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Coldrif कफ सिरप से बच्चों की मौत: मध्य प्रदेश में बिक्री पर पूर्ण प्रतिबंध, तमिलनाडु फैक्ट्री में मिला ज़हरीला रसायन

छिंदवाड़ा में 9 बच्चों की मौत के बाद Coldrif सिरप में Diethylene Glycol की खतरनाक मात्रा पाई गई। मध्य प्रदेश और तमिलनाडु सरकार ने सिरप की बिक्री और उत्पादन पर रोक लगाई। केंद्र सरकार ने सभी राज्यों को बच्चों को कफ सिरप न देने की सलाह दी है।



रायपुर, 4 अक्टूबर 2025: मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा जिले में Coldrif कफ सिरप के सेवन से 9 बच्चों की मौत के बाद राज्य सरकार ने इस सिरप और निर्माता कंपनी के अन्य उत्पादों की बिक्री पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया है। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने इस घटना को अत्यंत दुखद बताते हुए सख्त कार्रवाई की घोषणा की। यह सिरप तमिलनाडु के कांचीपुरम जिले में स्थित Sresan Pharma की फैक्ट्री में निर्मित होता है।

48.6% Diethylene Glycol पाया गया सिरप में

तमिलनाडु ड्रग कंट्रोल डायरेक्टरेट द्वारा 3 अक्टूबर को जारी जांच रिपोर्ट में Coldrif सिरप के नमूनों में 48.6% Diethylene Glycol (DEG) पाया गया, जबकि अनुमेय सीमा मात्र 0.1% है। DEG एक अत्यंत विषैला रसायन है, जो किडनी और लीवर फेलियर का कारण बन सकता है। इसी के चलते बच्चों की मौत की आशंका जताई जा रही है।

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राज्य और केंद्र सरकार की संयुक्त कार्रवाई

मुख्यमंत्री मोहन यादव ने बताया कि घटना की जानकारी मिलते ही तमिलनाडु सरकार को जांच के लिए पत्र भेजा गया था। रिपोर्ट प्राप्त होते ही मध्य प्रदेश में Coldrif सिरप और कंपनी के अन्य उत्पादों की बिक्री पर प्रतिबंध लगा दिया गया। साथ ही, राज्य स्तर पर जांच टीम गठित की गई है जो दोषियों की पहचान कर रही है।

केंद्र सरकार ने भी इस मामले को गंभीरता से लेते हुए सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को सलाह दी है कि दो वर्ष से कम उम्र के बच्चों को कफ और कोल्ड सिरप न दिया जाए।

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केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय, CDSCO, ICMR, NIV, NEERI और AIIMS नागपुर की संयुक्त टीम छिंदवाड़ा पहुंच चुकी है और मौतों के कारणों की गहराई से जांच कर रही है।

देशभर में 19 दवा निर्माण इकाइयों की जांच शुरू

इस घटना के बाद देशभर में 19 दवा निर्माण इकाइयों पर “Risk-Based Inspection” के तहत जांच शुरू कर दी गई है। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि दवाओं की गुणवत्ता में कोई कमी न रहे और भविष्य में ऐसी घटनाएं न हों।

राजनीतिक प्रतिक्रिया और सार्वजनिक चिंता

वरिष्ठ कांग्रेस नेता कमलनाथ ने आरोप लगाया है कि सिरप में ब्रेक ऑयल सॉल्वेंट मिलाया गया था, जिससे बच्चों की मौत हुई। वहीं, राजस्थान और महाराष्ट्र में भी इसी सिरप से बच्चों की मौत की खबरें सामने आई हैं, जिससे यह मामला राष्ट्रीय स्तर पर चिंता का विषय बन गया है।

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डिस्क्लेमर: यह रिपोर्ट सार्वजनिक हित में प्रस्तुत की गई है। किसी भी दवा का सेवन करने से पहले योग्य चिकित्सक की सलाह अवश्य लें।

Richa Sahay

ऋचा सहाय — पत्रकारिता और न्याय जगत की एक सशक्त आवाज़, जिनका अनुभव दोनों क्षेत्रों में अद्वितीय है। वर्तमान में The 4th Pillar की वरिष्ठ समाचार संपादक के रूप में कार्यरत ऋचा सहाय दशकों से राजनीति, समाज, खेल, व्यापार और क्राइम जैसी विविध विषयों पर बेबाक, तथ्यपूर्ण और संवेदनशील लेखन के लिए जानी जाती हैं। उनकी लेखनी की सबसे खास बात है – जटिल मुद्दों को सरल, सुबोध भाषा में इस तरह प्रस्तुत करना कि पाठक हर पहलू को सहजता से समझ सकें।पत्रकारिता के साथ-साथ ऋचा सहाय एक प्रतिष्ठित वकील भी हैं। LLB और MA Political Science की डिग्री के साथ, उन्होंने क्राइम मामलों में गहरी न्यायिक समझ और विश्लेषणात्मक दृष्टिकोण स्थापित किया है। उनके अनुभव की गहराई न केवल अदालतों की बहसों में दिखाई देती है, बल्कि पत्रकारिता में उनके दृष्टिकोण को भी प्रभावशाली बनाती है।दोनों क्षेत्रों में वर्षों की तपस्या और सेवा ने ऋचा सहाय को एक ऐसा व्यक्तित्व बना दिया है जो ज्ञान, निडरता और संवेदनशीलता का प्रेरक संगम है।

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