Big BreakingChhattisgarhFeaturedNationalरायपुर

छत्तीसगढ़ के जनजातीय कलाकार पंडी राम मंडावी को पद्मश्री सम्मान, CM विष्णु देव साय ने दी बधाई









रायपुर । छत्तीसगढ़ के नक्सलगढ़ जिले नारायणपुर के पंडी राम मंडावी को पद्म पुरस्कार के लिए चुना गया है। उन्होंने अबूझमाड़ के आदिवासियों की जीवन शैली को अपने कला के जरिए आगे बढ़ाने का काम किया है। अपनी कला के जरिए पंडी राम मंडावी ने आदिवासी संस्कृति खासकर अबूझमाड़ की संस्कृति को आगे बढ़ाने का काम किया है। उन्होंने इस कला को भारत में ही नहीं बल्कि विदेशों में पहचान दिलाई है। पंडी राम मंडावी को यह कला उन्हें अपने पिता से मिली थी। इसमें उन्होंने एक नई दिशा देने की कोशिश की है।

सीएम साय ने पंडी राम मंडावी को दी बधाई

ये भी पढ़ें  पुलिस विभाग में आया बढ़ा बदलाव,SI, ASI समेत 260 पुलिसकर्मियों का हुआ ट्रांसफर

सीएम विष्णु देव साय ने आदिवासी कलाकार पंडी राम मंडावी को पद्मश्री पुरस्कार के लिए चुने जाने पर बधाई दी है। मंडावी को पारंपरिक संगीत वाद्ययंत्र बनाने और लकड़ी की शिल्पकला के क्षेत्र में उनके उल्लेखनीय योगदान के लिए यह प्रतिष्ठित पुरस्कार दिया जाएगा। वह नारायणपुर के अबूझमाड़ के रहने वाले हैं।

पंडी राम मंडावी की खासियत जानिए

पंडी राम मंडावी की खासियत बांस की काष्ठ कला भी है। वह डमुरिया जनजाति से हैं। वे बांस की सीटी बनाने के लिए जाने जाते हैं, जिसे ‘सुलूर’ या ‘बस्तर बांसुरी’ कहा जाता है। मंडावी ने लकड़ी के पैनलों पर उभरी हुई पेंटिंग, मूर्तियों और अन्य कलाकृतियों के माध्यम से अपनी कला को वैश्विक स्तर पर पहुंचाया है।

ये भी पढ़ें  1529 करोड़ में राजधानी को 'स्वर्ग सा निखारने' मेयर मीनल चौबे ने पेश किया बजट,मिली कई बड़ी सौगातें

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि पंडी राम मंडावी ने पिछले पांच दशकों से न केवल बस्तर की सांस्कृतिक विरासत को संजोया है, बल्कि इसे एक नई पहचान भी दी है। मैं पद्म पुरस्कार के लिए चयनित होने पर उन्हें बधाई देता हूं।

12 साल की उम्र से सीखी यह कला

मंडावी ने 12 साल की उम्र में अपने पूर्वजों से यह कला सीखी। उसके बाद उन्होंने अपनी लगन और कौशल से छत्तीसगढ़ की कला और संस्कृति को नई ऊंचाइयों पर पहुंचाया। एक सांस्कृतिक राजदूत के रूप में उन्होंने 8 से अधिक देशों में अपनी कला का प्रदर्शन किया है। कार्यशालाओं के माध्यम से उन्होंने एक हजार से अधिक कलाकारों को प्रशिक्षित किया है। वह अपनी कला को आने वाली पीढ़ी को पहुंचा रहे हैं।

Richa Sahay

ऋचा सहाय — पत्रकारिता और न्याय जगत की एक सशक्त आवाज़, जिनका अनुभव दोनों क्षेत्रों में अद्वितीय है। वर्तमान में The 4th Pillar की वरिष्ठ समाचार संपादक के रूप में कार्यरत ऋचा सहाय दशकों से राजनीति, समाज, खेल, व्यापार और क्राइम जैसी विविध विषयों पर बेबाक, तथ्यपूर्ण और संवेदनशील लेखन के लिए जानी जाती हैं। उनकी लेखनी की सबसे खास बात है – जटिल मुद्दों को सरल, सुबोध भाषा में इस तरह प्रस्तुत करना कि पाठक हर पहलू को सहजता से समझ सकें।पत्रकारिता के साथ-साथ ऋचा सहाय एक प्रतिष्ठित वकील भी हैं। LLB और MA Political Science की डिग्री के साथ, उन्होंने क्राइम मामलों में गहरी न्यायिक समझ और विश्लेषणात्मक दृष्टिकोण स्थापित किया है। उनके अनुभव की गहराई न केवल अदालतों की बहसों में दिखाई देती है, बल्कि पत्रकारिता में उनके दृष्टिकोण को भी प्रभावशाली बनाती है।दोनों क्षेत्रों में वर्षों की तपस्या और सेवा ने ऋचा सहाय को एक ऐसा व्यक्तित्व बना दिया है जो ज्ञान, निडरता और संवेदनशीलता का प्रेरक संगम है।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button