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आज मंगलवार को राहुकाल, अभिजीत मुहूर्त और पूरे दिन के शुभ व अशुभ समय की पूरी जानकारी

आज मंगलवार 07 जुलाई 2026 को दिन के बीच में राहुकाल पड़ता है, जिसे अत्यंत अशुभ समय माना जाता है और इस दौरान किसी भी शुभ या बड़े कार्य की शुरुआत करने से बचने की सलाह दी जाती है। दिन में अभिजीत मुहूर्त और अन्य शुभ चौघड़िया भी हैं, जिनमें नया काम, निवेश, पूजा या मंगल कार्य शुरू करना अनुकूल माना जाता है, लेकिन यदि अभिजीत मुहूर्त राहुकाल से टकराए तो परंपरा के अनुसार राहुकाल से बचना ही सुरक्षित माना जाता है।







रायपुर, 07 जुलाई 2026।

राहुकाल क्या होता है और इसे अशुभ क्यों कहा जाता है

राहुकाल हिंदू ज्योतिष के अनुसार दिन का वह विशेष समय है जिसे राहु ग्रह के प्रभाव वाला अशुभ काल माना जाता है। सूर्य उदय से सूर्यास्त तक के समय को आठ बराबर हिस्सों में बांटा जाता है और सप्ताह के हर दिन इन हिस्सों में से एक भाग राहुकाल कहलाता है। मंगलवार के दिन सामान्य नियम के अनुसार दिन का सातवाँ भाग राहुकाल होता है, इसलिए यह समय आम तौर पर दोपहर बाद की ओर आता है।

राहु को छाया ग्रह माना जाता है, जो भ्रम, अस्थिरता, अचानक घटनाएँ और निर्णय क्षमता पर प्रभाव से जुड़ा होता है। इसी कारण परंपरागत मान्यता है कि राहुकाल में शुभ या मंगल कार्य शुरू करने पर अड़चनें, देरी, नुकसान या उलझनें अधिक हो सकती हैं। इसलिए विवाह, गृह प्रवेश, नया व्यवसाय, बड़ा निवेश, महत्वपूर्ण यात्रा और बड़े अनुबंध जैसे काम इस समय शुरू करने से बचने की सलाह दी जाती है।

आज 07 जुलाई 2026 मंगलवार का राहुकाल – कितने बजे से कितने बजे तक

आज मंगलवार 07 जुलाई 2026 को, सामान्य गणना के आधार पर राहुकाल दिन में एक बार पड़ता है और लगभग डेढ़ घंटे यानी करीब 90 मिनट की अवधि तक रहता है। मंगलवार के लिए पारंपरिक नियम यह बताता है कि राहुकाल दिन के सातवें हिस्से में आता है, जो व्यावहारिक समय गणना में आम तौर पर दोपहर बाद 3 बजे से 4:30 बजे के आसपास माना जाता है।

इसलिए आज के लिए मार्गदर्शक समयावधि इस प्रकार मानी जा सकती है:

  • आज का राहुकाल (मंगलवार 07 जुलाई 2026): लगभग दोपहर 3:00 बजे से शाम 4:30 बजे तक

स्थानानुसार सूर्योदय और सूर्यास्त के समय में थोड़े अंतर के कारण राहुकाल का समय कुछ मिनट आगे-पीछे हो सकता है, लेकिन मंगलवार को सामान्यतः दोपहर बाद 3 बजे से 4:30 बजे के बीच का समय अशुभ माना जाता है।

राहुकाल में कौन-कौन से काम नहीं करने चाहिए

परंपरागत ज्योतिष, पंचांग और धार्मिक मतों के अनुसार राहुकाल में निम्न प्रकार के कार्यों से बचने की स्पष्ट सलाह दी जाती है।

राहुकाल में किन कार्यों से बचें

  • किसी भी प्रकार के नए शुभ कार्य की शुरुआत न करें, जैसे विवाह, सगाई, गृह प्रवेश, नया मकान या दुकान का उद्घाटन, नामकरण आदि।
  • नया व्यवसाय, नई कंपनी, नई शाखा या कोई बड़ा प्रोजेक्ट इस काल में शुरू न करें।
  • बड़ी आर्थिक खरीद जैसे मकान, वाहन, सोना-चाँदी, महँगे इलेक्ट्रॉनिक उपकरण या अन्य कीमती वस्तुओं की खरीदारी इस समय न करें।
  • किसी भी प्रकार का बड़ा अनुबंध, एग्रीमेंट, रजिस्ट्री, कानूनी दस्तावेज पर हस्ताक्षर या लॉन्ग टर्म कॉन्ट्रैक्ट इस समय टालें।
  • बड़ी यात्रा, लंबा सफर या महत्वपूर्ण धार्मिक यात्रा की शुरुआत राहुकाल में न करें; यदि यात्रा आवश्यक हो तो शुरुआत समय को राहुकाल से पहले या बाद में रखें।
  • धार्मिक यज्ञ, विशेष पूजा, हवन, मंत्र-साधना, बड़े सामूहिक अनुष्ठान की शुरुआत इस समय न करें; यह माना जाता है कि इस काल में शुरू किए गए शुभ कार्यों के फल में रुकावटें आ सकती हैं।
  • नए व्यापारिक समझौते, भारी स्टॉक की खरीद, बड़े ऑर्डर की फाइनल डील और भुगतान की शुरुआत राहुकाल में न करें।

