दुर्ग के नामी बाजार में बिक रही थी नकली गोल्ड फ्लेक सिगरेट: पुलिस की बड़ी रेड में 18 हजार सिगरेट जब्त, 2 कारोबारी गिरफ्तार
दुर्ग के इंदिरा मार्केट स्थित एसएसडी ट्रेडर्स पर पुलिस ने छापा मारकर 18 हजार नकली गोल्ड फ्लेक सिगरेट जब्त की। फर्जीवाड़े के आरोप में दो व्यापारियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है।

पुलिस ने गुप्त सूचना और कंपनी के अधिकृत अधिकारियों की शिकायत पर इंदिरा मार्केट स्थित एसएसडी ट्रेडर्स पर औचक छापेमारी की। इस कार्रवाई में पुलिस के हाथ 18 हजार नग नकली सिगरेट लगी है। बाजार में इनकी अनुमानित कीमत करीब 2 लाख 7 हजार रुपये बताई जा रही है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने दुकान से दो आरोपियों को गिरफ्तार कर सीधे जेल भेज दिया है। इस बड़ी कार्रवाई के बाद दुर्ग के थोक और खुदरा सिगरेट कारोबारियों में हड़कंप मच गया है।
कंपनी अधिकारी की शिकायत पर हुआ बड़ा खुलासा
यह पूरा मामला तब सामने आया जब आईटीसी लिमिटेड (ITC Limited) के अधिकृत प्रतिनिधि ने पुलिस से संपर्क साधा। शिकायतकर्ता ‘प्राइवेट आई इंटेलेक्चुअल प्रॉपर्टी राइट्स सॉल्यूशंस’ (Private I Intellectual Property Right Solutions) में फील्ड ऑफिसर के पद पर कार्यरत हैं। यह संस्था नामी कंपनियों के ट्रेडमार्क और बौद्धिक संपदा अधिकारों की सुरक्षा के लिए नकली उत्पादों के खिलाफ कानूनी निगरानी रखती है।
कंपनी प्रतिनिधि को लगातार इनपुट्स मिल रहे थे कि दुर्ग के इंदिरा मार्केट स्थित एसएसडी ट्रेडर्स (SSD Traders) में आईटीसी के मशहूर ब्रांड ‘गोल्ड फ्लेक प्रीमियम’ (Gold Flake Premium) के नाम से फर्जी माल बेचा जा रहा है। नकली उत्पाद की पैकेजिंग असली सिगरेट के डिब्बे से इतनी मिलती-जुलती बनाई गई थी कि आम ग्राहक के लिए अंतर पहचानना लगभग नामुमकिन था।
सूचना पुख्ता होते ही कंपनी अधिकारी 11 अगस्त को दुर्ग सिटी कोतवाली थाने पहुंचे। उन्होंने पुलिस अफसरों को पूरे मामले की जानकारी दी और तुरंत छापेमारी करने की लिखित शिकायत दर्ज कराई।
मौके पर दबिश और 2.07 लाख का नकली माल बरामद
शिकायत मिलते ही दुर्ग सिटी कोतवाली पुलिस की एक विशेष टीम गठित की गई। पुलिस टीम ने कंपनी के अधिकृत अधिकारियों को साथ लेकर इंदिरा मार्केट के एसएसडी ट्रेडर्स में दबिश दी।
शुरुआती चेकिंग में ही पुलिस को दुकान के भीतर संदिग्ध कार्टन और बंडल मिले। जब पैकेट खोलकर जांच की गई, तो कंपनी प्रतिनिधियों ने पुष्टि कर दी कि ये सभी उत्पाद नकली हैं।
पुलिस ने मौके से ‘गोल्ड फ्लेक प्रीमियम’ ब्रांड नाम की दो अलग-अलग साइज की कुल 18 हजार नकली सिगरेट जब्त कीं:
- 12 हजार सिगरेट (24 बंडल): इनकी कुल बाजार कीमत लगभग 1 लाख 38 हजार रुपये आंकी गई।
- 6 हजार सिगरेट (12 बंडल): इनकी अनुमानित कीमत करीब 69 हजार रुपये दर्ज की गई।
जब्त किए गए सभी पैकेटों पर 115 रुपये एमआरपी (MRP) छपी हुई थी।
एक ही QR कोड और कॉपीराइट का बड़ा फर्जीवाड़ा
इस हाई-टेक फर्जीवाड़े की सबसे चौकाने वाली बात पैकेजिंग पर छपा क्यूआर कोड (QR Code) था। पुलिस जांच में खुलासा हुआ कि जब्त किए गए हजारों पैकेटों पर एक ही समान QR कोड प्रिंट किया गया था।
