्रमुख सामाजिक तंजीमों (संस्थाओं) को आमंत्रित किया गया था, जिसमें से 40 से अधिक तंजीमों के प्रबुद्ध प्रतिनिधियों ने शिरकत की। संस्था द्वारा समाज निर्माण में योगदान देने वाली इन सभी तंजीमों का भी मंच से आभार व्यक्त करते हुए सम्मान किया गया।
इसलाहे इख्वान वेलफेयर सोसाइटी संस्था कार्यकारिणी ने कहा कि शिक्षा ही वह एकमात्र जरिया है जो समाज को सही दिशा, तरक्की और सम्मान दे सकती है। इसलाहे इख्वान वेलफेयर सोसाइटी भविष्य में भी बच्चों के सुनहरे कल और समाज कल्याण के लिए ऐसे रचनात्मक और प्रेरणादायक आयोजन करती रहेगी।
इस भव्य समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में जनाब डीएसपी (DSP) जावेद अंसारी साहब और जनाब सैय्यद फ़ाज़िल साहब विशेष रूप से उपस्थित हुए। उन्होंने अपने संबोधन में संस्था के इस बेमिसाल कार्य की मुक्तकंठ से सराहना की और बच्चों को आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। इस दौरान संस्था के सरपरस्त जनाब शेख अब्दुल करीम साहब और वैदिक न्यूज चैनल की मैनेजिंग डायरेक्टर सैय्यद सलमा भी मंच पर गरिमामयी उपस्थिति में मौजूद रहीं।
इस ऐतिहासिक कार्यक्रम को सफल बनाने में संस्था के संस्थापक सदस्यों (Founder Members) सहित पूरी कोर कमेटी ने दिन-रात एक कर दिया। इस अवसर पर संस्थापक सदस्य (Founders) जनाब गुलाम शकील रज़ा, जनाब अबरार सिद्दीकी, जनाब सी ए अकरम सिद्दीकी, जनाब गुलाम शाहिद रज़ा, जनाब सैय्यद एहतशाम अली, जनाब मोहम्मद ज़ुबैर रिज़वी, जनाब अनीश जलियावाला, जनाब शाहिद रज़ा (राजा भाई), जनाब अल्ताब मेमन और जनाब हाजी अब्दुल करीम साहब,कोर कमेटी (Office Bearers) से अध्यक्ष जनाब मोहम्मद रिज़वान, उपाध्यक्ष जनाब बिलाल आबिद खान, सचिव सैय्यद दानिश, सह-सचिव सैय्यद मोहम्मद मोहीनुद्दीन और कोषाध्यक्ष जनाब नकीब खान,मीडिया विंग से जनाब आवैस रज़ा, जनाब मिक़साद रिज़वी और सैय्यद इमरान अशरफ़ी,सहयोगी विंग (Committee Members) से हाजी मोहम्मद निसार अहमद, मोहम्मद इकबाल, शोएब पाशा सर, मोहम्मद मुस्तफा, मोबीन अली रज़ा, मोहम्मद अनवर, अकील खान, असलम खान, लैज़, मारूफ, सनम, उमर, बिलाल, तौसीफ, आज़ाद, तौहीद रज़ा, इमरान रज़ा, साजिद अशरफ़ी, उबैद भाई, कमरुज़्ज़मा और रफ़ीक रज़ा सहित अन्य सभी सदस्यों की अथक मेहनत ने इस आयोजन को रायपुर के इतिहास में यादगार बना दिया।