राहुकाल में क्या किया जा सकता है

हालाँकि राहुकाल को अशुभ माना जाता, लेकिन इसका यह अर्थ नहीं है कि इस समय कोई भी काम नहीं किया जा सकता। कई ज्योतिषीय मत बताते हैं कि राहुकाल में कुछ विशेष प्रकार के काम, विशेषकर आध्यात्मिक और शांति के उपाय, किए जा सकते हैं।

राहुकाल में किन कार्यों की सलाह दी जाती है

  • राहु से संबंधित उपाय जैसे राहु मंत्र का जाप, राहु ग्रह की शांति के लिए प्रार्थना, कालसर्प दोष शांति के उपाय आदि।
  • शिव, काल भैरव या हनुमान जी की आराधना, ध्यान और नामस्मरण; कई परंपराओं में इन्हें राहु की नकारात्मकता कम करने वाला माना जाता है।
  • आत्मचिंतन, ध्यान, मनन, धार्मिक ग्रंथों का अध्ययन, गहन पढ़ाई, लेखन आदि, जिन्हें आध्यात्मिक और मानसिक विकास के लिए उपयोगी माना जाता है।
  • रोजमर्रा के सामान्य कार्य, जो बड़े निर्णय या दीर्घकालिक परिणाम से संबंधित न हों, जैसे रूटीन ऑफिस वर्क, घर के सामान्य काम, अभ्यास या तैयारी।

राहुकाल के दौरान यदि यात्रा या कोई आवश्यक काम करना ही पड़े, तो कई लोग पारंपरिक उपाय जैसे मीठा या दही खाकर निकलना, हनुमान चालीसा का पाठ, शिव नाम स्मरण आदि अपनाते हैं, ताकि नकारात्मकता को कम किया जा सके।

राहुकाल को अशुभ क्यों माना जाता है

राहु को छाया ग्रह माना जाता है, जो सूर्य और चंद्रमा के मार्ग में प्रतीकात्मक रूप से ग्रहण जैसी स्थितियाँ उत्पन्न करता है। इसके साथ भ्रम, लालच, अचानक परिवर्तन, मानसिक अस्थिरता और भटकाव जैसी प्रवृत्तियों को जोड़ा जाता है।

मान्यता यह है कि राहुकाल के समय राहु की ऊर्जा अधिक सक्रिय होती है, जिससे व्यक्ति की निर्णय क्षमता कमजोर पड़ सकती है। ऐसे समय में शुरू किए गए बड़े और शुभ कार्यों में अनपेक्षित अड़चनें, गलत फैसले और उलझनें आ सकती हैं, इसलिए इसे अशुभ काल कहा गया है। इसी कारण से विवाह, गृह प्रवेश, नए व्यवसाय और धार्मिक समारोह जैसे महत्वपूर्ण कार्यों के लिए राहुकाल से बचना सुरक्षित माना जाता है।

आज का पंचांग – 07 जुलाई 2026, मंगलवार

नई दिल्ली और भारतीय मानक समय को आधार मानकर सामान्य पंचांग के अनुसार आज का दिन इस प्रकार है।

पंचांग घटकविवरण
वारमंगलवार
पक्ष और तिथिआषाढ़ मास कृष्ण पक्ष की सप्तमी तिथि
नक्षत्रउत्तरा भाद्रपदा नक्षत्र
योग और करणदिन में बदलने वाले, सामान्य फल देने वाले योग और करण
सूर्योदयलगभग 5 बजकर 30 मिनट प्रातः
सूर्यास्तलगभग 7 बजकर 20–25 मिनट सायं

पंचांग के अनुसार मंगलवार को भगवान हनुमान की पूजा, शिव आराधना और मंगल ग्रह की शांति के उपाय विशेष रूप से किए जाते हैं। कृष्ण पक्ष सप्तमी तिथि कई स्थानों पर शिव, देवी और पितृ तर्पण से जुड़ी मानी जाती है, हालाँकि यह क्षेत्रीय परंपराओं के अनुसार बदल सकता है।

