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छत्तीसगढ़ मौसम पूर्वानुमान 11 जुलाई 2026: रायपुर सहित पूरे प्रदेश में मेघमय रहेगा आकाश, जानिए आपके जिले में कैसा रहेगा मौसम का मिजाज

मौसम विज्ञान केंद्र रायपुर द्वारा जारी बुलेटिन के अनुसार प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम वर्षा की संभावना है, जबकि कुछ विशिष्ट क्षेत्रों के लिए आकाशीय बिजली गिरने की चेतावनी जारी की गई है।







रायपुर, 11 जुलाई 2026 : छत्तीसगढ़ में दक्षिण-पश्चिम मानसून की सक्रियता लगातार बनी हुई है। मौसम विभाग के ताजा अनुमानों के मुताबिक प्रांतीय राजधानी रायपुर समेत छत्तीसगढ़ के सभी संभागों में आज आसमान आमतौर पर बादलों से घिरा रहेगा। पिछले 24 घंटों के दौरान राज्य के अधिकांश हिस्सों में दर्ज की गई मानसूनी फुहारों के बाद वातावरण में नमी का स्तर बढ़ गया है, जिससे उमस भरी गर्मी से लोगों को काफी राहत मिली है।

मौसम विज्ञान केंद्र रायपुर (लालपुर) द्वारा जारी आधिकारिक बुलेटिन के अनुसार, उत्तर-मध्य उत्तर प्रदेश पर बना कम दबाव का क्षेत्र अब धीरे-धीरे कमजोर हो रहा है, लेकिन इसके प्रभाव से आ रही नमी और मानसून द्रोणिका की सक्रियता के कारण राज्य में बारिश की गतिविधियां निरंतर जारी रहेंगी।

खेती-किसानी पर मौसम का प्रभाव और मंडियों में सब्जी व अनाज के दाम

फसलों पर प्रभाव: वर्तमान मानसूनी सीजन में रुक-रुक कर हो रही हल्की से मध्यम बारिश छत्तीसगढ़ के धान उत्पादक किसानों के लिए संजीवनी साबित हो रही है। मैदानी इलाकों और बस्तर-सरगुजा संभाग में खरीफ फसलों की बुआई और रोपाई का काम तेजी से आगे बढ़ रहा है। कृषि वैज्ञानिकों का कहना है कि यह मौसम धान की शुरुआती बढ़वार के लिए बेहद अनुकूल है, लेकिन जिन खेतों में जल निकासी की सही व्यवस्था नहीं है, वहां जलभराव से पौधों को नुकसान पहुंच सकता है।

सब्जी व अनाज के दाम: राजधानी रायपुर की थोक मंडी (डूमरतराई) सहित बिलासपुर और दुर्ग की मंडियों में बारिश के चलते हरी सब्जियों की आवक में आंशिक कमी दर्ज की गई है। लगातार नमी के कारण टमाटर, धनिया पत्ती, मिर्च और पत्तेदार सब्जियों के खराब होने की आशंका बढ़ गई है, जिससे खुदरा बाजार में इनके दामों में 15 से 20 प्रतिशत तक की तेजी देखी जा रही है। वहीं दूसरी ओर, मुख्य अनाजों जैसे धान और दलहन की कीमतों में स्थिरता बनी हुई है, क्योंकि मंडियों में पुराना स्टॉक पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है और नई फसल आने में अभी समय है।

रायपुर शहर के मौसम से जुड़े प्रमुख आंकड़े

मौसम घटकविवरण और सटीक अनुमान
अधिकतम तापमान33 डिग्री सेल्सियस
न्यूनतम तापमान27 डिग्री सेल्सियस
सूर्योदय का समयप्रातः 05:30 बजे
सूर्यास्त का समयसायं 06:50 बजे
हवा की गति व दिशा05 से 10 किमी/घंटा, दक्षिण-पश्चिमी और पश्चिमी
आर्द्रता (Humidity)सुबह 85% और शाम को 70% के आसपास
बारिश की संभावनादोपहर के बाद या शाम को गरज-चमक के साथ बौछारें

छत्तीसगढ़ के अन्य जिलों का हाल और बारिश की मात्रा

रायपुर के अलावा प्रदेश के अन्य जिलों में भी मानसूनी गतिविधियां सक्रिय रहेंगी। दुर्ग, भिलाई, बिलासपुर और कोरबा में हल्की से मध्यम वर्षा होने का अनुमान है। सरगुजा और बस्तर संभाग के वनांचल क्षेत्रों में बारिश की तीव्रता मैदानी इलाकों की तुलना में थोड़ी अधिक रह सकती है। पिछले रिकॉर्ड के अनुसार रघुनाथनगर, कुसमी, बड़े बचेली, सरोना, लैलूंगा और अंबिकापुर के इलाकों में 3 से 5 सेंटीमीटर तक वर्षा दर्ज की गई है, और आज भी इन क्षेत्रों में समान रूप से वर्षा की निरंतरता बनी रह सकती है।

