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पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल का आरोप: किसानों से प्रति कट्टा 1 किलो अतिरिक्त धान की वसूली, एग्रीस्टेक के नाम पर हजारों हेक्टेयर रकबा कटा

राजनीतिक प्रतिशोध: चैतन्य बघेल के खिलाफ चार्जशीट को बताया छवि धूमिल करने की साजिश।





रायपुर । ​पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने आज एक विशेष पत्रकार वार्ता को संबोधित करते हुए प्रदेश की भाजपा सरकार पर चौतरफा हमला बोला। उन्होंने धान खरीदी में व्याप्त अव्यवस्था, किसानों के शोषण, महिलाओं के प्रति बढ़ते अपराध और राजनीतिक प्रतिशोध जैसे गंभीर मुद्दों पर सरकार की कार्यप्रणाली को कठघरे में खड़ा किया।

किसानों के साथ ‘षड्यंत्र’ और अतिरिक्त धान की वसूली

धान खरीदी की स्थिति पर चिंता व्यक्त करते हुए बघेल ने कहा कि सरकार जानबूझकर धान कम खरीदने का षड्यंत्र रच रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि एग्रीस्टेक पोर्टल की खामियों के कारण हजारों किसानों का लाखों हेक्टेयर रकबा कट गया है। “ऑनलाइन पोर्टल महज दो मिनट में बंद हो रहा है, जबकि ऑफलाइन माध्यम में अपने चहेतों को फायदा पहुँचाने के लिए सांठगांठ की जा रही है।”

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​पूर्व मुख्यमंत्री ने एक गंभीर तथ्य उजागर करते हुए कहा कि खरीदी केंद्रों पर किसानों से प्रति कट्टा 1 किलो अतिरिक्त धान लिया जा रहा है। उन्होंने चुनौती दी कि यदि केंद्रों पर राजनीतिक दलों की मौजूदगी में भौतिक सत्यापन कराया जाए, तो हर केंद्र पर औसतन 500 कट्टा अतिरिक्त धान मिलेगा। उन्होंने कहा कि मिलरों के साथ एग्रीमेंट न होने के कारण उठाव बाधित है, जिससे सोसायटियों में जगह नहीं बची है।

धर्मांतरण और कांकेर बंद पर सरकार का रुख स्पष्ट हो

कांकेर में धर्मांतरण के मुद्दे और बंद के आह्वान पर श्री बघेल ने कहा कि कांग्रेस जबरिया धर्मांतरण के सख्त खिलाफ है, लेकिन भाजपा इस पर राजनीति कर रही है। उन्होंने सवाल किया कि भाजपा सरकार आने के बाद ही ऐसी घटनाएं और तनाव क्यों बढ़े? उन्होंने सरकार से अपना रवैया स्पष्ट करने की मांग की।

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महतारी गौरव वर्ष: “सम्मान नहीं, अपमान कर रही सरकार”

राज्य सरकार द्वारा अगले साल को ‘महतारी गौरव वर्ष’ घोषित करने के निर्णय पर तंज कसते हुए उन्होंने कहा कि यह महज दिखावा है। 30 लाख महिलाओं का नाम राशन कार्ड से काट दिया गया है और महतारी वंदन योजना के नाम पर प्रदेश की महिलाओं को धोखा दिया जा रहा है। गोधन न्याय योजना और रीपा जैसी योजनाओं को बंद कर महिलाओं के स्वरोजगार पर प्रहार किया गया है। बढ़ते अपराधों के बीच गौरव वर्ष मनाना हास्यास्पद है।

झीरम और नक्सलियों से सांठगांठ पर नड्डा को जवाब

जेपी नड्डा के बयान पर पलटवार करते हुए बघेल ने कहा कि नक्सलियों से सांठगांठ हमेशा भाजपा की रही है। उन्होंने याद दिलाया कि भाजपा के शासन में नक्सली उनके मुख्यालय (एकात्म परिसर) से लेवी मांगते थे। उन्होंने स्पष्ट कहा कि झीरम कांड एक राजनीतिक और आपराधिक षड्यंत्र था, जिससे भाजपा को सीधा फायदा हुआ। भाजपा ने हमेशा एनआईए की जांच को प्रभावित करने और सच को रोकने का काम किया है।

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पारिवारिक उत्पीड़न और झूठे आरोप

बेटे चैतन्य बघेल के खिलाफ पेश चार्जशीट को उन्होंने “सेंसेशन” पैदा करने की कोशिश बताया। उन्होंने कहा कि 6 सप्लीमेंट्री चार्जशीट में जिसका नाम नहीं था, उसे अब जबरन घसीटा जा रहा है। फरार और संदिग्ध लोगों के बयानों के आधार पर परिवार की छवि खराब की जा रही है। उन्होंने कहा कि एजेंसियां खुद भ्रमित हैं कि घोटाला 200 करोड़ का है या 2100 करोड़ का, जो साबित करता है कि यह केवल राजनीतिक प्रतिशोध है।

Richa Sahay

ऋचा सहाय — पत्रकारिता और न्याय जगत की एक सशक्त आवाज़, जिनका अनुभव दोनों क्षेत्रों में अद्वितीय है। वर्तमान में The 4th Pillar की वरिष्ठ समाचार संपादक के रूप में कार्यरत ऋचा सहाय दशकों से राजनीति, समाज, खेल, व्यापार और क्राइम जैसी विविध विषयों पर बेबाक, तथ्यपूर्ण और संवेदनशील लेखन के लिए जानी जाती हैं। उनकी लेखनी की सबसे खास बात है – जटिल मुद्दों को सरल, सुबोध भाषा में इस तरह प्रस्तुत करना कि पाठक हर पहलू को सहजता से समझ सकें।पत्रकारिता के साथ-साथ ऋचा सहाय एक प्रतिष्ठित वकील भी हैं। LLB और MA Political Science की डिग्री के साथ, उन्होंने क्राइम मामलों में गहरी न्यायिक समझ और विश्लेषणात्मक दृष्टिकोण स्थापित किया है। उनके अनुभव की गहराई न केवल अदालतों की बहसों में दिखाई देती है, बल्कि पत्रकारिता में उनके दृष्टिकोण को भी प्रभावशाली बनाती है।दोनों क्षेत्रों में वर्षों की तपस्या और सेवा ने ऋचा सहाय को एक ऐसा व्यक्तित्व बना दिया है जो ज्ञान, निडरता और संवेदनशीलता का प्रेरक संगम है।

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