आज के शुभ मुहूर्त – कब शुरू करें शुभ कार्य

हर दिन कुछ विशेष समय ऐसे होते हैं जिन्हें शुभ मुहूर्त माना जाता है और इनका उपयोग नए कार्य शुरू करने के लिए किया जाता है।

अभिजीत मुहूर्त अभिजीत मुहूर्त आमतौर पर दोपहर के बीच का वह समय होता है जो अति शुभ माना जाता है। लगभग मध्याह्न के आसपास लगभग 45 से 60 मिनट की अवधि तक रहने वाले इस मुहूर्त में नया कार्य, पूजा, संकल्प, निवेश, मीटिंग या महत्वपूर्ण शुरुआत करना अनुकूल माना जाता है। आज मंगलवार 07 जुलाई 2026 को भी अभिजीत मुहूर्त दिन के मध्य में ही पड़ता है।

अन्य शुभ चौघड़िया दिन के दौरान चौघड़िया के अनुसार अमृत, शुभ और लाभ वाले समय खंडों को अच्छा माना जाता है।

  • प्रातःकाल सूर्योदय के आसपास ब्रह्ममुहूर्त और शुभ चौघड़िया
  • पूर्वाह्न में लाभ और शुभ चौघड़िया
  • अभिजीत मुहूर्त के आसपास का समय

इन समयों में छोटा-मोटा नया काम, मीटिंग, सकारात्मक घोषणा, छोटे निवेश और सामान्य शुभ काम शुरू करने की परंपरा है।

आज के अशुभ समय – राहुकाल, गुलिक काल और अन्य

राहुकाल के अलावा दिन में कुछ अन्य अशुभ काल भी बताए जाते हैं।

अशुभ समय

  • राहुकाल: लगभग 3 बजे से 4:30 बजे तक
  • गुलिक काल: मंगलवार को गुलिक काल भी दिन के किसी हिस्से में पड़ता है, जिसे अशुभ माना जाता है और महत्वपूर्ण नई शुरुआत से बचने की सलाह दी जाती है।
  • यमगंड: यह भी अशुभ समय माना जाता है, जिसमें यात्रा और बड़े निर्णय टालना बेहतर होता है।

आज के shubh और ashubh mahurat – पूरे दिन का सार

मुहूर्त श्रेणीसमय अवधि और प्रभाव
शुभ महूरत: ब्रह्ममुहूर्त और सूर्योदयध्यान, पूजा, मंत्र-जाप और मानसिक कार्यों के लिए अत्यंत शुभ।
शुभ महूरत: पूर्वाह्न चौघड़ियालाभ और अमृत चौघड़िया – सामान्य शुभ कार्य, मीटिंग, पढ़ाई, छोटे निवेश के लिए अच्छे।
शुभ महूरत: अभिजीत मुहूर्तबहुत महत्वपूर्ण शुभ कार्यों के लिए सर्वोत्तम माना जाने वाला समय, यदि यह राहुकाल से न टकराए।
अशुभ महूरत: राहुकालनया शुभ कार्य, बड़ा निवेश, विवाह, गृह प्रवेश और महत्वपूर्ण यात्रा की शुरुआत से बचें।
अशुभ महूरत: गुलिक कालअनुबंध, बड़े निर्णय, नई शुरुआत और खरीदारी से बचें।
अशुभ महूरत: यमगंडखासकर यात्रा और जोखिम भरे कार्यों से बचें।

यदि राहुकाल और अभिजीत मुहूर्त एक साथ पड़ जाएं तो क्या करें

यह एक व्यावहारिक और अक्सर पूछे जाने वाला सवाल है।

पारंपरिक दृष्टि परंपरागत ज्योतिषीय मत यह कहते हैं कि यदि किसी दिन अभिजीत मुहूर्त और राहुकाल एक साथ या ओवरलैप हों, तो शुभ कार्य की शुरुआत से बचना चाहिए। अभिजीत मुहूर्त बहुत शुभ है, लेकिन राहुकाल की नकारात्मकता को कई मान्यताएँ अधिक प्रभावी मानती हैं, इसलिए किसी भी बड़े शुभ कार्य के लिए राहुकाल से पूरी तरह बचना सुरक्षित माना जाता है।

व्यावहारिक सलाह

  • यदि संभव हो, तो महत्वपूर्ण शुभ कार्य को उस दिन के किसी दूसरे शुभ समय या अगले दिन के बेहतर मुहूर्त में शिफ्ट करें।
  • यदि तारीख बदलना संभव नहीं है और कार्य बहुत जरूरी है, तो पहले राहु शांति, शिव या हनुमान पूजा, मंत्र-जाप और पारंपरिक उपाय करके ही कदम उठाएँ।
  • विवाह, गृह प्रवेश, बड़ा निवेश, मकान-वाहन खरीद, लंबे कॉन्ट्रैक्ट आदि जैसे जीवन-निर्णायक कार्यों के लिए राहुकाल से बचकर ही समय चुनना अधिक सुरक्षित और परंपरानुकूल माना जाता है।

