CG Weather Update Today: छत्तीसगढ़ के अधिकांश हिस्सों में झमाझम बारिश के आसार, उमस से मिलेगी राहत, देखें तापमान तालिका
छत्तीसगढ़ में मानसून के पूरी तरह सक्रिय होने के साथ ही मौसम विभाग ने 12 जुलाई 2026 को रायपुर, बस्तर और सरगुजा संभाग के कई जिलों में गरज-चमक के साथ भारी बारिश और आकाशीय बिजली गिरने की चेतावनी जारी की है।

Chhattisgarh Weather Update: छत्तीसगढ़ में मानसून की रफ्तार तेज, मौसम विभाग का अलर्ट
छत्तीसगढ़ में मानसून की सक्रियता एक बार फिर बढ़ गई है, जिससे प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में झमाझम बारिश का दौर शुरू हो चुका है। मौसम विज्ञान केंद्र (IMD Raipur) के अनुसार, बंगाल की खाड़ी से आ रही ठंडी और नम हवाओं के कारण राज्य के ऊपर एक मजबूत चक्रवाती तंत्र सक्रिय हो गया है। इसके प्रभाव से आगामी 24 से 48 घंटों के भीतर राजधानी रायपुर सहित प्रदेश के दक्षिणी और उत्तरी इलाकों में भारी से अत्यधिक भारी बारिश होने की प्रबल संभावना है।
इस मानसूनी बारिश से जहां एक ओर आम जनता को उमस भरी गर्मी से बड़ी राहत मिली है, वहीं दूसरी ओर किसानों के चेहरों पर भी मुस्कान लौट आई है। जून के महीने में कोटे से कम हुई बारिश की भरपाई अब जुलाई के इस दूसरे सप्ताह में तेजी से हो रही है। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि आने वाले दिनों में बारिश की तीव्रता और अधिक बढ़ सकती है, जिससे नदी-नालों का जलस्तर भी बढ़ जाएगा।
संभाग अनुसार मौसम का हाल और चेतावनी
छत्तीसगढ़ के भौगोलिक ढांचे के अनुसार, मौसम का मिजाज अलग-अलग संभागों में भिन्न नजर आ रहा है। मौसम विभाग ने बस्तर और रायपुर संभाग के लिए विशेष तौर पर ‘ऑरेंज अलर्ट’ जारी किया है, जबकि सरगुजा और बिलासपुर संभाग में आकाशीय बिजली गिरने की आशंका को देखते हुए ‘येलो अलर्ट’ प्रभावी किया गया है।
रायपुर और दुर्ग संभाग (Raipur and Durg Division)
राजधानी रायपुर और दुर्ग संभाग के जिलों में सुबह से ही आसमान में घने काले बादल छाए रहेंगे। दिन में दो से तीन बार तेज हवाओं के साथ भारी बौछारें पड़ने की संभावना जताई गई है। इन क्षेत्रों में अधिकतम तापमान में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की जा सकती है, जिससे मौसम खुशनुमा बना रहेगा। हालांकि, निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति उत्पन्न होने की भी आशंका जताई गई है।
बस्तर संभाग (Bastar Division)
दक्षिण छत्तीसगढ़ यानी बस्तर संभाग के सुकमा, दंतेवाड़ा, बीजापुर और जगदलपुर जिलों में मानसून इस समय अपने पूरे शबाब पर है। बंगाल की खाड़ी से सबसे नजदीक होने के कारण इन जिलों में मूसलाधार बारिश का दौर जारी रहने की उम्मीद है। अंदरूनी इलाकों के नदी-नाले उफान पर आ सकते हैं, जिसके चलते जिला प्रशासन को अलर्ट मोड पर रहने के निर्देश दिए गए हैं।
सरगुजा और बिलासपुर संभाग (Surguja and Bilaspur Division)
उत्तर छत्तीसगढ़ के सरगुजा, सूरजपुर, बलरामपुर और कोरिया जिलों में पिछले कुछ दिनों से मानसून थोड़ा कमजोर था, लेकिन अब वहां भी सिस्टम सक्रिय हो गया है। मौसम विभाग ने इन क्षेत्रों में गरज-चमक के साथ मध्यम से भारी बारिश की भविष्यवाणी की है। सबसे महत्वपूर्ण चेतावनी आकाशीय बिजली (Vajrapat) को लेकर है, जिसके चलते लोगों को खुले खेतों या पेड़ों के नीचे न जाने की सलाह दी गई है।
