रायपुर स्काईवॉक निर्माण में ‘आपराधिक लापरवाही’,कांग्रेस ने PWD मंत्री अरुण साव को सौंपा ज्ञापन
जर्जर ढांचे पर लीपापोती का आरोप, जंग लगे सरियों को डेकोरेटिव शीट्स से छुपाने और अफसरों के तबादले की मांग

रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में बहुप्रतीक्षित और विवादों में घिरे स्काईवॉक परियोजना को लेकर सियासी पारा एक बार फिर गरमा गया है। छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी के महासचिव कन्हैया अग्रवाल के नेतृत्व में कांग्रेस नेताओं के एक उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल ने प्रदेश के उप-मुख्यमंत्री एवं लोक निर्माण विभाग (PWD) मंत्री श्री अरुण साव से मुलाकात की। इस दौरान प्रतिनिधिमंडल ने स्काईवॉक निर्माण में बरती जा रही गंभीर वित्तीय और तकनीकी अनियमितताओं को लेकर एक ज्ञापन सौंपा और तत्काल सख्त कार्रवाई की मांग की।
सौपे गए ज्ञापन में कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि रायपुर का स्काईवॉक पिछले कई वर्षों से अधूरा और अटका हुआ था। अब लगभग 7 से 8 साल पुराने हो चुके इस जर्जर और कमजोर ढांचे की बिना किसी गहन तकनीकी जांच (Structural Audit) के ही दोबारा टेंडर जारी कर निर्माण कार्य शुरू कर दिया गया है।
प्रदेश कांग्रेस कमेटी के महासचिव कन्हैया लाल अग्रवाल ने कहा कि स्ट्रक्चर के जंग लगे हुए सरियों, पाइपों और जर्जर हो चुके कंक्रीट को दुरुस्त करने के बजाय, उन्हें केवल छुपाने के लिए ऊपर से डेकोरेटिव शीट्स और टाइल्स लगाई जा रही हैं। यह सीधे तौर पर आम जनता के जान-माल के साथ खिलवाड़ है।
कांग्रेस नेताओं ने स्थानीय मीडिया की खबरों का हवाला देते हुए कहा कि यह स्काईवॉक अब आम जनता के लिए एक बड़ा खतरा साबित हो रहा है। हाल ही में आई तेज हवा के झोंकों से स्काईवॉक पर लगाई गईं डेकोरेटिव शीट्स उखड़कर नीचे गिर गईं। इस घटना ने निर्माण की गुणवत्ता और इसकी मजबूती पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। आरोप है कि ठेकेदार द्वारा निर्माण में बेहद निम्न स्तर की सामग्री का उपयोग किया जा रहा है।
कांग्रेस ने इस पूरे मामले में विभागीय अधिकारियों और ठेकेदार के बीच बड़ी साठगांठ का आरोप लगाया है। ज्ञापन में मांग की गई है कि:
- स्वतंत्र जांच: संपूर्ण स्काईवॉक निर्माण कार्य की किसी स्वतंत्र एजेंसी से उच्च स्तरीय तकनीकी जांच कराई जाए, ताकि जनता का डर दूर हो सके।
- अफसरों का तबादला: लोक निर्माण विभाग (PWD) के अंतर्गत ‘ब्रिज कॉर्पोरेशन’ सहित अन्य विंगों में रायपुर के भीतर वर्षों से ‘अंगद की तरह पैर जमाए’ बैठे अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से स्थानांतरित किया जाए।
कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल की शिकायतों और तकनीकी चिंताओं को उप-मुख्यमंत्री एवं PWD मंत्री श्री अरुण साव ने बेहद गंभीरता से सुना। उन्होंने पूरे मामले को संज्ञान में लेते हुए आश्वस्त किया कि इस विषय पर आवश्यक तकनीकी और प्रशासनिक जांच कराकर उचित कार्रवाई की जाएगी।
इस अवसर पर ज्ञापन सौंपने वाले प्रतिनिधिमंडल में मुख्य रूप से कन्हैया अग्रवाल, मोहम्मद सिद्दीक, जागेश्वर राजपूत, शरद गुप्ता और विजय बाफना सहित अन्य वरिष्ठ कांग्रेस नेता व कार्यकर्ता उपस्थित थे।



