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सुशासन से संवरता छत्तीसगढ़: मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में विकास का ‘स्वर्ण युग’

जन्मदिवस विशेष: आदिवासी अंचल से निकलकर जन-जन के 'सारथी' बने मुख्यमंत्री साय, दो वर्षों में गढ़े प्रगति के नए सोपान।





रायपुर । छत्तीसगढ़ की पावन धरा और जशपुर की वादियों में स्थित ग्राम बगिया से निकलकर प्रदेश के सर्वोच्च पद तक पहुँचने वाले मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का व्यक्तित्व सज्जनता, सहृदयता और दृढ़ संकल्प का संगम है। 21 फरवरी को उनके जन्मदिवस के अवसर पर प्रदेश न केवल एक जननेता का जन्मदिन मना रहा है, बल्कि उनके दो वर्षों के कार्यकाल में आए सकारात्मक बदलावों का उत्सव भी मना रहा है। आदिवासी पृष्ठभूमि से आने वाले साय आज अपनी लोकप्रियता के उस शिखर पर हैं, जहाँ जनता उन्हें केवल एक मुख्यमंत्री नहीं, बल्कि अपने परिवार का सदस्य मानती है।

किसानों के चेहरों पर मुस्कान: होली से पहले 10 हजार करोड़ का भुगतान

​मुख्यमंत्री स्वयं एक किसान पुत्र हैं, इसलिए वे खेतों की मिट्टी और किसान की पीड़ा को बखूबी समझते हैं। इसी संवेदनशीलता का परिणाम है कि राज्य सरकार ने ‘कृषक उन्नति योजना’ के तहत धान के अंतर की राशि का भुगतान होली से पूर्व करने का ऐतिहासिक निर्णय लिया है। प्रदेश के 25 लाख से अधिक किसानों को लगभग 10 हजार करोड़ रूपए की राशि एकमुश्त दी जाएगी। 3100 रूपए प्रति क्विंटल की दर से धान खरीदी कर छत्तीसगढ़ ने देश में एक नया कीर्तिमान स्थापित किया है, जिससे न केवल ग्रामीण बल्कि शहरी अर्थव्यवस्था और बाजार भी गुलजार हो रहे हैं।

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महतारी गौरव वर्ष: महिला सशक्तिकरण की नई परिभाषा

​वर्ष 2026 को ‘महतारी गौरव वर्ष’ घोषित कर मुख्यमंत्री ने प्रदेश की मातृशक्ति को अभूतपूर्व सम्मान दिया है। ‘महतारी वंदन योजना’ के माध्यम से 70 लाख महिलाओं के बैंक खातों में हर माह पहुंचने वाली 1000 रूपए की राशि उनके स्वावलंबन का आधार बनी है।

  • सुरक्षा और सुविधा: सखी वन स्टॉप सेंटर और हेल्पलाइन 181 के जरिए सुरक्षा सुनिश्चित की गई है।
  • नवाचार: 179 ‘महतारी सदनों’ का निर्माण और नवा रायपुर में 200 करोड़ की लागत से ‘यूनिटी मॉल’ का निर्माण महिला समूहों के उत्पादों को वैश्विक पहचान दिलाएगा।
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बुनियादी ढांचा और सामाजिक सुरक्षा का ‘डबल इंजन’

विष्णुदेव साय के सुशासन में विकास केवल शहरों तक सीमित नहीं है। ‘नियद नेल्ला नार’ जैसी योजनाओं से बस्तर के अंतिम छोर तक विकास पहुँच रहा है।

  • आवास का सपना: 26 लाख परिवारों को प्रधानमंत्री आवास की स्वीकृति देकर उनके सिर पर छत सुनिश्चित की गई है।
  • हर घर जल: 41 लाख से अधिक घरों तक स्वच्छ पेयजल की आपूर्ति और 77 जल परीक्षण प्रयोगशालाओं की स्थापना स्वास्थ्य के प्रति सरकार की सजगता दर्शाती है।
  • कनेक्टिविटी: रावघाट-जगदलपुर रेल परियोजना और नई सड़क परियोजनाओं से बस्तर अब सीधे मुख्यधारा से जुड़ रहा है।
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औद्योगिक क्रांति और सुशासन का मॉडल

​प्रदेश की नवीन औद्योगिक नीति के प्रति निवेशकों का उत्साह अटूट है। अब तक 7.83 लाख करोड़ रूपए के निवेश प्रस्ताव यह सिद्ध करते हैं कि छत्तीसगढ़ अब ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस’ का गढ़ बन चुका है। मुख्यमंत्री ने ‘दीनदयाल उपाध्याय भूमिहीन कृषि मजदूर कल्याण योजना’ के जरिए समाज के सबसे कमजोर वर्ग को भी 10 हजार रूपए वार्षिक सहायता देकर सामाजिक न्याय की अवधारणा को पुष्ट किया है।

Richa Sahay

ऋचा सहाय — पत्रकारिता और न्याय जगत की एक सशक्त आवाज़, जिनका अनुभव दोनों क्षेत्रों में अद्वितीय है। वर्तमान में The 4th Pillar की वरिष्ठ समाचार संपादक के रूप में कार्यरत ऋचा सहाय दशकों से राजनीति, समाज, खेल, व्यापार और क्राइम जैसी विविध विषयों पर बेबाक, तथ्यपूर्ण और संवेदनशील लेखन के लिए जानी जाती हैं। उनकी लेखनी की सबसे खास बात है – जटिल मुद्दों को सरल, सुबोध भाषा में इस तरह प्रस्तुत करना कि पाठक हर पहलू को सहजता से समझ सकें।पत्रकारिता के साथ-साथ ऋचा सहाय एक प्रतिष्ठित वकील भी हैं। LLB और MA Political Science की डिग्री के साथ, उन्होंने क्राइम मामलों में गहरी न्यायिक समझ और विश्लेषणात्मक दृष्टिकोण स्थापित किया है। उनके अनुभव की गहराई न केवल अदालतों की बहसों में दिखाई देती है, बल्कि पत्रकारिता में उनके दृष्टिकोण को भी प्रभावशाली बनाती है।दोनों क्षेत्रों में वर्षों की तपस्या और सेवा ने ऋचा सहाय को एक ऐसा व्यक्तित्व बना दिया है जो ज्ञान, निडरता और संवेदनशीलता का प्रेरक संगम है।

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