राज्य के दक्षिणी हिस्से यानी सुकमा, बीजापुर और दंतेवाड़ा में भी घने बादल छाए रहेंगे और कुछ स्थानों पर गरज-चमक के साथ तेज बौछारें पड़ने की संभावना जताई गई है। तापमान की बात करें तो राजनांदगांव में न्यूनतम तापमान 23 डिग्री सेल्सियस तक गिरने से रात में मौसम काफी सुहावना रहेगा, जबकि पूरे प्रदेश में अधिकतम तापमान 31 से 34 डिग्री सेल्सियस के बीच बने रहने की संभावना है।

जिलों के अनुसार जारी किए गए आधिकारिक अलर्ट

अलर्ट का प्रकारप्रभावित क्षेत्र / जिलेसंभावित प्रभाव और सुरक्षा निर्देश
रेड अलर्ट (अत्यधिक भारी वर्षा)प्रदेश के किसी भी जिले में जारी नहींकोई तात्कालिक बाढ़ या गंभीर खतरा नहीं है।
ऑरेंज अलर्ट (भारी वर्षा)प्रदेश के किसी भी जिले में जारी नहींमौसम सामान्य रूप से मानसूनी बना हुआ है।
येलो अलर्ट (गरज-चमक और वज्रपात)रायपुर, बिलासपुर, दुर्ग, राजनांदगांव, कबीरधाम, जांजगीर-चांपा, मुंगेली, कोरबा, सरगुजा, जशपुर, बस्तर, कोंडागांव और कांकेरएक दो स्थानों पर आकाशीय बिजली गिरने की आशंका। सुरक्षित स्थानों पर रहें।

आम जनता के लिए मौसम विभाग की सामान्य चेतावनी और सुझाव

येलो अलर्ट और आकाशीय बिजली की आशंका को देखते हुए मौसम वैज्ञानिकों ने आम जनता के लिए कुछ बेहद जरूरी दिशा-निर्देश जारी किए हैं। जब भी आसमान में बिजली कड़क रही हो या तेज आंधी चल रही हो, तो खेतों में काम करने वाले किसान भाई तुरंत सुरक्षित स्थानों या पक्के मकानों में शरण लें। बड़े पेड़ों, बिजली के खंभों और जल स्रोतों के पास खड़े होने से पूरी तरह बचें, क्योंकि इन स्थानों पर बिजली गिरने का खतरा सबसे अधिक होता है।

शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों के वाहन चालकों को सलाह दी जाती है कि वे बारिश के दौरान दृश्यता कम होने पर वाहनों की गति नियंत्रित रखें। इसके अलावा, मौसमी बीमारियों जैसे डायरिया, मलेरिया और डेंगू से बचाव के लिए पीने के पानी को उबालकर इस्तेमाल करें और अपने आस-पास जलभराव न होने दें।

अस्वीकरण (Disclaimer): यह मौसम पूर्वानुमान भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) और मौसम विज्ञान केंद्र रायपुर द्वारा जारी आधिकारिक आंकड़ों और बुलेटिन पर आधारित है। मौसम की प्रणालियों में स्थानीय स्तर पर बदलाव संभव है, जिसके कारण बारिश के समय और मात्रा में आंशिक अंतर आ सकता है। www.the4thpillar.live मौसम में होने वाले किसी भी तात्कालिक और अप्रत्याशित परिवर्तन के कारण होने वाले नुकसान की जिम्मेदारी नहीं लेता है। यात्रा या कृषि संबंधी महत्वपूर्ण निर्णय लेने से पहले मौसम विभाग की आधिकारिक वेबसाइट पर लाइव अपडेट अवश्य चेक करें।

Richa Sahay

ऋचा सहाय — पत्रकारिता और न्याय जगत की एक सशक्त आवाज़, जिनका अनुभव दोनों क्षेत्रों में अद्वितीय है। वर्तमान में The 4th Pillar की वरिष्ठ समाचार संपादक के रूप में कार्यरत ऋचा सहाय दशकों से राजनीति, समाज, खेल, व्यापार और क्राइम जैसी विविध विषयों पर बेबाक, तथ्यपूर्ण और संवेदनशील लेखन के लिए जानी जाती हैं। उनकी लेखनी की सबसे खास बात है – जटिल मुद्दों को सरल, सुबोध भाषा में इस तरह प्रस्तुत करना कि पाठक हर पहलू को सहजता से समझ सकें।पत्रकारिता के साथ-साथ ऋचा सहाय एक प्रतिष्ठित वकील भी हैं। LLB और MA Political Science की डिग्री के साथ, उन्होंने क्राइम मामलों में गहरी न्यायिक समझ और विश्लेषणात्मक दृष्टिकोण स्थापित किया है। उनके अनुभव की गहराई न केवल अदालतों की बहसों में दिखाई देती है, बल्कि पत्रकारिता में उनके दृष्टिकोण को भी प्रभावशाली बनाती है।दोनों क्षेत्रों में वर्षों की तपस्या और सेवा ने ऋचा सहाय को एक ऐसा व्यक्तित्व बना दिया है जो ज्ञान, निडरता और संवेदनशीलता का प्रेरक संगम है।

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