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रायपुर में सड़कों पर ‘यमराज’ बने शराबी ड्राइवरों पर कसता शिकंजा: अब तक 3252 पर एक्शन, एक ही रात में दबोचे गए 61 हुड़दंगी

पुलिस का साफ संदेश-टारगेट पूरा करना नहीं, बल्कि आपकी जान बचाना और सड़क पर अनुशासन लाना है मकसद







रायपुर । रायपुर शहर की सड़कों को सुरक्षित और सुगम बनाने के लिए रायपुर पुलिस कमिश्नरेट इन दिनों बेहद आक्रामक रुख अपनाए हुए है। पुलिस कमिश्नर और प्रभारी पुलिस उपायुक्त (यातायात एवं प्रोटोकॉल) के कड़े निर्देशों के बाद शहर में शराब पीकर गाड़ी दौड़ाने वाले (ड्रंक एंड ड्राइव) तत्वों के खिलाफ एक महा-अभियान छेड़ दिया गया है। आंकड़ों की भयावहता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि इस साल अब तक कुल 3,252 नशेड़ी वाहन चालकों के खिलाफ सख्त वैधानिक कार्रवाई की जा चुकी है।

सड़क सुरक्षा को लेकर ट्रैफिक पुलिस की मुस्तैदी का एक बड़ा नजारा बुधवार, 20 मई की रात को देखने को मिला। एडीसीपी (यातायात) श्री डी.आर. पोर्ते के नेतृत्व में पुलिस की विशेष टीमों ने शहर के 9 सबसे संवेदनशील और व्यस्त इलाकों में अचानक तगड़ी घेराबंदी की। इस अभियान के तहत तेलीबांधा चौक, पचपेड़ी नाका चौक, भांठागांव चौक, टाटीबंध चौक, कालीबाड़ी चौक, जय स्तंभ चौक, भनपुरी चौक और पंडरी थाना के सामने बकायदा ब्रेथ एनालाइजर टेस्ट शुरू किए गए।

इस औचक नाकेबंदी में पुलिस ने कुल 61 ऐसे चालकों को रंगेहाथ दबोचा जो अत्यधिक नशे में वाहन दौड़ा रहे थे। पकड़े गए वाहनों में:

  • 32 आलीशान कारें
  • 15 मोटरसाइकिलें
  • 08 टाटा एस (छोटा हाथी)
  • 02 मेटाडोर
  • 04 भारी ट्रक शामिल हैं।

यातायात विभाग ने इन सभी वाहनों के खिलाफ मोटर वाहन अधिनियम 1988 की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है, और इन सभी मामलों को चालान कार्रवाई के साथ माननीय न्यायालय के समक्ष पेश किया जा रहा है, जहां इन पर भारी जुर्माना या जेल की सजा हो सकती है।

यातायात पुलिस के आला अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि इस विशेष चेकिंग अभियान का उद्देश्य कोई चालान काटने का ‘टारगेट’ पूरा करना या राजस्व वसूलना नहीं है। इसका एकमात्र मकसद सड़क दुर्घटनाओं में होने वाली अकाल मौतों को रोकना, जान-माल की रक्षा करना और सड़कों पर एक सभ्य यातायात अनुशासन स्थापित करना है। पुलिस ने चेतावनी दी है कि नशे में गाड़ी चलाना सिर्फ कानूनन जुर्म नहीं, बल्कि खुद की और सड़क पर चल रहे अन्य बेकसूर लोगों की जिंदगी के साथ खिलवाड़ है, जिसे किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

कमिश्नरेट पुलिस ने शहर के प्रबुद्ध नागरिकों और युवाओं से जिम्मेदार बनने का आग्रह करते हुए निम्नलिखित ‘गोल्डन रूल्स’ का कड़ाई से पालन करने को कहा है:

  1. ​नशा और ड्राइविंग का मेल नहीं: शराब पीकर कभी भी स्टीयरिंग या हैंडल न छुएं।
  2. ​सुरक्षा कवच: कार में सीट बेल्ट और दोपहिया पर हेलमेट लगाना अनिवार्य है।
  3. ​नो मोबाइल: गाड़ी चलाते समय फोन का उपयोग ध्यान भटकाता है, इससे बचें।
  4. ​स्पीड लिमिट: निर्धारित गति सीमा के भीतर ही वाहन चलाएं।
  5. ​संकेतों का सम्मान: ट्रैफिक सिग्नल और पुलिस के निर्देशों का पालन करें।
  6. नाबालिगों पर रोक: अपने कम उम्र के बच्चों को चाबी सौंपकर कानून न तोड़ें।
  7. धैर्य ही सुरक्षा है: सड़क पर गुस्सा न दिखाएं और साथी चालकों के प्रति संवेदनशील रहें।

​यातायात पुलिस का साफ कहना है कि रायपुर में एक सुरक्षित, अनुशासित और जिम्मेदार ट्रैफिक कल्चर विकसित करने के लिए यह कड़े अभियान आगे भी बिना रुके, लगातार जारी रहेंगे।

Richa Sahay

ऋचा सहाय — पत्रकारिता और न्याय जगत की एक सशक्त आवाज़, जिनका अनुभव दोनों क्षेत्रों में अद्वितीय है। वर्तमान में The 4th Pillar की वरिष्ठ समाचार संपादक के रूप में कार्यरत ऋचा सहाय दशकों से राजनीति, समाज, खेल, व्यापार और क्राइम जैसी विविध विषयों पर बेबाक, तथ्यपूर्ण और संवेदनशील लेखन के लिए जानी जाती हैं। उनकी लेखनी की सबसे खास बात है – जटिल मुद्दों को सरल, सुबोध भाषा में इस तरह प्रस्तुत करना कि पाठक हर पहलू को सहजता से समझ सकें।पत्रकारिता के साथ-साथ ऋचा सहाय एक प्रतिष्ठित वकील भी हैं। LLB और MA Political Science की डिग्री के साथ, उन्होंने क्राइम मामलों में गहरी न्यायिक समझ और विश्लेषणात्मक दृष्टिकोण स्थापित किया है। उनके अनुभव की गहराई न केवल अदालतों की बहसों में दिखाई देती है, बल्कि पत्रकारिता में उनके दृष्टिकोण को भी प्रभावशाली बनाती है।दोनों क्षेत्रों में वर्षों की तपस्या और सेवा ने ऋचा सहाय को एक ऐसा व्यक्तित्व बना दिया है जो ज्ञान, निडरता और संवेदनशीलता का प्रेरक संगम है।

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