आज के लिए व्यावहारिक सुझाव – नौकरीपेशा, छात्र और व्यापारी

नौकरीपेशा

  • इंटरव्यू, प्रमोशन से जुड़ी मीटिंग, बड़ी प्रेजेंटेशन और जॉइनिंग जैसी चीजों के समय को शुभ मुहूर्त, विशेषकर पूर्वाह्न और अभिजीत मुहूर्त के आसपास रखें।
  • इस्तीफा, बड़ा करियर बदलाव या नया ऑफर स्वीकार करने जैसे फैसले को राहुकाल और अन्य अशुभ समय से बचाकर लें।

छात्र

  • पढ़ाई, अभ्यास और रिविजन के लिए सुबह और शाम का समय इस्तेमाल करें; राहुकाल में भी शांत अध्ययन किया जा सकता है, लेकिन नए कोर्स या बड़े एग्जाम फॉर्म भरने जैसे काम शुभ समय में करें।
  • परीक्षा की तैयारी से जुड़े बड़े निर्णय, जैसे कोचिंग चुनना, परीक्षा केंद्र चयन आदि शुभ चौघड़िया और अभिजीत मुहूर्त में करना बेहतर रहेगा।

व्यापारी

  • नया सौदा, भारी स्टॉक, बड़ा भुगतान, कॉन्ट्रैक्ट साइनिंग, नए प्रोडक्ट लॉन्च और महत्वपूर्ण घोषणा राहुकाल के बाहर करने की योजना बनाएं।
  • राहुकाल और गुलिक काल में विश्लेषण, प्लानिंग, आंतरिक मीटिंग और डेटा स्टडी जैसे काम कर सकते हैं, जबकि वास्तविक शुरुआत और घोषणा शुभ समय में करें।

Disclaimer – (www.the4thpillar.live) – उपरोक्त समाचार और जानकारी पारंपरिक हिंदू ज्योतिष, धार्मिक मान्यताओं और सामान्य रूप से प्रचलित पंचांग सिद्धांतों पर आधारित एक सांस्कृतिक व आध्यात्मिक व्याख्या है। इसे किसी भी प्रकार की कानूनी, चिकित्सीय, वित्तीय या पेशेवर सलाह के रूप में न लिया जाए। पाठकों से अनुरोध है कि वे यहां दी गई जानकारी को केवल सामान्य मार्गदर्शन और धार्मिक संदर्भ के रूप में स्वीकार करें, और अपने व्यक्तिगत या व्यावसायिक निर्णय अपनी समझ, विशेषज्ञ परामर्श तथा आधिकारिक सलाह के आधार पर ही लें। www.the4thpillar.live इस समाचार में वर्णित राहुकाल, शुभ या अशुभ मुहूर्त के आधार पर लिए गए किसी भी निर्णय या उसके परिणाम के लिए प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से जिम्मेदार नहीं होगा।

Richa Sahay

ऋचा सहाय — पत्रकारिता और न्याय जगत की एक सशक्त आवाज़, जिनका अनुभव दोनों क्षेत्रों में अद्वितीय है। वर्तमान में The 4th Pillar की वरिष्ठ समाचार संपादक के रूप में कार्यरत ऋचा सहाय दशकों से राजनीति, समाज, खेल, व्यापार और क्राइम जैसी विविध विषयों पर बेबाक, तथ्यपूर्ण और संवेदनशील लेखन के लिए जानी जाती हैं। उनकी लेखनी की सबसे खास बात है – जटिल मुद्दों को सरल, सुबोध भाषा में इस तरह प्रस्तुत करना कि पाठक हर पहलू को सहजता से समझ सकें।पत्रकारिता के साथ-साथ ऋचा सहाय एक प्रतिष्ठित वकील भी हैं। LLB और MA Political Science की डिग्री के साथ, उन्होंने क्राइम मामलों में गहरी न्यायिक समझ और विश्लेषणात्मक दृष्टिकोण स्थापित किया है। उनके अनुभव की गहराई न केवल अदालतों की बहसों में दिखाई देती है, बल्कि पत्रकारिता में उनके दृष्टिकोण को भी प्रभावशाली बनाती है।दोनों क्षेत्रों में वर्षों की तपस्या और सेवा ने ऋचा सहाय को एक ऐसा व्यक्तित्व बना दिया है जो ज्ञान, निडरता और संवेदनशीलता का प्रेरक संगम है।

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