प्रमुख शहरों का संभावित तापमान और मौसम की स्थिति
पाठकों की सुविधा के लिए छत्तीसगढ़ के प्रमुख शहरों के अधिकतम और न्यूनतम तापमान के साथ-साथ वहां की संभावित मौसमी गतिविधियों को नीचे दी गई तालिका में स्पष्ट किया गया है:
| शहर का नाम | अधिकतम तापमान (°C) | न्यूनतम तापमान (°C) | आर्द्रता (%) | मौसमी गतिविधि / चेतावनी |
|---|---|---|---|---|
| रायपुर (Raipur) | 32°C | 25°C | 85% | घने बादल, तेज हवाओं के साथ भारी बारिश |
| बिलासपुर (Bilaspur) | 33°C | 26°C | 80% | गरज-चमक के साथ मध्यम वर्षा, बिजली का अलर्ट |
| दुर्ग-भिलाई (Durg-Bhilai) | 31°C | 25°C | 88% | झमाझम बारिश, ठंडी हवाएं चलने के आसार |
| जगदलपुर (Jagdalpur) | 29°C | 23°C | 92% | मूसलाधार बारिश की संभावना, ऑरेंज अलर्ट |
| अंबिकापुर (Ambikapur) | 30°C | 24°C | 82% | आकाशीय बिजली चमकने के साथ मध्यम वर्षा |
| कोरबा (Korba) | 32°C | 26°C | 78% | बादल छाए रहेंगे, दोपहर बाद तेज बौछारें |
| रायगढ़ (Raigarh) | 33°C | 25°C | 81% | गरज-चमक के साथ एक या दो बार भारी बारिश |
आकाशीय बिजली और वज्रपात से बचाव के उपाय
जुलाई के महीने में मानसूनी बारिश के साथ-साथ आकाशीय बिजली गिरने की घटनाएं सबसे ज्यादा सामने आती हैं। मौसम विज्ञान केंद्र ने ग्रामीण इलाकों के नागरिकों और विशेषकर खेतों में काम करने वाले किसानों के लिए एक विशेष गाइडलाइन जारी की है। जब भी आसमान में बादलों की गड़गड़ाहट तेज हो, तो तुरंत सुरक्षित स्थानों पर शरण लें।
- पेड़ों से दूरी बनाएं: बिजली कड़कने के दौरान कभी भी किसी बड़े या अकेले पेड़ के नीचे खड़े न हों, क्योंकि ऊंचे पेड़ों पर बिजली गिरने की संभावना सबसे अधिक होती है।
- इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों का उपयोग टालें: घर के भीतर रहने पर भी बिजली के उपकरणों के प्लग निकाल दें और मोबाइल का उपयोग तब तक न करें जब तक बहुत जरूरी न हो।
- धातु की वस्तुओं से दूर रहें: साइकिल, ट्रैक्टर, लोहे के खंभे या किसी भी धातु की बाड़ से खुद को दूर रखें, क्योंकि ये बिजली के सुचालक होते हैं।
कृषि और किसानों के लिए मौसम विभाग की सलाह
यह समय छत्तीसगढ़ के किसानों के लिए खरीफ फसलों, विशेषकर धान की बुआई और रोपाई का मुख्य समय है। मौसम विभाग का कहना है कि वर्तमान में हो रही बारिश धान की फसल के लिए अमृत के समान है। जिन इलाकों में अभी तक पानी की कमी थी, वहां किसान भाई अब तेजी से अपनी रोपाई का कार्य पूरा कर सकते हैं।
हालांकि, जिन खेतों में अत्यधिक पानी जमा हो गया है, वहां जल निकासी की उचित व्यवस्था करने की सलाह दी गई है। इसके अलावा, तेज बारिश के दौरान फसलों में किसी भी प्रकार के कीटनाशक या उर्वरक का छिड़काव न करें, क्योंकि पानी के बहाव में वे बह जाएंगे और आपकी लागत बेकार हो जाएगी। पशुपालकों को भी अपने मवेशियों को जलभराव वाले स्थानों और कच्चे शेड से दूर रखने को कहा गया है।