आमतौर पर असली ब्रांडेड प्रोडक्ट्स में बैच नंबर और पैकेजिंग सीक्वेंस के हिसाब से यूनिक डिजिटल ट्रैकिंग होती है। लेकिन मुनाफाखोरों ने ग्राहकों को चकमा देने के लिए एक ही क्यूआर कोड की धड़ल्ले से प्रिंटिंग करवा रखी थी।
आरोपी असली ब्रांड के लोगो, रंग और फॉन्ट का हूबहू इस्तेमाल कर रहे थे। इसका सीधा मकसद भारी मुनाफा कमाना और असली कंपनी के राजस्व के साथ-साथ सरकारी टैक्स को चपत लगाना था।
दो व्यापारी गिरफ्तार, BNS की कड़ी धाराओं में केस दर्ज
मामले में त्वरित एक्शन लेते हुए पुलिस ने एसएसडी ट्रेडर्स से जुड़े दो आरोपियों को धर दबोचा:
- विशाल जसवानी (36 वर्ष): निवासी गुरुनानक नगर, दुर्ग।
- निखिल सिहानी (29 वर्ष): निवासी सदानी नगर, दुर्ग।
सिटी कोतवाली पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 318(4) [धोखाधड़ी/फर्जीवाड़ा] तथा कॉपीराइट अधिनियम 1957 (Copyright Act 1957) की धारा 63 के तहत गंभीर अपराध दर्ज किया है।
प्राथमिक पूछताछ और कागजी औपचारिकताओं के बाद पुलिस ने दोनों आरोपियों को अदालत में पेश किया, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है।
कैसे फैला है नकली सिगरेट का नेटवर्क
दुर्ग पुलिस अब इस मामले के फॉरवर्ड और बैकवर्ड लिंकेज खंगालने में जुट गई है। पुलिस की प्राथमिक जांच इस बात पर केंद्रित है कि इतने बड़े पैमाने पर नकली सिगरेट की सप्लाई कहां से हो रही थी।
क्या छत्तीसगढ़ के बाहर किसी दूसरे राज्य में अवैध मैन्युफैक्चरिंग यूनिट चल रही है? या फिर किसी बड़े अंतरराज्यीय सिंडिकेट के जरिए यह माल दुर्ग तक पहुंचाया जा रहा था?
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि गिरफ्तार आरोपियों के मोबाइल कॉल रिकॉर्ड्स और बिलिंग बुक्स की जांच की जा रही है। इस नेटवर्क में शामिल अन्य थोक सप्लायरों और गोदामों का पता लगाकर जल्द ही और गिरफ्तारियां की जा सकती हैं।
नकली उत्पादों का सेहत और अर्थव्यवस्था पर दोहरा वार
विशेषज्ञों के मुताबिक, नकली तंबाकू उत्पाद और सिगरेट न केवल ब्रांडेड कंपनियों को करोड़ों रुपये का नुकसान पहुंचाते हैं, बल्कि आम उपभोक्ताओं की सेहत के लिए भी बेहद खतरनाक साबित होते हैं।
असली सिगरेट कंपनियां सख्त क्वालिटी कंट्रोल और सरकारी मानकों का पालन करती हैं। वहीं, अवैध रूप से बनने वाली नकली सिगरेट में घटिया किस्म का तंबाकू, जहरीले केमिकल्स और हानिकारक कागजों का इस्तेमाल किया जाता है। इससे उपभोक्ताओं के फेफड़ों और शरीर पर कई गुना ज्यादा गंभीर असर पड़ता है।
साथ ही, ऐसे अवैध सिगरेट नेटवर्क से सरकार को मिलने वाले भारी-भरकम जीएसटी (GST) और एक्साइज ड्यूटी का भी बड़ा नुकसान होता है।
दुर्ग पुलिस की व्यापारियों को सख्त चेतावनी
सिटी कोतवाली थाना प्रभारी ने साफ किया है कि बाजार में नकली या डुप्लीकेट सामान बेचने वालों के खिलाफ आगे भी यह अभियान जारी रहेगा।
पुलिस ने इंदिरा मार्केट और शहर के अन्य व्यापारी संघों को हिदायत दी है कि वे बिना पक्के बिल और बिना अधिकृत डिस्ट्रीब्यूटर के कोई भी ब्रांडेड सामान न खरीदें। यदि किसी दुकान पर नकली उत्पाद बिकता पाया गया, तो दुकान संचालक के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।


